मार्केट न्यूज़
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3 min read | अपडेटेड January 08, 2026, 10:48 IST
सारांश
टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 6.34 मिलियन टन कच्चे स्टील का रिकॉर्ड उत्पादन किया है, जो पिछले साल से 12 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की घरेलू डिलीवरी भी पहली बार 6 मिलियन टन के पार पहुंच गई है। ऑटोमोटिव और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स सेगमेंट में मजबूत मांग से यह उपलब्धि हासिल हुई है।
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टाटा स्टील के प्लांट में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।
टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के लिए अपने अब तक के सबसे शानदार उत्पादन और डिलीवरी के आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में कच्चे स्टील का उत्पादन 6.34 मिलियन टन तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि उत्पादन में यह बढ़त केवल सालाना आधार पर ही नहीं, बल्कि पिछली तिमाही की तुलना में भी 12 प्रतिशत रही है। इस रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन के पीछे मुख्य रूप से कंपनी के जमशेदपुर और कलिंगा नगर स्थित अत्याधुनिक कारखानों का बड़ा योगदान रहा है, जहां उत्पादन क्षमता का भरपूर उपयोग किया गया।
उत्पादन के साथ-साथ टाटा स्टील इंडिया ने बिक्री यानी डिलीवरी के मामले में भी नया इतिहास रचा है। पहली बार कंपनी की तिमाही डिलीवरी 6 मिलियन टन के आंकड़े को पार कर गई है। घरेलू बाजार में स्टील की डिलीवरी में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 9 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। अगर वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2025) की बात करें, तो कच्चे स्टील का उत्पादन 6 प्रतिशत बढ़कर 17.2 मिलियन टन और डिलीवरी 6 प्रतिशत बढ़कर 16.3 मिलियन टन रही है। यह आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था में स्टील की बढ़ती मांग को साफ तौर पर दिखाते हैं।
टाटा स्टील के अलग-अलग बिजनेस वर्टिकल में भी प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स सेगमेंट में 0.9 मिलियन टन की रिकॉर्ड डिलीवरी दर्ज की गई, जिसमें सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कलिंगा नगर और जमशेदपुर के डाउनस्ट्रीम प्लांट से हाई-टेन्साइल ग्रेड के स्टील को कार निर्माताओं (OEMs) से मिली मंजूरी ने इस बढ़त में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, टाटा टिस्कॉन, टाटा आस्ट्रम और टाटा स्टीलियम जैसे स्थापित ब्रांडों की मजबूती की वजह से ब्रांडेड प्रोडक्ट्स और रिटेल सेगमेंट ने पहली बार 2 मिलियन टन डिलीवरी का आंकड़ा पार किया है। इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सेगमेंट में भी 1.9 मिलियन टन की अच्छी खासी डिलीवरी हुई है।
टाटा स्टील ने न केवल पारंपरिक बाजार बल्कि डिजिटल क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'टाटा स्टील आशियाना' और 'डिजी-ईसीए' (DigECA) से होने वाली कुल बिक्री (GMV) इस तिमाही में 2,380 करोड़ रुपये रही। यह पिछले साल की तुलना में 68 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखें तो टाटा स्टील नीदरलैंड ने 1.68 मिलियन टन स्टील का उत्पादन किया और 1.40 मिलियन टन की डिलीवरी की। हालांकि, यूरोप के बाजार में सुस्त मांग और मौसमी बदलावों का असर डिलीवरी के आंकड़ों पर थोड़ा जरूर पड़ा। टाटा स्टील थाईलैंड ने भी घरेलू बाजार में सरिया (rebar) की अच्छी बिक्री की मदद से अपनी डिलीवरी में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
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