return to news
  1. Stock Market: अमेरिकी जॉब्स डेटा से रेट कट की उम्मीदों को झटका, Sensex-Nifty में गिरावट की ये है 4 बड़ी वजहें

मार्केट न्यूज़

Stock Market: अमेरिकी जॉब्स डेटा से रेट कट की उम्मीदों को झटका, Sensex-Nifty में गिरावट की ये है 4 बड़ी वजहें

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड November 21, 2025, 14:34 IST

सारांश

Stock Market: अमेरिका की आर्थिक रिपोर्ट में सितंबर में नौकरियों की तेज बढ़ोतरी दिखाई दी। अमेरिकी जॉब्स डेटा आने के बाद ये उम्मीद और कम हो गई कि अमेरिका ब्याज दरों में कटौती करेगा। जब अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो उभरते बाजारों जैसे भारत में विदेशी निवेश का आकर्षण कम हो जाता है।

Stock Market

Stock Market: अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी ने भारतीय आईटी सेक्टर पर भी असर डाला।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 21 नवंबर को बिकवाली का दबाव है। इसके साथ ही आज लगातार 2 दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 400 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 85,195.07 तक के निचले स्तर पर आ गया। दूसरी तरफ Nifty 50 में भी 137 अंकों की कमजोरी दिखी और यह 26055.95 के लेवल तक लुढ़क गया। हालांकि, बाद में बाजार में कुछ रिकवरी भी देखी गई। आज कमजोर ग्लोबल संकेतों ने मार्केट सेंटीमेंट पर असर डाला है। यहां हमने बताया है कि शेयर बाजार में गिरावट के क्या बड़े कारण हैं।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

कमजोर ग्लोबल संकेत

एशियाई बाजारों में आज कमजोरी दिख रही है। दक्षिण कोरिया का KOSPI 3% से ज्यादा गिरा, जबकि जापान का Nikkei 225 भी 2% से नीचे आ गया। चीन के शंघाई और हांगकांग बाजार भी लाल निशान में खुले। कल अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट रही। Nasdaq 2.15% टूटा, S&P 500 करीब 1.56% गिरा और Dow Jones 0.84% नीचे बंद हुआ।

करेंसी मार्केट में भी उतार-चढ़ाव रहा। जापानी येन 10 महीने के निचले स्तर के पास था, लेकिन जापान की वित्त मंत्री Satsuki Katayama द्वारा संभावित हस्तक्षेप का संकेत देने के बाद थोड़ी मजबूती दिखी। वहीं डॉलर एक महीने से ज्यादा के समय का सबसे मजबूत हफ्ता बनाने की ओर था।

रेट कट की उम्मीदों को झटका

अमेरिका की आर्थिक रिपोर्ट में सितंबर में नौकरियों की तेज बढ़ोतरी दिखाई दी। अमेरिकी जॉब्स डेटा आने के बाद ये उम्मीद और कम हो गई कि अमेरिका ब्याज दरों में कटौती करेगा। जब अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो उभरते बाजारों जैसे भारत में विदेशी निवेश का आकर्षण कम हो जाता है। फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक ने कहा कि वे अभी शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों पर कोई साफ दिशा नहीं दे सकतीं। उन्होंने प्राइवेट क्रेडिट मार्केट के तेजी से बढ़ने और हेज फंड्स की गतिविधियों जैसे कई जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया।

आईटी शेयरों में बिकवाली

आज आईटी शेयरों पर भी दबाव रहा क्योंकि इन कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी ने भारतीय आईटी सेक्टर पर भी असर डाला। Nvidia के उम्मीद से बेहतर रिजल्ट आने के बावजूद टेक सेक्टर की गिरावट नहीं रुकी, जिससे घरेलू आईटी शेयरों में और बिकवाली देखने को मिली। रिपोर्ट लिखे जाने के समय Wipro, Persistent Systems, Coforge, OFSS और HCL Tech समेत कई शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे।

मेटल, बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर दबाव

आज भारतीय शेयर बाजार में कई सेक्टर्स के शेयरों में गिरावट दिख रही है। सबसे ज्यादा बिकवाली निफ्टी मेटल इंडेक्स में है और यह करीब 1.56 फीसदी टूट गया है। इसके अलावा निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। रियल्टी शेयरों पर भी आज बिकवाली का दबाव दिख रहा है, जिसके चलते निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.33 फीसदी लुढ़क गया है। इसका असर बाजार पर दिख रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

अगला लेख