पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड March 05, 2026, 11:58 IST
सारांश
होली के मौके पर मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 3 पर्सेंट की बढ़ोतरी का एलान किया है। अब राज्य के कर्मचारियों को 58 पर्सेंट डीए मिलेगा। इस फैसले से करीब 7 लाख कर्मचारियों और लाखों पेंशनरों को आर्थिक लाभ मिलेगा और उन्हें पिछला एरियर भी किस्तों में दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने महंगाई भत्ते को 55 पर्सेंट से बढ़ाकर 58 पर्सेंट कर दिया है।
होली के रंगों के बीच मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य की मोहन यादव सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 3 पर्सेंट की बढ़ोतरी का एलान किया है। इस फैसले से राज्य के करीब 7 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और लाखों पेंशनरों को सीधा फायदा पहुंचने वाला है। त्योहार के ऐन वक्त पर आई यह राहत कर्मचारियों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं मानी जा रही है। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उनके घर के बजट को भी सहारा मिलेगा।
राज्य सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अब मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को वही महंगाई भत्ता मिलेगा जो केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को देती है। लंबे समय से राज्य के कर्मचारी संगठन इस मांग को उठा रहे थे कि उन्हें भी केंद्र के बराबर डीए मिलना चाहिए। आखिरकार सरकार ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है। इस घोषणा के बाद अब महंगाई भत्ता 55 पर्सेंट से बढ़ाकर 58 पर्सेंट हो गया है। यह फैसला मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे में काम करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
सरकार ने इस बढ़ोतरी को लेकर एक खास योजना बनाई है। बढ़ी हुई नई दरें अप्रैल 2026 से लागू होंगी, जिसका असर मई 2026 में मिलने वाले वेतन और पेंशन में साफ दिखाई देगा। हालांकि, सरकार ने इसे जुलाई 2025 से ही प्रभावी माना है। इसका मतलब यह हुआ कि कर्मचारियों को जुलाई 2025 से लेकर मार्च 2026 तक की बढ़ी हुई राशि का एरियर भी दिया जाएगा। यह एरियर कर्मचारियों के लिए एक मोटी बचत के रूप में सामने आएगा, जिससे वे अपनी पुरानी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।
एरियर की बड़ी रकम को लेकर सरकार ने भुगतान का एक आसान तरीका निकाला है। सरकार ने एरियर को एक साथ देने के बजाय छह बराबर किस्तों में देने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत मई 2026 से होगी। इससे होगा यह कि कर्मचारियों को हर महीने मिलने वाले बढ़े हुए वेतन के साथ एरियर की अतिरिक्त राशि भी मिलती रहेगी। यह तरीका कर्मचारियों के हाथ में हर महीने ज्यादा कैश फ्लो सुनिश्चित करेगा, जो उनके रोजमर्रा के खर्चों और फ्यूचर की प्लानिंग में मददगार साबित होगा।
अब हर कर्मचारी के मन में यह सवाल है कि इस 3 पर्सेंट की बढ़ोतरी से उनकी जेब पर कितना असर पड़ेगा। इसे एक साधारण उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो पहले उसे 55 पर्सेंट के हिसाब से 27,500 रुपये डीए मिलता था। अब 58 पर्सेंट के हिसाब से उसे 29,000 रुपये डीए मिलेगा। यानी उसकी सैलरी में सीधे 1,500 रुपये की मासिक बढ़ोतरी हो जाएगी। इसी तरह अगर किसी पेंशनर की मूल पेंशन 30,000 रुपये है, तो पहले उसे 16,500 रुपये महंगाई राहत (DR) मिलती थी, जो अब बढ़कर 17,400 रुपये हो जाएगी। यानी उन्हें हर महीने 900 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
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