मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड November 26, 2025, 11:32 IST
सारांश
Stock Market: अमेरिका में जल्द ही फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीद बढ़ गई है। इस उम्मीद के कारण एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई और भारत के शेयर बाजार भी इसी सकारात्मक माहौल को फॉलो करते हुए ऊपर खुले। यहां हमने बताया है कि आज बाजार में खरीदारी की 6 बड़ी वजहें क्या हैं।

Stock Market: विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी।
अमेरिका में जल्द ही फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीद बढ़ गई है। इस उम्मीद के कारण एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई और भारत के शेयर बाजार भी इसी सकारात्मक माहौल को फॉलो करते हुए ऊपर खुले। आईटी और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी हुई, जिससे बाजार को मजबूती मिली। भारत के सभी 16 बड़े सेक्टर भी शुरुआत में हरे निशान में थे। स्मॉल और मिड कैप स्टॉक्स भी लगभग 1% से अधिक चढ़े गए।
एशियाई बाजारों में तेजी इसलिए भी आई क्योंकि अमेरिका के ताजा डेटा ने दिखाया कि रिटेल सेल्स उम्मीद से कम बढ़ी हैं और उपभोक्ता भरोसा कमजोर हुआ है। इससे निवेशकों को लगता है कि फेड दिसंबर में ब्याज दर घटा सकता है। दो फेड अधिकारियों ने भी दर कटौती के पक्ष में संकेत दिए, जिससे बाजार में विश्वास और बढ़ा। अमेरिका में ब्याज दरें घटने का मतलब है कि विदेशी निवेशक उभरते बाजारों जैसे भारत में ज्यादा पैसा लगाते हैं, इसलिए भारतीय बाजार को भी फायदा हुआ।
एक और बड़ी वजह यह रही कि रिपोर्ट्स के मुताबिक केविन हैसेट, जो अमेरिका में एक वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार हैं को नए फेड चेयरमैन के रूप में चुने जाने की चर्चा है। इससे भी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है।
IT कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। अमेरिका में ब्याज दर घटाए जाने की उम्मीदों के चलते आज IT शेयरों में भी खरीदारी देखी गई, जिसके चलते यह इंडेक्स 0.68 फीसदी उछल गया।
मेटल शेयरों में 1.7% की शानदार तेजी आई क्योंकि अमेरिकी दर कटौती से वैश्विक मेटल की मांग बढ़ने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक माहौल सकारात्मक है और दिसंबर में दर कटौती की उम्मीद बाजार की तेजी को सपोर्ट कर रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के MPC की मीटिंग अगले सप्ताह 3 से 5 दिसंबर तक होने वाली है, जिसमें रेपो रेट में 25 bps कटौती की उम्मीद की जा रही है। इसके चलते रेट-सेंसिटिव सेक्टर जैसे बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो, पीएसयू बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर सेक्टर में 0.5% से 1% की बढ़त देखी गई। आज के कारोबार में निफ्टी बैंक 1 फीसदी से अधिक उछलकर 59,515.30 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 1.64 फीसदी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.07 फीसदी की तेजी देखी गई।
विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी। FII ने भारतीय बाजार में 25 नवबर को 785.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इसके अलावा घरेलू निवेशकों (DII) ने भी भारतीय बाजार में 3,912.47 करोड़ रुपये डाला है। FII और DII के निवेश ने मार्केट सेंटीमेंट को पॉजिटिव किया है।
बाजार को सपोर्ट करने वाली एक और वजह कच्चे तेल की गिरती कीमतें हैं। यूक्रेन के मुताबिक, अमेरिका की कोशिशों से रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर बातचीत आगे बढ़ रही है। अगर युद्ध खत्म होता है, तो रूस पर लगे कई ऊर्जा-संबंधी प्रतिबंध हट सकते हैं, जिससे सप्लाई बढ़ सकती है और तेल की कीमतें और नीचे जा सकती हैं। भारत अपनी तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कीमतों में गिरावट से भारत को फायदा होता है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर लगभग $62.48 प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो 22 अक्टूबर के बाद सबसे कम स्तर है।
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