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  1. Budget 2026 Tax: टैक्स में क्या बदला? घटा या बढ़ा... आसान FAQs में जानिए सारे जवाब

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Budget 2026 Tax: टैक्स में क्या बदला? घटा या बढ़ा... आसान FAQs में जानिए सारे जवाब

Upstox

4 min read | अपडेटेड February 01, 2026, 16:57 IST

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सारांश

वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को राहत देते हुए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ा दी है। हालांकि, सट्टेबाजी रोकने के लिए फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर टैक्स बढ़ाया गया है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और शेयर बायबैक के नियमों में भी बड़े बदलाव हुए हैं। आइए कुछ आसान FAQs की मदद से जानते हैं इन बदलावों का आपकी बचत पर क्या असर होगा।

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बजट 2026 में इनकम टैक्स और निवेश से जुड़े नियमों में हुए बदलावों का पूरा ब्यौरा।

बजट 2026 पेश हो चुका है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार मध्यम वर्ग से लेकर बड़े निवेशकों तक के लिए कई बदलाव किए हैं। बजट का मुख्य उद्देश्य 'ईज ऑफ लिविंग' यानी आम नागरिक के जीवन को आसान बनाना और टैक्स नियमों को सरल करना है। अगर आप उलझन में हैं कि आपकी जेब पर इसका क्या असर पड़ेगा, तो घबराइए मत। हम आपके लिए बजट 2026 से जुड़े टैक्स के सबसे महत्वपूर्ण सवालों के आसान जवाब लेकर आए हैं।

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टैक्स से जुड़े 10 FAQs

1. टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव हुआ है?

जवाब- इस बार टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल के बजट में जो नई टैक्स व्यवस्था थी, वही इस साल भी लागू रहेंगी। जिसमें 4 लाख रुपये तक की कमाई पर जीरो टैक्स का प्रावधान था।

2. क्या 12 लाख रुपये तक की आय पर अब भी जीरो टैक्स है?

जवाब- जी हां, नई टैक्स व्यवस्था को चुनने वाले व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए रिबेट (छूट) के जरिए 12 लाख रुपये तक की कुल आय पर टैक्स की देनदारी शून्य (NIL) रहेगी। हालांकि, इसके लिए आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी होगा।

3. नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में क्या बदलाव हुआ है?

जवाब- सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए नई टैक्स व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर किसी की सालाना सैलरी 12,75,000 रुपये तक है, तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा। पुरानी टैक्स व्यवस्था में यह डिडक्शन अब भी 50,000 रुपये ही है।

4. शेयर बायबैक पर अब टैक्स कैसे लगेगा?

जवाब- शेयरधारकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब कंपनियों द्वारा शेयरों के बायबैक से मिलने वाली राशि को 'डिविडेंड' के बजाय 'कैपिटल गेन' माना जाएगा। इससे शेयरधारकों को अपनी खरीद लागत (Cost of Acquisition) को घटाने का मौका मिलेगा। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।

5. ट्रेडिंग करना महंगा हुआ है या सस्ता?

जवाब- शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग करने वालों के लिए सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स की बिक्री पर एसटीटी 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, ऑप्शंस की बिक्री पर प्रीमियम का 0.1 प्रतिशत के बजाय अब 0.15 प्रतिशत एसटीटी देना होगा।

6. क्या रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने का समय बढ़ा है?

जवाब- हां, अब टैक्सपेयर्स को अपनी गलती सुधारने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय सीमा को मौजूदा 9 महीने से बढ़ाकर संबंधित टैक्स साल खत्म होने के बाद से 12 महीने कर दिया गया है।

7. विदेश घूमने और बच्चों की विदेश में पढ़ाई पर टीसीएस (TCS) में क्या बदलाव है?

जवाब- सरकार ने TCS दरों को तर्कसंगत बनाया है। अब विदेश में पढ़ाई या मेडिकल इलाज के लिए पैसे भेजने पर टीसीएस दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा, विदेशी टूर पैकेज की खरीद पर भी टीसीएस को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है और इसमें 10 लाख रुपये की सीमा को हटा दिया गया है।

8. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) से मिलने वाले मुनाफे पर क्या नया नियम है?

जवाब- अब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मैच्योरिटी पर टैक्स छूट का लाभ तभी मिलेगा, जब आपने इसे इसके शुरुआती इश्यू के समय खरीदा हो और मैच्योरिटी तक अपने पास रखा हो। अगर आपने इसे सेकेंडरी मार्केट (शेयर बाजार) से खरीदा है, तो आपको इस पर टैक्स देना होगा।

9. कंपनियों के लिए मैट (MAT) दर में क्या राहत दी गई है?

जवाब- पुरानी टैक्स व्यवस्था में रहने वाली कंपनियों के लिए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, अब यह एक 'फाइनल टैक्स' होगा और आगे के लिए कोई नया मैट क्रेडिट नहीं बनेगा।

10. क्या सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को पेंशन पर कोई नई छूट मिली है?

जवाब- जी हां, रक्षा बलों के उन सदस्यों के लिए डिसेबिलिटी पेंशन को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है जिन्हें सेवा के दौरान किसी शारीरिक चोट के कारण काम से हटा दिया गया था। खास बात यह है कि अब इस छूट के दायरे में अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) को भी शामिल कर लिया गया है।
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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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