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  1. सिल्वर ETF 16% तक अचानक क्यों गिर गए? ऐसी क्या खबर आई कि गोल्ड-सिल्वर में शुरू हो गई बिकवाली

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सिल्वर ETF 16% तक अचानक क्यों गिर गए? ऐसी क्या खबर आई कि गोल्ड-सिल्वर में शुरू हो गई बिकवाली

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड January 22, 2026, 12:24 IST

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सारांश

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गए हैं। ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर सैन्य कब्जे की बात से इनकार करते हुए 'फ्यूचर डील' का संकेत दिया है। इसके चलते निवेशकों ने कीमती धातुओं से पैसा निकालकर शेयर बाजार की ओर रुख किया है। भारत में घरेलू प्रीमियम घटने से ईटीएफ में और भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है।

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चांदी की बढ़ती चमक पर अचानक ब्रेक क्यों लग गया?

सोने और चांदी के बाजार में पिछले कई महीनों से जारी रिकॉर्ड तोड़ तेजी पर आज अचानक ब्रेक लग गया है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ भारतीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 1 से 2 प्रतिशत गिरी है, वहीं भारत में कुछ सिल्वर ईटीएफ (जैसे टाटा सिल्वर ईटीएफ) की कीमतों में 16 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों के बीच खलबली मचा दी है और लोग इस भारी बिकवाली की वजह तलाश रहे हैं।

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ट्रंप के बयान से पलटा पूरा खेल?

बाजार में आई इस तबाही की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान है। ट्रंप ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ग्रीनलैंड मुद्दे पर अपने रुख में नरमी लाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ग्रीनलैंड को लेकर एक 'भविष्य के समझौते की रूपरेखा' तैयार कर ली गई है और वे इस द्वीप के अधिग्रहण के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले भारी टैरिफ की धमकी को भी वापस ले लिया है। इन संकेतों ने वैश्विक राजनीति में जारी तनाव को कम कर दिया है।

सुरक्षित निवेश की मांग में भारी कमी?

जब भी दुनिया में युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है, निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोने और चांदी की ओर भागते हैं। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच चल रहे विवाद ने सोने को 4,888 डॉलर और चांदी को 95 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया था। लेकिन अब तनाव कम होने और 'रिस्क-ऑन' का माहौल बनने से निवेशकों ने कीमती धातुओं से पैसा निकालना शुरू कर दिया है। डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती ने भी सोने और चांदी की चमक को कम कर दिया है, क्योंकि डॉलर मजबूत होने पर अन्य मुद्राओं के लिए ये धातुएं महंगी हो जाती हैं।

सिल्वर ईटीएफ में इतनी बड़ी गिरावट क्यों?

निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में तो कम गिरे, लेकिन ईटीएफ 16 प्रतिशत तक क्यों टूट गए। दरअसल, भारतीय बाजार में चांदी की भारी मांग और कमी के कारण पिछले कुछ समय से घरेलू कीमतें अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क की तुलना में काफी प्रीमियम (महंगे दाम) पर कारोबार कर रही थीं। जैसे ही वैश्विक कीमतों में गिरावट आई और पैनिक सेलिंग शुरू हुई, यह घरेलू प्रीमियम पूरी तरह धराशायी हो गया। इसी वजह से टाटा सिल्वर ईटीएफ जैसे फंड्स में अंतरराष्ट्रीय गिरावट के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़ा असर देखने को मिला है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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