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  1. Wholesale Inflation: थोक मुद्रास्फीति जून में 19 माह बाद शून्य से नीचे 0.13% पर, खाने-पीने की चीजों के दाम घटे

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Wholesale Inflation: थोक मुद्रास्फीति जून में 19 माह बाद शून्य से नीचे 0.13% पर, खाने-पीने की चीजों के दाम घटे

Upstox

2 min read | अपडेटेड July 14, 2025, 16:47 IST

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सारांश

थोक महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार, जून में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में 3.75 फीसदी की गिरावट आई जबकि मई में इनमें 1.56 फीसदी की गिरावट आई थी। सब्जियों की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। जून में सब्जियों के दाम 22.65 फीसदी घट गए।

Wholesale Inflation

Wholesale Inflation: थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति मई में 0.39 फीसदी थी।

Wholesale Inflation: थोक मुद्रास्फीति 19 माह बाद शून्य से नीचे आ गई है। जून में यह -0.13 फीसदी पर रही है। खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में गिरावट के साथ विनिर्मित उत्पादों की लागत में कमी आने के चलते थोक मुद्रास्फीति में यह गिरावट देखी गई। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति मई में 0.39 फीसदी और जून, 2024 में 3.43 फीसदी के स्तर पर रही थी।
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उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘जून, 2025 में मुद्रास्फीति में कमी की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों, खनिज तेलों, मूल धातुओं के विनिर्माण, कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस की कीमतों में नरमी रही।’’

थोक महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार, जून में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में 3.75 फीसदी की गिरावट आई जबकि मई में इनमें 1.56 फीसदी की गिरावट आई थी। सब्जियों की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। जून में सब्जियों के दाम 22.65 फीसदी घट गए। मई में सब्जियों की महंगाई दर 21.62 फीसदी घटी थी। विनिर्मित उत्पादों के मामले में मुद्रास्फीति 1.97 फीसदी रही, जबकि मई में यह 2.04 प्रतिशत थी। ईंधन और बिजली में जून में यह 2.65 फीसदी रही, जो मई में 2.27 फीसदी रही थी।

उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा कि लगातार सात महीनों से थोक मुद्रास्फीति में नरमी भारत में उच्च आर्थिक वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है। जैन ने कहा, ‘‘ भविष्य में घरेलू मांग में वृद्धि, सामान्य मानसून की उम्मीद और देश में मजबूत समग्र आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए हमारा अनुमान है कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद आने वाले महीनों में थोक मुद्रास्फीति मध्यम बनी रहेगी।’’

रेटिंग एजेंसी इक्रा के सीनियर अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि जुलाई, 2025 में खाद्य कीमतों में मौसमी क्रमिक वृद्धि अबतक अपेक्षाकृत मामूली रही है जिससे खाद्य कीमतों में नरमी बने रहने का अनुमान है जबतक कि महीने के शेष दिनों में सब्जियों आदि की कीमतों में असामान्य वृद्धि न हो।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्य रुप से खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है। खुदरा मुद्रास्फीति के जून के आंकड़े आज दिन में जारी किए जाएंगे। आरबीआई ने मुद्रास्फीति में नरमी के बीच पिछले महीने प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.50 फीसदी की भारी कटौती करके उसे 5.50 प्रतिशत कर दिया था।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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