पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड January 30, 2026, 14:46 IST
सारांश
BCCI ने सिफारिश की है कि विदेशी कंपनियों के कर्मचारियों को भारत में 30 दिन तक के शॉर्ट स्टे पर पूरी टैक्स छूट दी जाए, बशर्ते वे सिर्फ विदेशी बिजनेस से जुड़ा काम कर रहे हों। इसके साथ ही विदेशी कंपनियों पर भी किसी तरह का कॉर्पोरेट टैक्स या PE से जुड़ा जोखिम नहीं होना चाहिए।

Budget 2026: BCCI का कहना है कि अगर Section 10(6)(vi) को उदार बनाया जाए।
इसी को देखते हुए Union Budget 2026 से पहले बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (BCCI) ने सरकार से मांग की है कि जो विदेशी कर्मचारी या NRI थोड़े समय के लिए भारत आकर रिमोट काम करते हैं, उन्हें टैक्स में राहत दी जाए। उनका मानना है कि इससे रिमोट वर्क आसान होगा और ग्लोबल टैलेंट भारत की ओर आकर्षित होगा।
आज ज्यादातर मल्टीनेशनल कंपनियां (MNCs) अपने कर्मचारियों को कहीं से भी काम करने की अनुमति देती हैं। यह मॉडल विदेशों में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए भी फायदेमंद है। लेकिन भारत में अभी Income Tax Act की Section 10(6)(vi) के तहत शॉर्ट स्टे टैक्स छूट बहुत सीमित है। यह छूट तभी मिलती है जब व्यक्ति विदेशी नागरिक हो और जिस विदेशी कंपनी में वह काम करता है, उसका भारत में कोई बिजनेस न हो।
यही सबसे बड़ी समस्या है। आज लगभग हर बड़ी विदेशी कंपनी का भारत में कोई न कोई ऑपरेशन होता है। साथ ही कई NRIs भी ऐसी कंपनियों में काम करते हैं। ऐसे में अगर वे सिर्फ कुछ दिनों के लिए भारत आते हैं, तब भी उन्हें टैक्स छूट नहीं मिलती, चाहे उनका काम भारत से जुड़ा न हो। BCCI का कहना है कि इन दोनों शर्तों की वजह से NRIs और MNC कर्मचारियों के लिए यह नियम लगभग बेकार हो गया है।
हालांकि NRIs टैक्स ट्रीटी (DTAA) के तहत शॉर्ट स्टे राहत ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है, जैसे Tax Residency Certificate (TRC) और Form 10F। इससे प्रक्रिया और जटिल हो जाती है और आम लोगों के लिए टैक्स राहत पाना मुश्किल हो जाता है।
इसके अलावा, अगर कोई कर्मचारी भारत से रिमोट काम करता है, तो विदेशी कंपनी पर “business connection” या Permanent Establishment (PE) बनने का खतरा पैदा हो जाता है। इसका मतलब यह होता है कि उस विदेशी कंपनी को भारत में टैक्स देना पड़ सकता है और अतिरिक्त कंप्लायंस भी करनी पड़ती है। यही वजह है कि कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को भारत से काम करने देने में हिचकिचाती हैं।
इन सभी समस्याओं को देखते हुए BCCI ने सिफारिश की है कि विदेशी कंपनियों के कर्मचारियों को भारत में 30 दिन तक के शॉर्ट स्टे पर पूरी टैक्स छूट दी जाए, बशर्ते वे सिर्फ विदेशी बिजनेस से जुड़ा काम कर रहे हों। इसके साथ ही विदेशी कंपनियों पर भी किसी तरह का कॉर्पोरेट टैक्स या PE से जुड़ा जोखिम नहीं होना चाहिए। यानी कर्मचारी और कंपनी दोनों को टैक्स राहत मिले।
BCCI का कहना है कि अगर Section 10(6)(vi) को उदार बनाया जाए, तो इससे रिमोट वर्क को बढ़ावा मिलेगा, टैक्स को लेकर स्पष्टता आएगी, मुकदमेबाजी कम होगी और आयकर विभाग का बोझ भी घटेगा। UAE और Thailand जैसे देश पहले से ही ऐसे मॉडल अपना चुके हैं, जिससे क्रॉस-बॉर्डर मूवमेंट बढ़ा है और शॉर्ट-टर्म वर्क विजिट्स आसान हुए हैं।
एक ऐसे समय में जब रिमोट वर्क आम बात बन चुका है, एक्सपर्ट्स का मानना है कि Budget 2026 में टैक्स कानूनों को आधुनिक बनाना जरूरी है। इससे न सिर्फ NRIs और विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए भारत से काम करना आसान होगा, बल्कि भारत “वर्क फ्रॉम एनीवेयर” कल्चर के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन भी बन सकता है।
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