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4 min read | अपडेटेड October 05, 2026, 11:13 IST
सारांश
आज क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और Accenture के बेहतर नतीजों से बाजार को सपोर्ट मिला। हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक बयान ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। सीतारमण के मुताबिक अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर मतभेद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

Stock Market: आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान के बाद बाजार पर दबाव अचानक बढ़ गया।
आज क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और Accenture के बेहतर नतीजों से बाजार को सपोर्ट मिला। हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक बयान ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। सीतारमण के मुताबिक अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर मतभेद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। यहां हम समझेंगे कि बाजार पर आज किन फैक्टर्स का असर दिख रहा है।
आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान के बाद बाजार पर दबाव अचानक बढ़ गया। सीतारमण ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत अभी जारी है, लेकिन दोनों देश ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां आगे कुछ देना या लेना बहुत मुश्किल हो सकता है। यानी समझौते के सबसे कठिन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
सीतारमण के मुताबिक, भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है, यानी अमेरिका भारत से जितना सामान खरीदता है, उसके मुकाबले भारत अमेरिका से कम सामान खरीदता है। अमेरिका इस असंतुलन को कम करना चाहता है और इसलिए भारत से ज्यादा बाजार पहुंच और रियायतें मांग रहा है।
बता दें कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर ने भी कहा कि भारत और अमेरिका समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं, लेकिन डील जल्द होने वाली नहीं है। दोनों देशों ने उन मुद्दों की पहचान कर ली है जिन पर अभी सहमति नहीं बनी है और उन्हें सुलझाने की कोशिश जारी है।
शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे एक बड़ी वजह क्रूड ऑयल के भाव में गिरावट है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 101.55 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसका मुख्य कारण मध्य-पूर्व से तेल का बढ़ता निर्यात और G7 देशों द्वारा अपने आपातकालीन भंडार से तेल निकालने का फैसला है। इससे बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, ईरान युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र के तेल ढांचे को और नुकसान पहुंचने की चिंता अभी बनी हुई है। G7 देशों ने करीब 10 करोड़ बैरल डीजल और कच्चा तेल अपने आपातकालीन भंडार से जारी करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, उन्होंने ऊर्जा के निर्यात पर रोक नहीं लगाने का भी फैसला किया।
IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Accenture के बेहतर नतीजों से भारतीय IT शेयरों को सपोर्ट मिला है। कंपनी के उम्मीद से बेहतर एनुअल रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान के बाद निफ्टी आईटी इंडेक्स सोमवार को करीब 1.5% बढ़ गया। Accenture के मजबूत अनुमान से यह चिंता भी कुछ कम हुई कि AI के कारण कंपनियों के टेक्नोलॉजी खर्च पर असर पड़ सकता है। बाजार को संकेत मिला कि AI के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद IT सेवाओं की मांग और कंपनियों का टेक्नोलॉजी पर खर्च मजबूत रह सकता है। हालांकि बाद में निफ्टी IT ने अपनी बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया।
अमेरिका में सितंबर के दौरान नौकरियों में बढ़ोतरी उम्मीद से ज्यादा धीमी रही। साथ ही, पिछले दो महीनों के रोजगार के आंकड़ों को भी काफी नीचे संशोधित किया गया। इससे संकेत मिला कि अमेरिकी लेबर मार्केट पहले के मुकाबले कमजोर हो रहा है। रोजगार के कमजोर आंकड़ों के कारण Federal Reserve के इस महीने ब्याज दर बढ़ाने की संभावना काफी कम हो गई है। सितंबर में अमेरिका की बेरोजगारी दर 4.2% हो गई, जो अगस्त में 4.1% थी।
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