मार्केट न्यूज़
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5 min read | अपडेटेड November 12, 2024, 13:24 IST
सारांश
11 नवंबर से शुरू हुए इस सप्ताह में एक दिन की छुट्टी भी पड़ रही है। 15 नवंबर को मार्केट बंद रहेगा, ऐसे में माना जा रहा है कि निफ्टी50 इंडेक्स रेंज बाउंड ही रह सकता है। हालांकि, डेली चार्ट पर पिछले सप्ताह के हाइ या लो के ऊपर या नीचे बंद होने से मूमेंटम में बदलाव आ सकता है।

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शेयर मार्केट में एक सप्ताह के ठहराव के बाद से फिर से नेगेटिव ट्रेंड शुरू हो गया है और दीवाली के बाद का सप्ताह रेड पर खत्म हुआ। निफ्टी 50 इंडेक्स वीकली बेसिस पर .6 फीसदी नीचे था, जो मोटे तौर पर अगस्त के मंथली लो के आस-पास था। पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बावजूद, इंडेक्स कमजोर नजर आया, जिसके कई सारे कारण हैं। जिसमें विदेशी इन्वेस्टर्स द्वारा जारी बिकवाली भी एक अहम कारण रहा। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की जीत और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की क्वार्टर-प्वॉइंट रेट में कटौती की खबर से इंडेक्स में शॉर्ट टर्म उछाल आया। क्षेत्रवार, एनर्जी (-3.1%), एफएमसीजी (-1.8%) और तेल एवं गैस (-1.8%) में बिकवाली का दबाव देखा गया, जबकि आईटी (+4.0%) और पीएसयू बैंकों (+0.9%) में खरीदारी की तेजी देखी गई।
निफ्टी50 इंडेक्स में पिछले सप्ताह लगातार कमजोरी देखी गई, इसके 80% शेयर इस पीरियड के दौरान अपने 50-डे मूविंग एवरेज (डीएमए) से नीचे कारोबार कर रहे थे। जो स्थिति है, इंडेक्स के केवल 20% शेयर इस प्रमुख तकनीकी स्तर (key technical level) से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इंडेक्स पिछले तीन हफ्तों से ओवरसोल्ड स्थिति में बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि अगर कुछ भी ऊपर बढ़ने वाला मूवमेंट होता है, तो ऐसे में शॉर्ट-टर्म रिबाउंड देखने को मिल सकता है।
शॉर्ट टर्म रिबाउंड के बावजूद, विदेशी इन्वेस्टर्स (FIIs) पिछले सप्ताह इंडेक्स फ्यूचर्स पर कम रहे। जैसा कि नीचे दिए गए चार्ट में दिखाया गया है, एफआईआई ने पूरे सप्ताह 1.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स से ऊपर के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को बनाए रखा और सप्ताह को 24:76 के लॉन्ग टू शॉर्ट रेशियो के साथ खत्म किया। नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के प्रति इस झुकाव को देखते हुए, ट्रेडर्स को इंडेक्स की चाल में संभावित बदलावों को समझने के लिए करीबी नजर बनाए रखनी चाहिए।
FIIs की कैश मार्केट गतिविधि इंडेक्स डेरिवेटिव के हिसाब से रही। पूरे अक्टूबर में नेट सेलर बने रहने के बाद, FIIs ने नवंबर सीरीज की शुरुआत नेगेटिव मूमेंटम के साथ की और पिछले सप्ताह 19,637 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स नेट बायर बने रहे और उन्होंने 14,391 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिसके चलते 5,246 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो देखने को मिला।
निफ्टी50 इंडेक्स का टेक्निकल स्ट्रक्चर रेंज-बाउंड बना हुआ है, जैसा कि साप्ताहिक चार्ट पर दोजी कैंडलस्टिक पैटर्न से पता चलता है। यह न्यूट्रल पैटर्न इन्वेस्टर्स के पूरी तरह से कॉन्फिडेंट नहीं होने की ओर इशारा करता है। पोजिशनल प्वॉइंट ऑफ व्यू से ट्रेडर्स को इस दोजी पैटर्न के हाइ और लो पर नजर गड़ाए रखनी चाहिए। इन लेवल के ऊपर या नीचे डेली क्लोज आपको क्लियर डायरेक्शन दे सकते हैं।
बैंकिंग इंडेक्स ने लगातार चौथे सप्ताह कंसोलिडेशन को बढ़ाया और वीकली चार्ट पर एक डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न भी बनाया, जो चल रहे रेंज-बाउंड मूवमेंट को अच्छी तरह दिखाता है। जब तक इंडेक्स 52,800 से ऊपर या 49,700 से नीचे बंद नहीं होता, ट्रेंड तब तक ऐसे ही रहने की आशंका है। हालांकि, डेली चार्ट पर इस लेवल से ऊपर का क्लोजिंग मजबूत डायरेक्शन संकेद दे सकते हैं।
इन घटनाओं पर रहेगा फोकस: अमेरिका, भारत की इंफ्लेशन रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल की स्पीच इस सप्ताह फोकस में रहेगी। अमेरिका के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स की अक्टूबर रीडिंग बुधवार को जारी की जाएगी, जिसमें सितंबर के 2.4% से बढ़कर 2.6% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। मुख्य आधार पर, जो रीडिंग फूड और एनर्जी की कीमतों को अलग करती है, सीपीआई सितंबर से 3.3% पर ही रह सकती है और इसमें किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है। वहीं भारत की बात करें तो सीपीआई रीडिंग मंगलवार यानी कि आज बाजार बंद होने के बाद जारी की जा सकती है। फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल गुरुवार को फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ डलास में बोलेंगे। उनका यह भाषण सेंट्रल बैंक द्वारा अपनी इंटरेस्ट रेट में चौथाई फीसदी की कटौती के एक सप्ताह बाद आएगा।
15 नवंबर को गुरु नानक जयंती के लिए इंडियन शेयर मार्केट बंद रहेंगे। ऐसे में सेंसेक्स के वीकली कॉन्ट्रैक्ट्स 14 नवंबर को खत्म होंगे।
तेल: पिछले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों ने अपना शुरुआती लाभ खो दिया, शुरुआत में अमेरिका की मैक्सिको की खाड़ी में आए तूफान के कारण सप्लाई में दिक्कत आने से इसमें तेजी आई थी। इन उतार-चढ़ाव के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतें 1% से अधिक की बढ़त के साथ सप्ताह के अंत में बंद होने में कामयाब रही, ऐसी खबरें हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान और वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगा सकते हैं, जिससे संभावित रूप से आगे सप्लाई में फिर से दिक्कत हो सकती है।
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