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  1. ITR में अगर नहीं किया है विदेशी संपत्तियों का खुलासा, तो भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना, बचने के लिए क्या करें?

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ITR में अगर नहीं किया है विदेशी संपत्तियों का खुलासा, तो भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना, बचने के लिए क्या करें?

Upstox

2 min read | अपडेटेड November 27, 2025, 16:45 IST

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सारांश

Income Tax Department ने कहा कि 28 नवंबर से इन टैक्सपेयर्स को एसएमएस और ईमेल भेजा जाएगा और उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए 31 दिसंबर, 2025 तक संशोधित आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की सलाह दी जाएगी।

विदेशी संपत्ति

आईटीआर में अगर नहीं किया विदेशी संपत्तियों का खुलासा, तो हो जाएं सावधान

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने गुरुवार को कहा कि उसने ऐसे अधिक-जोखिम वाले मामलों की पहचान की है, जिनमें टैक्सपेयर्स ने मूल्यांकन वर्ष (Assessment Year, AY) 2025-26 के इनकम टैक्स रिटर्न में अपनी विदेशी परिसंपत्तियों का ब्योरा नहीं दिया है। विभाग ने कहा कि 28 नवंबर से इन टैक्सपेयर्स को एसएमएस और ईमेल भेजा जाएगा और उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए 31 दिसंबर, 2025 तक संशोधित आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की सलाह दी जाएगी।

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पिछले साल कितनी FA और FSI का हुआ था खुलासा?

पिछले साल भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने स्वचालित सूचना आदान-प्रदान (Automatic Exchange of Information, AEOI) व्यवस्था के तहत विदेशी क्षेत्राधिकारों द्वारा सूचित ऐसे टैक्सपेयर्स को मैसेज भेजे थे, जिन्होंने अपने फॉरेन इन्वेस्टमेंट और अकाउंट्स की डीटेल्स आईटीआर में नहीं दी थीं। इस पहल का परिणाम यह हुआ कि कुल 24,678 टैक्सपेयर्स ने अपने रिटर्न में संशोधन किया था और 29,208 करोड़ की विदेशी परिसंपत्तियों और 1,089.88 करोड़ रुपये की विदेशी आय का खुलासा किया था। विभाग ने एक बयान में कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए एईओआई जानकारी के विश्लेषण से ऐसे कई मामलों का पता चला है जिनमें विदेशी संपत्तियां होने की संभावना है, लेकिन इस साल के रिटर्न में उनका ब्योरा नहीं दिया गया है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को भारतीय निवासियों की विदेशी वित्तीय संपत्तियों की जानकारी सूचना-साझाकरण प्रणालियों- कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (सीआरएस) और अमेरिकी विदेशी खाता कर अनुपाल अधिनियम के तहत मिलती है। यह सूचना रिटर्न में संभावित गल्तियों को पहचानने और टैक्सपेयर्स को सही अनुपालन के लिए मार्गदर्शन करने में सहायक होती है।

क्यों जरूरी है FA और FSI का खुलासा करना?

इस अभियान का उद्देश्य आईटीआर में विदेशी परिसंपत्तियों (फॉरेन एसेट्स, FA) और विदेशी स्रोत से आय (Foreign Source Income, FSI) खंडों के तहत सही और पूरी डीटेल्स सुनिश्चित करना है। विदेशी संपत्तियों और विदेशी स्रोत से आय का सही खुलासा आयकर अधिनियम, 1961 और काला धन अधिनियम, 2015 के तहत कानूनी रूप से अनिवार्य है।

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