पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड April 06, 2026, 13:38 IST
सारांश
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स सिस्टम को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए फॉर्म-16 को खत्म कर इसकी जगह फॉर्म-130 लाने का फैसला किया है। हालांकि, साल 2026 में रिटर्न फाइल करने के लिए पुराने फॉर्म-16 का ही इस्तेमाल होगा। नया नियम 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले नए फाइनेंशियल ईयर के लिए लागू है।

इनकम टैक्स के नए फॉर्म-130 से अब आपकी सैलरी और सुविधाओं का पूरा हिसाब रखेगा विभाग।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने देश के टैक्स सिस्टम को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। पिछले कई दशकों से नौकरीपेशा लोगों की पहचान बन चुका फॉर्म-16 अब गुजरे जमाने की बात होने जा रहा है। सरकार इसकी जगह अब फॉर्म-130 ला रही है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही टैक्सपेयर्स के बीच काफी उलझन देखी जा रही है। लोग यह समझना चाहते हैं कि क्या इस साल यानी 2026 में अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त उन्हें नए फॉर्म की जरूरत पड़ेगी या पुराना सिस्टम ही काम आएगा।
देखिए, 2026 में जब आप अपना रिटर्न फाइल करेंगे, तो आपको अपनी कंपनी से फॉर्म-16 ही मिलेगा। इसका मुख्य कारण यह है कि नया इनकम टैक्स कानून और फॉर्म-130 का प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ है। इसका मतलब यह है कि यह बदलाव नए फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए लागू होगा। चूंकि अभी आप बीते हुए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 का रिटर्न फाइल कर रहे हैं, इसलिए आपको पुराने नियम और पुराने फॉर्म-16 के आधार पर ही अपनी जानकारी देनी होगी।
नया फॉर्म-130 पुराने फॉर्म-16 के मुकाबले काफी ज्यादा विस्तृत और डिजिटल फीचर्स से लैस होगा। इसे मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा गया है ताकि डेटा का मिलान करना काफी आसान हो जाए। इसके पार्ट ए में कंपनी और कर्मचारी की बेसिक जानकारी होगी। पार्ट बी में सैलरी का पूरा ब्रेकअप और काटे गए टीडीएस की जानकारी दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण पार्ट सी होगा, जिसमें पेंशन, टैक्सेबल इनकम का पूरा कैलकुलेशन, जमा किया गया टैक्स और सभी तरह की कटौतियों की डिटेल एक ही जगह मिल जाएगी। इससे टैक्सपेयर्स को अपना रिटर्न भरने के लिए अलग-अलग कागजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब कंपनियों की तरफ से मिलने वाले पर्कस और अन्य फायदों पर टैक्स विभाग की सीधी नजर रहेगी। अक्सर कंपनियां अपने कर्मचारियों को सैलरी के अलावा कार, घर, बिना ब्याज के पर्सनल लोन, फ्री ट्रैवल या क्लब मेंबरशिप जैसी सुविधाएं देती हैं। पुराने सिस्टम में कई बार ये चीजें टैक्स के दायरे से बाहर रह जाती थीं, लेकिन अब इन सबको ट्रैक करना आसान हो जाएगा। ये सभी डिटेल्स अब फॉर्म-123 में दर्ज होंगी, जो सीधे आपके फॉर्म-130 से लिंक रहेगा। इसका मतलब यह है कि अब आपकी पूरी आय, जिसमें ये छुपे हुए फायदे भी शामिल हैं, विभाग के सामने एकदम साफ होगी।
फॉर्म-16 का खत्म होना और फॉर्म-130 का आना सिर्फ नाम का बदलाव नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम के इंटेलिजेंट बनने का संकेत है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको अपना रिटर्न भरने के लिए अब ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी। सारा डेटा पहले से ही भरा हुआ यानी प्री-फिल्ड मिलेगा, जिससे गलती होने की गुंजाइश बहुत कम हो जाएगी।
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