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3 min read | अपडेटेड August 11, 2025, 13:54 IST
सारांश
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत देश के 30 लाख किसान लाभार्थियों के खाते में सरकार की ओर से 3,200 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं। कृषि मंत्री पीएमएफबीवाई के तहत 30 लाख किसान लाभार्थियों को 3,200 करोड़ रुपये की फसल बीमा क्लेम फंड डिजिटल रूप से ट्रांसफर करेंगे।

PM फसल बीमा योजना के तहत 30 लाख किसानों को मिलेगा फायदा
सरकार की ओर से देश के किसानों को एक खास तोहफा मिल रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत देश के 30 लाख किसान लाभार्थियों के खाते में सरकार की ओर से 3,200 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को पीएमएफबीवाई के तहत 30 लाख किसान लाभार्थियों को 3,200 करोड़ रुपये की फसल बीमा क्लेम फंड डिजिटल रूप से ट्रांसफर करेंगे। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन किसानों के खाते में पैसे नहीं आए हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस योजना के तहत 8,000 करोड़ रुपये बाद में भी जारी किए जाने हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक वीडियो जारी कर कहा, ‘आज प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लगभग 30 लाख किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹3,200 करोड़ की राशि डाली जानी है। ये पहली किस्त है, इसलिए जिन किसानों के खातों में आज पैसे नहीं आएंगे, वे चिंता न करें। लगभग ₹8 हजार करोड़ की राशि बाद में जारी की जाएगी। ये योजना आपदा पीड़ित किसानों के लिए वरदान बन गई है। किसानों को पैसा समय पर मिले, इसके लिए हमने तय किया है कि अगर बीमा कंपनी क्लेम के बाद निर्धारित समय-सीमा में पैसा जमा नहीं करती, तो उसे 12% ब्याज देना पड़ेगा जो सीधे किसान के खाते में जाएगा। किसान भाइयों-बहनों, आपकी सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है। अगर फसल बीमा योजना से संबंधित आपकी कोई शिकायत है, तो मुझे जरूर सूचित करें। हम सदैव आपके साथ खड़े हैं।’
राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएमएफबीवाई क्लेम राशि ट्रांसफर की जानी है। चौहान के अलावा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार कुल दावा राशि में 1156 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के किसानों को, 1121 करोड़ रुपये राजस्थान के किसानों को, 150 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ के किसानों को और 773 करोड़ रुपये अन्य राज्यों के किसानों को ट्रांसफर किए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र ने किसानों के हित में एक नई सरलीकृत दावा निपटान प्रणाली लागू की है, जिसके तहत राज्य के प्रीमियम अंशदान का इंतजार किए बिना, केवल केंद्रीय सब्सिडी के आधार पर दावों का आनुपातिक भुगतान किया जा सकेगा। उन्होंने बयान में कहा, 'खरीफ 2025 सत्र से, अगर कोई राज्य सरकार अपने सब्सिडी अंशदान में देरी करती है, तो उस पर 12% का जुर्माना लगाया जाएगा, और इसी तरह अगर बीमा कंपनियां भुगतान में देरी करती हैं, तो उन पर भी 12% का जुर्माना लगाया जाएगा।' प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) की 2016 में शुरुआत के बाद से इसके तहत 1.83 लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया है, जबकि किसानों ने केवल 35,864 करोड़ रुपये का प्रीमियम चुकाया है।
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