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पावर सेक्टर में ट्रांसरेल लाइटिंग की बढ़ी ताकत, ₹412 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, शेयर उछले

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 06, 2026, 11:59 IST

सारांश

कुल मिलाकर, 412 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर, 2,021 करोड़ रुपये का सालाना ऑर्डर इनटेक, 409 करोड़ रुपये के L1 ऑर्डर्स और बढ़ी हुई मैनुफैक्चरिंग कैपेसिटी ट्रांसरेल लाइटिंग के लिए कारोबार के विस्तार का संकेत देते हैं।

शेयर सूची

ट्रांसरेल शेयर

ट्रांसरेल को मिला बड़ा ऑर्डर, शेयरों में दिखी तेजी (Photo: Shutterstock)

ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड ने अपने इन्वेस्टरों के लिए बड़ी जानकारी शेयर की है। कंपनी ने बताया कि उसे ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) कारोबार में कुल 412 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। इन नए ऑर्डर्स के साथ फाइनेंशियल ईयर के दौरान कंपनी का कुल ऑर्डर इनटेक बढ़कर 2,021 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा कंपनी के पास 409 करोड़ रुपये के L1 ऑर्डर भी हैं। कंपनी के मुताबिक, नए ऑर्डर्स में ज्यादातर घरेलू बाजार में ट्रांसमिशन लाइनों की रिकंडक्टरिंग से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स में हाइ टेंपरेचर लो सैग (HTLS) कंडक्टर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका असर ट्रांसरेल लाइटिंग के शेयरों पर देखने को मिल रहा है। जिसके बाद कंपनी के शेयर 4% से ज्यादा चढ़ गए थे। 11:45 बजे ट्रांसरेल लाइटिंग के शेयर 3.38% यानी कि 15.90 रुपये चढ़कर 478.65 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड हो रहे थे। ट्रांसरेल लाइटिंग इन हाई-परफॉर्मेंस कार्बन-कोर HTLS कंडक्टर्स का निर्माण खुद करती है।

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HTLS कंडक्टर्स से बढ़ेगी ट्रांसमिशन क्षमता

रिकंडक्टरिंग का इस्तेमाल मौजूदा ट्रांसमिशन लाइनों की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। कंपनी के अनुसार, उसके इन-हाउस निर्मित कार्बन-कोर HTLS कंडक्टर्स का इस्तेमाल ट्रांसमिशन लाइनों की करंट कैरिंग कैपेसिटी बढ़ाने में मदद करता है। कंपनी का कहना है कि नए ऑर्डर्स से उसे इस तरह के नए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और घरेलू बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ट्रांसरेल लाइटिंग ने अपनी मैनुफैक्चरिंग कैपेसिटी में भी बढ़ोतरी की है। कंपनी की टॉवर मैनुफैक्चरिंग कैपेसिटी 1,84,400 MTPA और कंडक्टर मैनुफैक्चरिंग कैपेसिटी 40,800 KMPA है। कंपनी का मानना है कि T&D सेक्टर में घरेलू और इंटरनेशनल लेवल पर मौजूद पॉजिटिव परिस्थितियों के साथ बढ़ी हुई क्षमता उसे प्रॉफिटेबल ग्रोथ के लिए बेहतर स्थिति में रखती है।

ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर से सेक्टर को सपोर्ट

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्ट और सीईओ रणदीप नारंग ने कहा कि 412 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर कंपनी के ऑर्डरबुक को मजबूत करते हैं और एक इंटिग्रेटेड T&D प्लेयर के तौर पर उसकी स्थिति को और मजबूत करते हैं। उन्होंने डोमेस्टिक ट्रांसमिशन लाइन रिकंडक्टरिंग प्रोजेक्ट्स में कंपनी की मौजूदगी बढ़ने की बात कही।

उन्होंने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के Phase-III को मंजूरी मिलने का भी जिक्र किया। कंपनी के अनुसार, यह पहल भारत के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और 900 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल-बेस्ड जनरेशन की पावर इवैकुएशन क्षमता को सपोर्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कुल मिलाकर, 412 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर, 2,021 करोड़ रुपये का सालाना ऑर्डर इनटेक, 409 करोड़ रुपये के L1 ऑर्डर्स और बढ़ी हुई मैनुफैक्चरिंग कैपेसिटी ट्रांसरेल लाइटिंग के लिए कारोबार के विस्तार का संकेत देते हैं। कंपनी का फोकस ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ रिकंडक्टरिंग प्रोजेक्ट्स में अपनी भूमिका बढ़ाने पर है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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