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3 min read | अपडेटेड December 04, 2025, 16:02 IST
सारांश
अगर आप विदेश में रहते हैं और भारत की पेंशन स्कीम में पैसा लगाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है। पीएफआरडीए ने केवाईसी नियमों में बदलाव किया है। अब पासपोर्ट और विदेशी पते के दस्तावेजों के साथ डिजिटल तरीके से एनपीएस खाता खोला जा सकता है।

विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए एनपीएस में निवेश की राह हुई आसान
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने विदेश में रहने वाले भारतीयों को एक बड़ी सौगात दी है। अब अनिवासी भारतीयों (NRI) और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में शामिल होना बहुत आसान हो गया है। पीएफआरडीए ने 2 दिसंबर 2025 को एक नया सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत केवाईसी और एंटी मनी लॉन्ड्रिंग के नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब खाता खोलने के लिए इन लोगों को भारत आने या भौतिक रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होगी।
नए नियमों के मुताबिक अब एनआरआई और ओसीआई सब्सक्राइबर्स की ऑनबोर्डिंग पूरी तरह डिजिटल तरीके से हो सकेगी। इसके लिए लाइव फोटोग्राफ और दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी मान्य होगी। हालांकि सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। खाता खोलते समय जियो-कोर्डिनेट्स यानी लोकेशन की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रिकॉर्ड की जाएगी। इसमें एक खास शर्त यह है कि जीपीएस लोकेशन उसी देश की होनी चाहिए जिसका पता दस्तावेजों में दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि आईपी एड्रेस में कोई हेराफेरी न कर सके।
डिजिटल प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए पीएफआरडीए ने कड़े निर्देश दिए हैं। ऑनबोर्डिंग एप्लिकेशन में ऐसी तकनीक होनी चाहिए जो यह पहचान सके कि फोटो लाइव है या नहीं। इसके अलावा रैंडमनेस चेक और एंटी-स्पूफिंग जैसे उपाय भी करने होंगे। आज के दौर में डीप-फेक एक बड़ी चुनौती है इसलिए सिस्टम में एंटी-डीप-फेक उपाय भी शामिल करने को कहा गया है ताकि कोई नकली पहचान का इस्तेमाल न कर सके।
एनआरआई के लिए पासपोर्ट को पहचान और पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। पते के प्रमाण के लिए रेजिडेंस परमिट, वर्क परमिट, विदेशी आईडी या सरकार द्वारा जारी विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस भी मान्य होंगे। वहीं ओसीआई कार्डधारकों के लिए ओसीआई कार्ड और विदेशी पासपोर्ट पहचान का प्रमाण होंगे, जबकि पते के लिए उन्हें ऐसा दस्तावेज देना होगा जिसमें उनका मौजूदा विदेशी पता दर्ज हो। अगर कोई दस्तावेज फर्जी पाया जाता है तो आवेदन रद्द कर दिया जाएगा और नियमों के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।
पीएफआरडीए ने स्पष्ट किया है कि एनआरआई और ओसीआई सब्सक्राइबर्स एनपीएस का टियर-2 खाता खोलने के लिए पात्र नहीं होंगे। वे केवल पेंशन खाते यानी टियर-1 में ही निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा केवाईसी अपडेट करने के लिए भी उन्हें भारत आने की जरूरत नहीं है। वे किसी भी विदेशी शाखा या डिजिटल माध्यम से अपने दस्तावेज अपडेट कर सकते हैं।
चूंकि यह प्रक्रिया आमने-सामने नहीं होगी, इसलिए इसे हाई-रिस्क श्रेणी में रखा गया है और इसके लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। पहला लेनदेन उसी बैंक खाते से होना चाहिए जिसकी केवाईसी पूरी हो चुकी हो। मोबाइल नंबर बदलने पर भी कुछ पाबंदियां रहेंगी। सब्सक्राइबर्स को फैटका (FATCA) और सीआरएस (CRS) घोषणाओं की भी पुष्टि करनी होगी। ये नए नियम सर्कुलर जारी होने की तारीख से ही लागू हो गए हैं।
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