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4 min read | अपडेटेड June 01, 2026, 07:34 IST
सारांश
1 जून से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम फिर बढ़ गए हैं। दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है। कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, घरेलू रसोई गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और सीएनजी के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी।
1 जून से आम जनता और व्यापारियों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट, होटल, कैटरर्स और हजारों छोटे बिजनेस मालिकों पर दबाव बहुत बढ़ गया है, जो अपने रोजाना के ऑपरेशन के लिए पूरी तरह कुकिंग गैस पर निर्भर हैं। दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब इसकी रिटेल कीमत 3,113.50 रुपये हो गई है। वहीं कोलकाता में यह बढ़ोतरी और भी ज्यादा रही, जहां दाम 53.50 रुपये बढ़कर 3,255.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गए हैं। हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरेलू बजट को राहत मिली है।
यह नई बढ़ोतरी एक बड़ी कहानी का छोटा सा हिस्सा है क्योंकि इस साल की शुरुआत से ही कमर्शियल एलपीजी के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। जनवरी के महीने में दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत सिर्फ 1,691.50 रुपये थी। इसके बाद आने वाले महीनों में लगातार हुए बदलावों के कारण यह कीमत अब 3,113.50 रुपये तक आ पहुंची है। फरवरी में दामों में 49 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि मार्च में कीमतें 115 रुपये और बढ़ा दी गईं। इसके बाद सबसे बड़ा झटका अप्रैल में लगा, जब एक ही बार में सिलेंडर के दाम 993 रुपये बढ़ा दिए गए। मई में भी कीमतें ऊंची बनी रहीं और अब जून में एक बार फिर इसमें बढ़ोतरी देखी गई है। इसका नतीजा यह हुआ है कि महज पांच महीनों के भीतर कमर्शियल एलपीजी की लागत लगभग दोगुनी हो चुकी है।
कमर्शियल एलपीजी के दामों में हुई इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ दिल्ली या कोलकाता तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के दूसरे बड़े शहरों में भी कीमतें काफी बढ़ गई हैं। आर्थिक राजधानी मुंबई में अब 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 3,024.50 रुपये हो गई है। चेन्नई में यह दाम बढ़कर 3,232 रुपये पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा हैदराबाद और पटना देश के सबसे महंगे मार्केट में शामिल हो गए हैं, जहां कमर्शियल सिलेंडर के दाम क्रमशः 3,294 रुपये और 3,322 रुपये तक पहुंच चुके हैं। देश भर में हो रही यह बढ़ोतरी किसी स्थानीय कारण से नहीं, बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में हो रहे बदलावों की वजह से है। इसी के साथ दिल्ली में 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर के दाम भी 11 रुपये बढ़ाए गए हैं, जिससे अब यह 821.50 रुपये का मिलेगा।
कारोबारियों को केवल एलपीजी के मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन के मोर्चे पर भी महंगाई झेलनी पड़ रही है। दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में सीएनजी के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिए गए हैं, जिससे अब सीएनजी की नई दर 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। पिछले दो हफ्तों से कम समय में यह चौथी बढ़ोतरी है और 15 मई से अब तक सीएनजी कुल 6 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ा दिए हैं। हाल के हफ्तों में पेट्रोल के दाम 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 7.53 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं। जो बिजनेस ट्रांसपोर्टेशन और कुकिंग गैस दोनों पर निर्भर हैं, उनके लिए यह बड़ा झटका है।
कमर्शियल एलपीजी के दामों में आ रही इस भारी तेजी के पीछे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें हैं। मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव, खासकर ईरान से जुड़े संकट और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती परेशानियों के कारण एनर्जी सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। इस वजह से दुनिया भर में एलपीजी के दाम बढ़ गए हैं और नए कार्गो की सप्लाई मिलना मुश्किल हो गया है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों से होने वाले इम्पोर्ट पर निर्भर है। भारत ने कच्चे तेल और नेचुरल गैस के लिए दूसरे विकल्प तलाश लिए हैं, लेकिन एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है। कमर्शियल कस्टोमर को इस सप्लाई संकट का सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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