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  1. CGHS पर सरकार का स्पष्टीकरण, केंद्रीय कर्मचारी मेडिकल सुविधा के लिए माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुन सकेंगे

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CGHS पर सरकार का स्पष्टीकरण, केंद्रीय कर्मचारी मेडिकल सुविधा के लिए माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुन सकेंगे

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 14, 2026, 19:43 IST

सारांश

आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी (जो CGHS या CS(MA) Rules, 1944 के तहत आते हैं) अपने निर्भर परिवार के सदस्य के रूप में या तो अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुन सकते हैं, ताकि उन्हें सरकारी मेडिकल सुविधा मिल सके।

CGHS

CGHS: एक बार अगर कर्मचारी ने अपने माता-पिता चुन लिए, तो बाद में वह सास-ससुर को नहीं जोड़ सकेगा।

केंद्र सरकार ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी CGHS के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए मेडिकल सुविधा से जुड़े नियमों को साफ कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 13 मई 2026 को जारी आदेश में कहा है कि कर्मचारी अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को ही डिपेंडेंट फैमिली मेंबर के तौर पर चुन सकेंगे, ताकि उन्हें सरकारी मेडिकल सुविधा मिल सके।

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आदेश में क्या कहा गया है?

इस आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी (जो CGHS या CS(MA) Rules, 1944 के तहत आते हैं) अपने निर्भर परिवार के सदस्य के रूप में या तो अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुन सकते हैं, ताकि उन्हें सरकारी मेडिकल सुविधा मिल सके।

सरकार ने बताया कि पहले यह सुविधा केवल CGHS कर्मचारियों के लिए थी, लेकिन मार्च 2024 में इसे बढ़ाकर CS(MA) Rules, 1944 के तहत आने वाले कर्मचारियों पर भी लागू कर दिया गया था। अब इस नए आदेश में इसे फिर से स्पष्ट किया गया है कि यह नियम दोनों पर लागू होगा।

एक बार ही मिलेगा विकल्प

सबसे अहम बात यह है कि पुरुष सरकारी कर्मचारी को यह विकल्प सिर्फ एक बार मिलेगा। यानी उसे तय करना होगा कि वह मेडिकल सुविधा के लिए अपने माता-पिता को डिपेंडेंट दिखाना चाहता है या सास-ससुर को।

एक बार अगर कर्मचारी ने अपने माता-पिता चुन लिए, तो बाद में वह सास-ससुर को नहीं जोड़ सकेगा, चाहे भविष्य में उसके माता-पिता की मृत्यु ही क्यों न हो जाए या कोई और परिस्थिति बन जाए। इसी तरह, अगर उसने शुरुआत में सास-ससुर को चुना, तो बाद में वह इसे बदलकर माता-पिता नहीं कर पाएगा। यानी यह फैसला स्थायी माना जाएगा।

पात्रता भी जरूरी

यह सुविधा लेने के लिए कर्मचारी और उसके माता-पिता/सास-ससुर को संबंधित योजना के dependency rules और अन्य पात्रता पूरी करनी होंगी। यानी केवल चुन लेने से काम नहीं होगा, पात्रता भी जरूरी है। मंत्रालय ने सभी विभागों और मंत्रालयों से कहा है कि इस आदेश की जानकारी सभी संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए और इसका सख्ती से पालन कराया जाए।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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