मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड September 19, 2025, 13:22 IST
सारांश
टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने पिछले हफ्ते अतिरिक्त एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया के फिर से समीक्षा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कंपनी चाहती है कि बकाया रकम को दोबारा आंका जाए ताकि बोझ कुछ कम हो सके।
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सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह Vodafone Idea को और सीधा समर्थन नहीं देगी।
कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea के शेयरों में आज 19 सितंबर को जमकर खरीदारी हो रही है। यह स्टॉक करीब 9 फीसदी उछलकर 8.55 रुपये के भाव पर पहुंच गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने Vodafone Idea की AGR बकाया राशि से जुड़ी याचिका पर सुनवाई टाल दी है। इस खबर के बाद इसके शेयरों में जबरदस्त खरीदारी हो रही है। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 92,633.29 करोड़ रुपये हो गया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 13.02 रुपये है।
CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह Vodafone Idea की याचिका का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन इसका कुछ समाधान जरूरी हैं और इसके लिए उसे कुछ समय चाहिए। सरकार ने कहा कि वह इस समस्या के लिए समाधान पर काम कर रही है।
टेलीकॉम कंपनी ने पिछले हफ्ते अतिरिक्त एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया के फिर से समीक्षा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कंपनी चाहती है कि बकाया रकम को दोबारा आंका जाए ताकि बोझ कुछ कम हो सके। न्यूज रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के वकीलों ने अदालत से मामले की जल्द सुनवाई का आग्रह किया था।
सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह कंपनी को और सीधा समर्थन नहीं देगी। साल 2021 में सरकार ने कंपनी के लगभग ₹53000 करोड़ कर्ज को इक्विटी में बदल दिया था और करीब 49% हिस्सेदारी ले ली थी। जुलाई में टेलीकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कहा था कि सरकार वोडाफोन आइडिया को पब्लिक सेक्टर कंपनी में बदलने का इरादा नहीं रखती है।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट ने सुझाव दिया था कि केंद्र सरकार एक ऐसे निवेशक की तलाश कर रही है जो वोडाफोन आइडिया में 12-13% हिस्सेदारी खरीदे और लगभग 1 अरब डॉलर (₹8,800 करोड़) का निवेश करे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रमोटर आदित्य बिड़ला ग्रुप (ABG) और ब्रिटेन की वोडाफोन अपनी हिस्सेदारी घटाने का विकल्प रखेंगे, क्योंकि सरकार कुछ समय और निवेशित रहना चाहती है।
वोडाफोन आइडिया पर कुल ₹83400 करोड़ का AGR बकाया है। मार्च 2026 से कंपनी को हर साल लगभग ₹18000 करोड़ चुकाना होगा। ब्याज और पेनाल्टी मिलाकर कुल देनदारी ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा हो जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी को राहत देने के लिए विकल्पों पर विचार हो रहा है जैसे- दो साल की अतिरिक्त मोहलत, छोटे-छोटे वार्षिक भुगतान और ब्याज/पेनाल्टी में छूट।
भारत की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को वोडाफोन आइडिया ने चुना है, ताकि वह कंपनी के बिजनेस सपोर्ट सिस्टम (BSS) को AI आधारित, भविष्य-तैयार प्लेटफॉर्म में बदल सके। 5 साल की यह साझेदारी कंपनी को ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने में मदद करेगी, जिसमें इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, पर्सनलाइजेशन और नए प्रोडक्ट/सेवाओं को तेज़ी से लॉन्च करने पर फोकस होगा।
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