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  1. Stock Market: शुरुआती रैली के बाद बाजार ने गंवाई बढ़त, आखिर मार्केट में क्यों नहीं टिक पा रही है तेजी?

मार्केट न्यूज़

Stock Market: शुरुआती रैली के बाद बाजार ने गंवाई बढ़त, आखिर मार्केट में क्यों नहीं टिक पा रही है तेजी?

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड January 22, 2026, 12:24 IST

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सारांश

Stock Market की तेजी ज्यादा देर बरकरार नहीं रह सकी और इसने अपनी लगभग पूरी बढ़त गंवा दी। रिपोर्ट लिखे जाने के समय Sensex में महज 100 अंकों की तेजी थी। वहीं निफ्टी 50 भी 40 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हमने बताया है कि बाजार ने बढ़त क्यों गंवाई। यहां हमने बाजार में कमजोरी के कारण बताए हैं।

Stock Market

Stock Market: बाजार की बढ़त घटने के पीछे पहला कारण मुनाफावसूली रहा।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 22 जनवरी को शुरुआती कारोबार में जबरदस्त तेजी देखी गई। आज के कारोबार में BSE Sensex एक समय पर करीब 850 अंक उछलकर 82,783.18 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 270 अंक बढ़कर 25,435.75 के लेवल पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ने 8 यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से कदम पीछे खींच लिया है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर ताकत का इस्तेमाल करने से भी इनकार किया।
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हालांकि, शेयर बाजार की यह तेजी ज्यादा देर बरकरार नहीं रह सकी और इसने अपनी लगभग पूरी बढ़त गंवा दी। रिपोर्ट लिखे जाने के समय Sensex में महज 100 अंकों की तेजी थी। वहीं निफ्टी 50 भी 40 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हमने बताया है कि बाजार ने बढ़त क्यों गंवाई। यहां हमने बाजार में कमजोरी के कारण बताए हैं।

बाजार में मुनाफावसूली

बाजार की बढ़त घटने के पीछे पहला कारण मुनाफावसूली रहा। तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार में तेज उछाल आया था, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा काटना शुरू किया।

FII की लगातार बिकवाली

FII की लगातार बिकवाली जारी है। 21 जनवरी को भी विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बिकवाली जारी रखी। आकाश शाह के मुताबिक, एफआईआई अभी भी शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना हुआ है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक चुनिंदा समर्थन देकर बड़ी गिरावट को रोक रहे हैं।

रुपये की सुस्त चाल

रुपया 91.53 पर मजबूत खुला, लेकिन इसके बाद सीमित दायरे में ही कारोबार करता रहा और दबाव बना रहा। हाल के दिनों में यही रुझान देखा गया है, जहां रुपये की रिकवरी टिक नहीं पा रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय रुपया 91.59 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था। बुधवार को यह 0.8% टूटकर डॉलर के मुकाबले 91.7425 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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