मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड December 29, 2025, 15:40 IST
सारांश
आज के कारोबार में Sensex के 30 में से ज्यादातर शेयर लाल निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा बिकवाली Adani Ports, Power Grid, HCL Technologies, Trent और BEL के शेयरों में देखने को मिली। दूसरी तरफ टॉप गेनर्स में Tata Steel, Asian Paints, NTPC, Eternal और Axis Bank के शेयर टॉप गेनर्स रहे।

Stock Market Wrap: आज मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली।
आज के कारोबार में Sensex के 30 में से ज्यादातर शेयर लाल निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा बिकवाली Adani Ports, Power Grid, HCL Technologies, Trent और BEL के शेयरों में देखने को मिली। दूसरी तरफ टॉप गेनर्स में Tata Steel, Asian Paints, NTPC, Eternal और Axis Bank के शेयर टॉप गेनर्स रहे।
आज मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.52 फीसदी तक टूट गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 0.72 फीसदी की बिकवाली देखी गई।
सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस की बात करें तो ज्यादातर सेक्टर्स में गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी मीडिया और FMCG को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर्स लाल निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी IT, ऑटो फार्मा और रियल्टी सेक्टर्स में रही।
| इंडेक्स | तेजी या गिरावट |
|---|---|
| निफ्टी ऑटो | -0.53% |
| निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 25/50 | -0.35% |
| निफ्टी FMCG | +0.11% |
| निफ्टी आईटी | -0.75% |
| निफ्टी मीडिया | +0.93% |
| निफ्टी मेटल | -0.16% |
| निफ्टी फार्मा | -0.47% |
| निफ्टी PSU बैंक | +0.05% |
| निफ्टी प्राइवेट बैंक | -0.18% |
| निफ्टी रियल्टी | -0.67% |
| निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स | -0.62% |
| निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स | -0.91% |
| निफ्टी ऑयल एंड गैस | -0.06% |
| निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर | -0.73% |
| निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (एक्स-बैंक) | -0.64% |
| निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज | -0.53% |
| निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम | -0.32% |
| निफ्टी केमिकल्स | -0.12% |
| निफ्टी 500 हेल्थकेयर | -0.64% |
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार शेयर बेच रहे हैं। शुक्रवार को FIIs ने करीब 317 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो लगातार चौथा दिन था जब वे नेट सेलर रहे। इस लगातार बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और बाजार में बड़ी तेजी आने पर ब्रेक लगा हुआ है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 61 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। कच्चे तेल के महंगे होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है और महंगाई का खतरा भी रहता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में तेजी शेयर बाजार के लिए नेगेटिव मानी जाती है।
अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को लगभग सपाट बंद हुए और सोमवार सुबह एशियाई समय में US फ्यूचर्स भी सुस्त नजर आए। एशिया में जापान का निक्केई इंडेक्स गिरावट में ट्रेड कर रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार में मजबूत तेजी के लिए किसी बड़े ट्रिगर की जरूरत है, जैसे भारत–अमेरिका के बीच कोई बड़ा ट्रेड डील। फिलहाल ऐसी कोई साफ तस्वीर नहीं है, इसलिए बाजार कुछ समय तक कंसोलिडेशन में रह सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू बाजार की कमजोरी के चलते रुपया भी दबाव में है। शुरुआती कारोबार में रुपया 5 पैसे गिरकर 89.95 प्रति डॉलर पर आ गया। इससे पहले शुक्रवार को भी रुपया 19 पैसे कमजोर हुआ था। रुपये की कमजोरी भी शेयर बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर डाल रही है।
लेखकों के बारे में

अगला लेख
How To Use Open Interest For Intraday Trading: Complete Guide
What Is Stop Loss In Trading? Meaning, Types, & How To Use It
What Is ICRA? Why Its Credit Ratings Matter To Investors
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs