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Tata Steel से JSW Steel और SAIL तक, आज स्टील स्टॉक्स में दिखी मजबूती, समझें क्या है वजह

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड January 22, 2026, 14:53 IST

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सारांश

आज के कारोबार में कई मेटल शेयरों में तेजी नजर आ रही है। APL अपोलो ट्यूब्स का शेयर सबसे ज्यादा करीब 4 फीसदी उछल गया है। इसके अलावा SAIL और जिंदल स्टील में करीब 3% की देखी गई। Tata Steel, Adani Enterprises और Lloyds Metals के शेयर करीब 2 फीसदी उछल गए।

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Steel Stocks

Steel Stocks: स्टील शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह स्टील आयात पर लगाई गई सेफगार्ड ड्यूटी है।

Steel Stocks: आज भारतीय शेयर बाजारों में स्टील शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है। इसके चलते Nifty Metal इंडेक्स 1% से ज्यादा चढ़कर 11,560 के आसपास कारोबार करता दिखा। इंडेक्स की 15 में से 11 कंपनियों के शेयर हरे निशान में थे। स्टील शेयरों में इस तेजी के पीछे स्टील आयात पर सेफगार्ड ड्यूटी, FY27 के केंद्रीय बजट से पहले उम्मीदें और मजबूत स्टील मांग जैसे कारण हो सकते हैं। यहां हम समझेंगे कि स्टील शेयरों में इस तेजी की वजह क्या है।
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इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा खरीदारी

आज के कारोबार में कई मेटल शेयरों में तेजी नजर आ रही है। APL अपोलो ट्यूब्स का शेयर सबसे ज्यादा करीब 4 फीसदी उछल गया है। इसके अलावा SAIL और जिंदल स्टील में करीब 3% की देखी गई। Tata Steel, Adani Enterprises और Lloyds Metals के शेयर करीब 2 फीसदी उछल गए। इसके अलावा JSW स्टील और जिंदल स्टेनलेस, National Aluminium Co और Hindalco के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।

क्या है स्टील शेयरों में तेजी की वजह

स्टील शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह स्टील आयात पर लगाई गई सेफगार्ड ड्यूटी है। सरकार ने फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स के आयात पर 12% की सेफगार्ड ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। यह ड्यूटी तीन साल तक लागू रहेगी। पहले साल 12%, दूसरे साल 11.5% और तीसरे साल 11% ड्यूटी लगेगी। इससे सस्ते आयात पर रोक लगेगी और घरेलू स्टील कंपनियों को फायदा होगा।

दिसंबर 2025 में स्टील इंडस्ट्री ने कहा कि सरकार के इस फैसले से घरेलू सेक्टर को मदद मिलेगी। इंडियन स्टील एसोसिएशन (ISA) के अध्यक्ष और जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल का कहना है कि चीन, जापान, कोरिया और वियतनाम जैसे देशों से सस्ता स्टील भारत में आ रहा था, जिससे घरेलू कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा था। सेफगार्ड ड्यूटी से बाजार में संतुलन बनेगा, घरेलू उत्पादन को सपोर्ट मिलेगा और रोजगार पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

बजट से उम्मीदें

आगामी यूनियन बजट को लेकर भी स्टील सेक्टर में उत्साह है। इंडस्ट्री चाहती है कि सरकार ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने के लिए स्क्रैप के इस्तेमाल पर जोर दे। ग्रीन स्टील का मतलब है कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीक से स्टील बनाना। इंडियन स्टील एसोसिएशन ने GST से जुड़े नियमों को सरल बनाने और स्क्रैप सप्लाई चेन में सुधार की मांग की है।

ग्रीन स्टील के लिए सरकारी मदद जरूरी

पूर्व स्टील सचिव अरुणा शर्मा का कहना है कि स्टील कंपनियां ग्रीन स्टील पॉलिसी के अनुसार निवेश तो कर रही हैं, लेकिन इस बदलाव को तेज करने के लिए बजट में सरकारी सहायता जरूरी है। इससे भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल स्टील उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

भारत की अर्थव्यवस्था में स्टील की अहम भूमिका

भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में स्टील सेक्टर की बड़ी भूमिका है। स्टील का इस्तेमाल घर बनाने, गाड़ियां बनाने, मशीनरी, पैकेजिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में होता है। यह ‘मेक इन इंडिया’ को भी मजबूती देता है और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद करता है।

2030 तक 300 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य है कि भारत 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करे। स्टील सचिव ने कहा है कि सरकार कीमत और गुणवत्ता दोनों को संतुलित रखने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। यही वजह है कि स्टील सेक्टर को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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