पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड April 08, 2026, 16:00 IST
सारांश
नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने मील कार्ड या वाउचर पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को 4 गुना बढ़ा दिया है। अब 50 रुपये की जगह 200 रुपये प्रति मील पर टैक्स नहीं लगेगा। इससे कर्मचारी सालाना 1,05,600 रुपये तक की टैक्स फ्री बचत कर पाएंगे।

सरकार ने महंगाई को देखते हुए मील वाउचर की टैक्स फ्री लिमिट बढ़ा दी है।
अगर आप किसी कंपनी में नौकरी करते हैं और आपको सैलरी के साथ सोडेक्सो, प्लक्सी या जैगल जैसे मील कार्ड मिलते हैं, तो आपके लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। अक्सर कंपनियां अपने कर्मचारियों को खाने-पीने के खर्च के लिए ये कार्ड या वाउचर देती हैं। यह पैसा आपकी सैलरी का ही हिस्सा होता है, लेकिन इसे इनकम टैक्स की भाषा में 'परक्विजिट' यानी अतिरिक्त सुविधा माना जाता है। अच्छी बात यह है कि इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। अब सरकार ने इस सुविधा को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे आपकी टैक्स फ्री बचत पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ जाएगी।
पुराने नियमों के मुताबिक, अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारी को खाने के वाउचर देती थी, तो एक बार के खाने पर सिर्फ 50 रुपये तक की ही टैक्स छूट मिलती थी। लेकिन आज के समय में जब महंगाई इतनी बढ़ गई है, तब 50 रुपये में भरपेट और अच्छा खाना मिलना लगभग नामुमकिन है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब इस लिमिट को बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दिया है। यानी अब आप हर बार के खाने पर 200 रुपये तक की रकम को बिना किसी टैक्स के अपनी सैलरी से इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बदलाव उन सभी लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो ऑफिस में मील कार्ड का इस्तेमाल करते हैं।
इस नए नियम से आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा, इसे एक आसान कैलकुलेशन से समझा जा सकता है। अगर आप महीने में 22 दिन ऑफिस जाते हैं और दिन में दो बार के खाने के लिए मील कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो पुराने नियम के हिसाब से आपको साल भर में सिर्फ 26,400 रुपये पर ही टैक्स की बचत होती थी। लेकिन अब 200 रुपये की नई लिमिट के हिसाब से आपकी सालाना टैक्स फ्री बचत बढ़कर 1,05,600 रुपये तक पहुंच सकती है। इसका मतलब है कि आपकी सैलरी का 1 लाख रुपये से भी ज्यादा का हिस्सा अब टैक्स के दायरे से पूरी तरह बाहर हो जाएगा, जिससे आपके हाथ में आने वाली नेट सैलरी बढ़ जाएगी।
अक्सर नौकरीपेशा लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि अगर वे 'न्यू टैक्स रिजीम' यानी नई कर व्यवस्था चुनते हैं, तो क्या उन्हें यह फायदा मिलेगा। आमतौर पर न्यू टैक्स रिजीम में निवेश पर मिलने वाली कई छूट खत्म हो जाती हैं, लेकिन मील कार्ड के मामले में ऐसा नहीं है। मील कार्ड पर मिलने वाली यह राहत न्यू और ओल्ड दोनों ही टैक्स रिजीम में मिलती रहेगी। असल में इनकम टैक्स विभाग मील कार्ड को आपकी कमाई का हिस्सा नहीं मानता, बल्कि यह कंपनी की तरफ से दी गई एक सुविधा है। चूंकि यह आपकी कुल कमाई में जुड़ता ही नहीं है, इसलिए इस पर टैक्स रिजीम की पाबंदियां लागू नहीं होतीं।
भले ही इस स्कीम में बचत बहुत ज्यादा है, लेकिन इसका फायदा उठाने के लिए आपको कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना होगा। सबसे पहली शर्त यह है कि इन कार्ड या वाउचर का इस्तेमाल सिर्फ ऐसी दुकानों या रेस्टोरेंट में किया जा सकता है जो खाने-पीने का सामान बेचते हैं। आप इस पैसे से घर का राशन या तैयार खाना खरीद सकते हैं। दूसरी बड़ी बात यह है कि यह कार्ड सिर्फ कर्मचारी के खुद के इस्तेमाल के लिए है और इसे किसी दूसरे को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, इन वाउचर का इस्तेमाल किसी भी तरह की शराब या नशीले पदार्थों को खरीदने के लिए नहीं किया जा सकता है। इसमें सिर्फ भोजन और बिना अल्कोहल वाले पेय पदार्थ ही शामिल किए गए हैं।
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