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  1. हवाई मुसाफिरों को तगड़ा झटका, एयर इंडिया ने डोमेस्टिक और इंटरनेशनल उड़ानों पर बढ़ाया किराया

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हवाई मुसाफिरों को तगड़ा झटका, एयर इंडिया ने डोमेस्टिक और इंटरनेशनल उड़ानों पर बढ़ाया किराया

Upstox

4 min read | अपडेटेड March 11, 2026, 07:29 IST

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सारांश

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 12 मार्च से डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल आया है। डोमेस्टिक टिकटों पर 399 रुपये और इंटरनेशनल रूट पर दूरी के हिसाब से चार्ज बढ़ेंगे।

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एयर इंडिया के विमान अब नई फ्यूल सरचार्ज दरों के साथ उड़ान भरेंगे।

एयर इंडिया से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और थोड़ी परेशान करने वाली खबर सामने आई है। अगर आप आने वाले दिनों में कहीं घूमने या काम से जाने का प्लान बना रहे हैं, तो अब आपको अपनी जेब पहले के मुकाबले ज्यादा ढीली करनी होगी। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का बड़ा फैसला किया है। यह नया बदलाव 12 मार्च 2026 से लागू होने जा रहा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से जेट फ्यूल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जिसके बाद एयरलाइन ने यह कदम उठाना जरूरी समझा है ताकि ऑपरेशन को सही तरीके से चलाया जा सके।

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डोमेस्टिक और सार्क देशों के लिए नया चार्ज

एयर इंडिया की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, फ्यूल सरचार्ज को अलग-अलग फेज में लागू किया जाएगा। पहले फेज के तहत, 12 मार्च से हर डोमेस्टिक फ्लाइट टिकट पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। यही नियम सार्क देशों के लिए जाने वाली उड़ानों पर भी लागू होगा। वेस्ट एशिया यानी खाड़ी देशों की उड़ानों के लिए यह सरचार्ज 10 डॉलर तय किया गया है। वहीं, अफ्रीका जाने वाली उड़ानों के लिए चार्ज में 30 डॉलर से लेकर 90 डॉलर तक की बढ़ोतरी की गई है। साउथ ईस्ट एशिया की सर्विसेज के लिए भी ग्राहकों को अब 20 डॉलर से 60 डॉलर तक ज्यादा भुगतान करना होगा। इसमें सिंगापुर की उड़ानें भी शामिल हैं, जहां अब तक कोई फ्यूल सरचार्ज नहीं लगता था, लेकिन अब वहां भी यह लागू होगा।

यूरोप और अमेरिका जाना भी हुआ काफी महंगा

दूसरे फेज की शुरुआत 18 मार्च से होगी, जो लंबी दूरी की उड़ानों पर असर डालेगी। इसमें यूरोप, नॉर्थ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली फ्लाइट्स के किरायों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यूरोप की उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज 100 डॉलर से बढ़ाकर 125 डॉलर कर दिया गया है। इसी तरह नॉर्थ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए यह चार्ज 150 डॉलर से बढ़ाकर सीधा 200 डॉलर कर दिया गया है। एयरलाइन का कहना है कि जेट फ्यूल की कीमतें एयरलाइन के कुल ऑपरेशन कॉस्ट का करीब 40 पर्सेंट हिस्सा होती हैं। ऐसे में कीमतों में हुई इस भारी बढ़ोतरी की वजह से एयरलाइन के आर्थिक संतुलन पर काफी दबाव पड़ रहा है।

आखिर क्यों बढ़ाए गए हवाई टिकट के दाम?

एयर इंडिया ने साफ किया है कि जेट फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतों में मार्च 2026 की शुरुआत से ही काफी तेजी देखी जा रही है। गल्फ रीजन में चल रही जियोपॉलिटिकल सिचुएशन की वजह से फ्यूल सप्लाई में काफी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट में दाम बढ़ गए हैं। भारत में दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों में एटीएफ पर लगने वाली भारी एक्साइज ड्यूटी और वैट की वजह से यह लागत और ज्यादा बढ़ गई है। एयरलाइन का कहना है कि अगर यह फ्यूल सरचार्ज नहीं लगाया जाता, तो कई उड़ानों का ऑपरेशन कॉस्ट निकालना नामुमकिन हो जाता और मजबूरी में कई फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ता।

किन लोगों पर नहीं पड़ेगा इस बढ़ोतरी का असर?

राहत की बात सिर्फ उन लोगों के लिए है जिन्होंने 12 मार्च से पहले ही अपने टिकट बुक करवा लिए हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि जिन टिकटों को तय समय से पहले इशू किया जा चुका है, उन पर नया सरचार्ज नहीं लिया जाएगा। हालांकि, अगर कोई कस्टमर अपने पुराने टिकट की तारीख या रूट में कोई बदलाव करवाता है, तो उसे नए रेट के हिसाब से किराए का कैलकुलेशन दोबारा करवाना होगा और सरचार्ज देना होगा। फिलहाल इंडिगो, स्पाइसजेट और आकासा एयर की तरफ से सरचार्ज को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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