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4 min read | अपडेटेड October 06, 2025, 17:18 IST
सारांश
RBI के अनुसार, अगर किसी सेविंग या करंट अकाउंट में 2 साल से कोई लेनदेन (जमा, निकासी, ट्रांसफर या KYC अपडेट) नहीं हुआ है, तो वह निष्क्रिय खाता कहलाता है। ऐसे खातों में पैसे तो सुरक्षित रहते हैं, लेकिन कई सेवाएं बंद हो जाती हैं, जब तक कि ग्राहक KYC अपडेट कर के कोई ट्रांजेक्शन न करे।

Unclaimed Bank Deposits: ग्राहक या उनके कानूनी वारिस किसी भी समय अपने पैसे वापस ले सकते हैं।
RBI के अनुसार, अगर किसी सेविंग या करंट अकाउंट में 2 साल से कोई लेनदेन (जमा, निकासी, ट्रांसफर या KYC अपडेट) नहीं हुआ है, तो वह निष्क्रिय खाता कहलाता है। ऐसे खातों में पैसे तो सुरक्षित रहते हैं, लेकिन कई सेवाएं बंद हो जाती हैं, जब तक कि ग्राहक KYC अपडेट कर के कोई ट्रांजेक्शन न करे।
अगर खाता 10 साल तक भी इस्तेमाल नहीं होता, तो उस खाते में मौजूद रकम (ब्याज सहित) RBI के Depositor Education and Awareness (DEA) Fund में ट्रांसफर कर दी जाती है। यह फंड मई 2014 में बनाया गया था, जिसमें बैंकों के वे पैसे जमा किए जाते हैं जो 10 साल या उससे अधिक समय तक किसी ने क्लेम नहीं किए। बैंक हर महीने के आखिरी कार्यदिवस तक ये राशि RBI को e-Kuber प्लेटफॉर्म के जरिए भेजते हैं।
हां, ग्राहक या उनके कानूनी वारिस किसी भी समय अपने पैसे वापस ले सकते हैं। इसके लिए कोई समय सीमा नहीं है। पैसे वापस पाने के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं-
किसी भी बैंक शाखा में जाएं।
KYC डॉक्यूमेंट (जैसे आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस) के साथ फॉर्म जमा करें।
बैंक आपके दस्तावेज वेरिफाई करेगा और फिर पैसा आपके खाते में भेज देगा।
इसके अलावा, RBI अक्टूबर से दिसंबर के बीच विशेष कैंप भी आयोजित कर रहा है, जहां आप प्रक्रिया की जानकारी लेकर अपनी रकम का दावा कर सकते हैं।
अगर आप जांचना चाहते हैं कि आपके नाम पर कोई अनक्लेम्ड डिपॉजिट है या नहीं, तो आप RBI के UDGAM (Unclaimed Deposits Gateway to Access Information) पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। यहां इसकी पूरी प्रक्रिया बताई गई है।
वेबसाइट पर जाएं — udgam.rbi.org.in
मोबाइल नंबर, नाम और पासवर्ड डालकर रजिस्टर करें।
लॉगिन करें और ‘Individual’ टैब चुनें।
अपना नाम, बैंक का नाम (या ‘All’ चुनकर सभी बैंकों में सर्च) और पहचान संबंधी विवरण (PAN, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या जन्मतिथि) डालें।
सर्च पर क्लिक करें।
अगर कोई मैच मिलता है, तो पोर्टल पर बैंक का नाम और Unclaimed Deposit Reference Number (UDRN) दिखेगा। फिलहाल 30 बैंक इस पोर्टल से जुड़े हुए हैं, जिनमें SBI, HDFC, ICICI जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं। ये बैंक करीब 90% अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स को कवर करते हैं।
जून 2025 तक देश में कुल ₹67000 करोड़ से अधिक की अनक्लेम्ड रकम पड़ी हुई थी। इसको कम करने के लिए RBI ने 1 अक्टूबर 2025 से एक नई योजना शुरू की है, जिसका नाम Scheme for Facilitating Accelerated Payout of Inoperative Accounts and Unclaimed Deposits" है, जो 30 सितंबर 2026 तक चलेगी।
इस योजना के तहत जो बैंक ग्राहकों को उनके निष्क्रिय खातों का पैसा वापस दिलाएंगे, उन्हें इनाम मिलेगा। अगर खाता 4 साल तक निष्क्रिय है तो बैंक को 5% या ₹5000 (जो कम हो) मिलेगा। अगर खाता 10 साल तक निष्क्रिय है तो बैंक को 7.5% या ₹25000 (जो कम हो) मिलेगा। बैंक हर तिमाही में इनसेंटिव के लिए क्लेम दाखिल कर सकते हैं। RBI इन दावों की जांच के बाद 30 दिनों के भीतर भुगतान करेगा। यह योजना बैंकों को प्रेरित करने के लिए है ताकि वे पुराने निष्क्रिय खातों का निपटान करें और भविष्य में नई अनक्लेम्ड रकम बनने से रोक सकें।
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