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  1. फॉर्म 173A क्या है? विदेशी निवेशकों के लिए CBDT का नया टैक्स नियम, हर एक डीटेल यहां

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फॉर्म 173A क्या है? विदेशी निवेशकों के लिए CBDT का नया टैक्स नियम, हर एक डीटेल यहां

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड October 21, 2026, 09:16 IST

सारांश

वित्त मंत्रालय की ओर से 19 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के तहत आयकर नियम, 2026 में संशोधन किया गया है। नए नियम के मुताबिक, निर्धारित कैटेगरी के विदेशी संस्थागत निवेशकों और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) को टैक्स छूट का फायदा लेने के लिए जरूरी जानकारी इस फॉर्म में देनी होगी।

Form 173A

सरकारी प्रतिभूतियों पर टैक्स छूट के लिए नया नियम, जानें Form 173A में क्या भरना होगा (Photo: Pixabay)

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) से होने वाली ब्याज आय और कैपिटल गेन पर टैक्स छूट का दावा करने के लिए नया फॉर्म 173A अधिसूचित किया है। वित्त मंत्रालय की ओर से 19 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के तहत आयकर नियम, 2026 में संशोधन किया गया है। नए नियम के मुताबिक, निर्धारित कैटेगरी के विदेशी संस्थागत निवेशकों और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) को टैक्स छूट का फायदा लेने के लिए जरूरी जानकारी इस फॉर्म में देनी होगी। यह बदलाव टैक्स छूट के दावों के लिए एक तय रिपोर्टिंग प्रोसेस लागू करता है।

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क्या है फॉर्म 173A और क्यों किया गया लागू?

CBDT ने आयकर नियम, 2026 में नया नियम 281A जोड़कर फॉरम 173A पेश किया है। इसका उद्देश्य सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश से मिलने वाली ब्याज आय और उनकी बिक्री, ट्रांसफर या एक्सचेंज से होने वाले पूंजीगत लाभ पर निर्धारित टैक्स छूट का दावा करने के लिए जरूरी जानकारी जुटाना है। यह फॉर्म आयकर अधिनियम, 2025 की अनुसूची IV की प्रविष्टि 13D और 13E के तहत छूट के दावों पर लागू होगा। इन प्रावधानों के तहत पात्र विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और BIS को निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी।

किन निवेशकों को मिलेगा टैक्स छूट का लाभ?

नया फॉर्म सभी सरकारी बॉन्ड निवेशकों के लिए नहीं है। इसका दायरा विशेष रूप से पात्र विदेशी संस्थागत निवेशकों और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स तक सीमित है। इन पात्र संस्थाओं को सरकारी प्रतिभूतियों से होने वाली ब्याज आय और संबंधित कैपिटल गेन पर निर्धारित छूट मिल सकती है। यह छूट 1 अप्रैल 2026 से अर्जित पात्र आय पर लागू है, बशर्ते कानून में दी गई शर्तें पूरी हों। आम भारतीय रिटेल निवेशकों को केवल फॉर्म 173A आने से सरकारी बॉन्ड पर कोई नई टैक्स छूट नहीं मिलती।

फॉर्म 173A में कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी?

नए फॉर्म को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले हिस्से में निवेशक या संस्था का नाम, निवास का देश, पता, पैन (PAN), संबंधित टैक्स वर्ष, ईमेल और संपर्क नंबर जैसी बुनियादी जानकारी मांगी गई है। पात्र विदेशी निवेशकों को अपने देश का टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (TIN) और सेबी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) या FII के रूप में पंजीकरण संख्या भी देनी होगी। BIS के लिए इन दोनों जानकारियों को देना ऑप्शनल रखा गया है।

दूसरे हिस्से में सरकारी प्रतिभूतियों से जुड़े वित्तीय विवरण देने होंगे। इसमें सिक्योरिटी का ISIN, उसका प्रकार, अवधि, 1 अप्रैल और 31 मार्च को होल्डिंग की कुल कीमत, साल के दौरान खरीदी गई प्रतिभूतियों का मूल्य, बेची गई प्रतिभूतियों की रकम, प्राप्त या अर्जित ब्याज और कैपिटल गेन की जानकारी शामिल है। राशि भारतीय रुपये में दर्ज करनी होगी।

सरकारी बॉन्ड बाजार पर क्या होगा असर?

सरकार ने सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए पात्र विदेशी निवेशकों को ब्याज और कैपिटल गेन पर टैक्स छूट देने का फैसला किया था। फॉर्म 173A इसी व्यवस्था के तहत छूट का दावा करने का प्रोसेस क्लियर करता है। इससे विदेशी निवेशकों के लिए अनुपालन की जरूरतें अधिक क्लियर हो सकती हैं और टैक्स छूट के दावों की जांच के लिए जरूरी जानकारी एक तय प्रारूप में उपलब्ध होगी। हालांकि, विदेशी निवेश बढ़ने या बॉन्ड बाजार में तरलता बेहतर होने का वास्तविक असर निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

निवेशकों और टैक्सपेयर्स को क्या ध्यान रखना चाहिए?

फॉर्म 173A की अधिसूचना 19 अक्टूबर 2026 को जारी हुई और नियम राजपत्र में प्रकाशन के साथ प्रभावी हुए। पात्र संस्थाओं को फॉर्म भरते समय अपनी होल्डिंग, लेनदेन, ब्याज आय और कैपिटल गेन के आंकड़ों का मिलान करना चाहिए। आम निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह फॉर्म किसी नई सार्वभौमिक टैक्स छूट की घोषणा नहीं है, बल्कि पहले से निर्धारित पात्रता के तहत छूट का दावा करने की प्रक्रिया है। संबंधित निवेशकों को आयकर अधिनियम, 2025 और CBDT की अधिसूचना में दी गई शर्तों के अनुसार ही कदम उठाना चाहिए।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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