return to news
  1. PM धन-धान्य कृषि योजना को कैबिनेट से मिल गई मंजूरी, ₹24,000 करोड़ के सालाना खर्च से किसानों को ऐसे मिलेगी मदद

बिजनेस न्यूज़

PM धन-धान्य कृषि योजना को कैबिनेट से मिल गई मंजूरी, ₹24,000 करोड़ के सालाना खर्च से किसानों को ऐसे मिलेगी मदद

Upstox

3 min read | अपडेटेड July 16, 2025, 15:34 IST

सारांश

केंद्रीय बजट में इस योजना की घोषणा की गई थी। इसमें 36 मौजूदा योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा। यह योजना फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की स्वीकार्यता को बढ़ावा देने पर जोर देगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई।

पीएम धन-धान्य कृषि योजना

पीएम धन-धान्य कृषि योजना को कैबिनेट से मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को छह साल के लिए ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मंजूरी दे दी। इसमें 24,000 करोड़ रुपये के सालाना खर्च के साथ 100 जिलों को शामिल किया जाएगा। केंद्रीय बजट में इस योजना की घोषणा की गई थी। इसमें 36 मौजूदा योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा। यह योजना फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की स्वीकार्यता को बढ़ावा देने पर जोर देगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाएगी, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करेगी और कृषि उत्पादकता को बढ़ाएगी। इस योजना के लिए सालाना 24,000 करोड़ रुपये का एलॉटमेंट किया जाएगा। छह साल तक चलने वाली इस योजना के दायरे में देश के 100 जिले शामिल किए जाएंगे। इस कृषि प्रोत्साहन योजना से करीब 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

इस योजना के तहत, कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और कम ऋण वितरण के आधार पर 100 जिलों की पहचान की जाएगी। हर राज्य से कम से कम एक जिले का चयन कम उत्पादकता, मध्यम फसल घनत्व और औसत से कम ऋण पहुंच के मानदंडों के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में जिलों की संख्या उनके शुद्ध फसल क्षेत्र और परिचालन जोत के हिस्से पर आधारित होगी। यह योजना 11 विभागों की 36 मौजूदा योजनाओं, राज्य योजनाओं और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी के अभिसरण के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी।

इस कार्यक्रम के तहत, प्रत्येक जिला स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल फसल पैटर्न और संबद्ध गतिविधियों के व्यापक परामर्श और आकलन के बाद, जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली डीडीकेवाई समिति के माध्यम से एक जिला कृषि और संबद्ध गतिविधियां योजना तैयार करेगा। प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी, जबकि क्षेत्रीय दौरे, समीक्षा और निगरानी के लिए केंद्रीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। प्रत्येक जिले की प्रगति की निगरानी एक समर्पित डैशबोर्ड के जरिए 117 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर मासिक रूप से की जाएगी।

नीति आयोग समग्र मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण प्रदान करेगा, और प्रत्येक जिले को एक केंद्रीय या राज्य कृषि विश्वविद्यालय तकनीकी ज्ञान भागीदार के रूप में सौंपा जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इन 100 जिलों में सुधार से प्रमुख संकेतकों के राष्ट्रीय औसत में वृद्धि होगी, जिससे उत्पादकता में वृद्धि, मूल्यवर्धन, स्थानीय आजीविका सृजन और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में अधिक आत्मनिर्भरता आएगी।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख