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  1. फटाफट हो जाएगा कम क्लेम का निपटारा, SEBI ने परिवारों के लिए शेयर ट्रांसफर प्रोसेस ऐसे बनाया आसान

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फटाफट हो जाएगा कम क्लेम का निपटारा, SEBI ने परिवारों के लिए शेयर ट्रांसफर प्रोसेस ऐसे बनाया आसान

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड June 19, 2026, 18:43 IST

सारांश

सेबी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कृषि जिंस डेरिवेटिव्स कारोबार को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से उपायों को भी मंजूरी दी। बैठक में नियामक ने शेयर मार्केट के जरिए खुले बाजार से शेयर बायबैक को तेज इम्प्लिमेंटेशन समयसीमा के साथ फिर से शुरू करने का फैसला किया।

सेबी

सेबी ने खुले बाजार से शेयर बायबैक दोबारा शुरू करने की मंजूरी दी

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India, SEBI) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार को कई प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें शेयर मार्केट के जरिए खुले बाजार से शेयर पुनर्खरीद (बायबैक) को फिर शुरू करना, म्यूचुअल फंड के लिए इंट्रा-डे यानी कारोबार के दौरान उधारी मानकों में ढील और निवेशक की मृत्यु के बाद सिक्योरिटीज के ट्रांसफर के प्रोसेस को आसान बनाना शामिल है। इसके अलावा, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वैकल्पिक निवेश कोष (Alternative Investment Fund, AIF) द्वारा योजनाओं की शुरुआत में तेजी लाने के लिए ‘ग्रीन-चैनल’ फ्रेमवर्क 'गरुड़' स्थापित करने का फैसला लिया है।

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इस फ्रेमवर्क के तहत एआईएफ अपने नियोजन मेमोरेंडम दाखिल करने के 10 वर्किंग डे के अंदर फंड जुटाना शुरू कर सकेंगे, जबकि मौजूदा समय में यह पीरियड 30 दिन है। सेबी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कृषि जिंस डेरिवेटिव्स कारोबार को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से उपायों को भी मंजूरी दी। बैठक में नियामक ने शेयर मार्केट के जरिए खुले बाजार से शेयर बायबैक को तेज इम्प्लिमेंटेशन समयसीमा के साथ फिर से शुरू करने का फैसला किया। इस बायबैक सिस्टम को फिर से लागू करने से कंपनियों को शेयर बायबैक के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। साथ ही सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए समान अवसर और टैक्स ट्रीटमेंट सुनिश्चित किया जा सकेगा।

SEBI के चेयरमैन तुहिन पांडे ने कहा, ‘सेबी बोर्ड की आज बैठक हुई। पहला अहम फैसला सिक्योरिटीज के ट्रांसमिशन (हस्तांतरण) के लिए प्रोसेस को आसान और स्टैंडर्ड बनाने से जुड़ा है। अब हम कम वैल्यू वाले क्लेम के लिए 'क्विक ट्रांसमिशन प्रोसेसिंग' (QTP) नाम की एक नई कैटेगरी बना रहे हैं। इसमें हर स्क्रिप्ट के लिए फिजिकल होल्डिंग पर 10,000 रुपये तक और डीमटेरियलाइज्ड होल्डिंग पर 30,000 रुपये तक की लिमिट होगी। दूसरा फैसला आसान डॉक्यूमेंटेशन से जुड़ा है, इसके तहत हर लिस्टेड कंपनी में फिजिकल होल्डिंग के लिए लिमिट को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जा रहा है, और हर बेनिफिशियल ओनर के लिए डीमटेरियलाइज्ड होल्डिंग की लिमिट को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये किया जा रहा है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘दूसरा फैसला स्टॉक एक्सचेंज के जरिए ओपन मार्केट बायबैक और SEBI के सिक्योरिटीज बायबैक रेगुलेशन 2018 की समीक्षा से जुड़ा है। पहले स्टॉक एक्सचेंज के जरिए ओपन मार्केट रूट उपलब्ध था, लेकिन टैक्स से जुड़े कई मुद्दों की वजह से इसे बंद कर दिया गया था, जिससे असमानता पैदा हो रही थी। अब बायबैक के मामले में टैक्स से जुड़े नियम में बदलाव हो गया है, इसलिए इसे 1 अगस्त 2026 से फिर से शुरू किया जा रहा है।’

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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