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5 min read | अपडेटेड July 01, 2025, 14:55 IST
सारांश
Post Office Savings Schemes: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर 7.1% ब्याज दर बरकरार रखी गई है। इसके अलावा, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में निवेश पर 7.7% ब्याज मिलेगा। वहीं, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर 8.2 फीसदी ब्याज दर जारी रहेगी।

Post Office Savings Schemes: यह लगातार छठी तिमाही है, जब स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों को बरकरार रखा गया है।
सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर 7.1% ब्याज दर बरकरार रखी गई है। इसके अलावा, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में निवेश पर 7.7% ब्याज मिलेगा। वहीं, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर 8.2 फीसदी ब्याज दर जारी रहेगी।
इन छोटी बचत निवेश योजनाओं को आम तौर पर पोस्ट ऑफिस स्कीम्स के रूप में जाना जाता है। वित्त मंत्रालय ने 30 जून 2025 को एक सर्कुलर के माध्यम से यह जानकारी दी।
| स्कीम | ब्याज दर (%) |
|---|---|
| पोस्ट ऑफिस सेविंग डिपॉजिट | 4 |
| 1-ईयर टाइम डिपॉजिट | 6.9 |
| 2-ईयर टाइम डिपॉजिट | 7 |
| 3-ईयर टाइम डिपॉजिट | 7.1 |
| 5-ईयर टाइम डिपॉजिट | 7.5 |
| 5-ईयर टाइम डिपॉजिट | 6.7 |
| सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम | 8.2 |
| मंथली इनकम अकाउंट स्कीम | 7.4 |
| नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट | 7.7 |
| पब्लिक प्रोविडेंड फंड स्कीम | 7.1 |
| किसान विकास पत्र | 7.5 (Matures in 115 months) |
| सुकन्या समृद्धि योजना | 8.2 |
Kisan Vikas Patra इंडियन पोस्ट ऑफिस की एक सर्टिफिकेट स्कीम है। यह करीब 9.5 साल में एक बार के इन्वेस्टमेंट को दोगुना कर देता है। इसमें इन्वेस्ट करने का मिनिमम अमाउंट 1000 रुपये है और इसमें अधिकतम इन्वेस्टमेंट की कोई लिमिट नहीं है। इसकी ब्याज दर 7.5% है। इसमें इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स लाभ भी मिलता है।
एलिजिबिलिटी की बात करें तो आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु 18 वर्ष से ऊपर की होनी चाहिए। कोई एडल्ट किसी नाबालिग या अस्वस्थ व्यक्ति की ओर से आवेदन कर सकता है। हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और अनिवासी भारतीय (एनआरआई) केवीपी में निवेश करने के पात्र नहीं हैं।
इस स्कीम में अकाउंट खोलने के लिए जरूरी है कि आपकी बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। मां-बाप एक बेटी के नाम पर एक ही खाता खोल सकते हैं और ऐसा ज्यादा से ज्यादा दो बेटियों के लिए कर सकते हैं। बेटी की उम्र 21 साल की होने पर यह स्कीम मैच्योर होती है और अगर उस समय पैसा ना निकाला जाए तो बची हुई रकम पर समय-समय पर स्कीम के लिए तय ब्याज मिलता रहेगा।
इसमें मौजूदा रेट ऑफ इंटरेस्ट 8.2% का है। एक फाइनेंशियल ईयर में इसमें मां-बाप बेटी के नाम पर कम से कम 1000 रुपये और ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। इस पर इनकम टैक्स में 80C के तहत छूट भी मिलती है।
PPF अकाउंट 7.1% का ब्याज मिल रहा है जिसे सालाना कपाउंड किया जाता है। इस स्कीम में सालाना ₹1.5 लाख का निवेश किया जा सकता है जो 15 साल बाद मच्योर होता है। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड नियम, 2019 के मुताबिक एक इंसान का सिर्फ एक ही पीपीएफ अकाउंट हो सकता है। यानी एक PAN (Permanent Account Number) पर एक ही पीपीएफ अकाउंट बनता है।
इसमें एक साल में न्यूनतम ₹500 से लेकर अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं। इसमें सालाना ₹1.5 लाख के निवेश से 15 साल बाद ₹40.68 लाख का मच्योरिटी अमाउंट बनता है जिस पर टैक्स भी नहीं लगता है।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट एक पोस्ट ऑफिस स्कीम है। इस स्कीम में निवेशकों को 7.7 फीसदी का ब्याज मिलता है। इसकी मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है। इसमें आपक केवल 1000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं। अधिकतम निवेश के लिए कोई लिमिट नहीं है। इसमें निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलती है। यह बेनिफिट 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर ही है।
60 साल से ऊपर की उम्र के वरिष्ठ नागरिक SCSS अकाउंट खोल सकते हैं। रिटायर्ड सिविलियन कर्मचारी 55-60 साल की उम्र के बीच और रिटायर्ड डिफेंस कर्मचारी 50-60 साल की उम्र के बीच भी SCSS अकाउंट खोल सकते हैं, अगर उन्होंने अपने रिटायरमेंट बेनिफिट मिलने के एक ही महीने के अंदर निवेश शुरू कर दिया हो।
एक शख्स को कई SCSS खोलने की इजाजत मिली हुई है। हालांकि, सारे खाते मिलाकर ₹30 लाख की अधिकतम सीमा पार नहीं होनी चाहिए। वहीं, अकाउंट खोलने के लिए न्यूनतम सीमा ₹1,000 है। SCSS अकाउंट 5 साल बाद मच्योर होता है लेकिन इसे मच्योरिटी के बाद 3 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। हर साल ₹1.5 लाख तक के डिपॉजिट पर आयकर कानून, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन मिलता है।
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