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Reliance Power: 7500 करोड़ की संपत्ति कुर्क, क्या कंपनी पर असर पड़ेगा? अनिल अंबानी ने दिया जवाब

Upstox

3 min read | अपडेटेड November 05, 2025, 13:45 IST

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सारांश

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लांड्रिंग केस में 7500 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की हैं। रिलायंस समूह ने साफ किया है कि इससे रिलायंस इंफ्रा और रिलायंस पावर के काम पर असर नहीं पड़ेगा। अनिल अंबानी भी इन कंपनियों के बोर्ड में नहीं हैं। दोनों कंपनियां कर्ज मुक्त हैं।

Reliance Power shares, Oct 6

रिलायंस समूह ने ईडी की कुर्की पर अपनी स्थिति साफ की है।

अनिल अंबानी के रिलायंस समूह के लिए मंगलवार का दिन बड़ी हलचल लेकर आया। खबर आई कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग की जांच में 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। इस खबर के आते ही रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के निवेशकों की धड़कनें तेज हो गईं। लेकिन शाम होते-होते समूह ने एक बड़ा बयान जारी कर इन सभी आशंकाओं पर विराम लगा दिया। समूह ने साफ कहा है कि इस कुर्की से उनकी लिस्टेड कंपनियों के काम पर कोई असर नहीं पड़ा है।

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कुर्की का R-Power और R-Infra पर कितना असर?

रिलायंस समूह ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि ईडी की इस कारवाई का रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड के काम पर कोई असर नहीं पड़ा है। दोनों कंपनियां पहले की तरह सामान्य रूप से काम कर रही हैं। कंपनी ने कहा कि उनका पूरा ध्यान ग्रोथ, बेहतर संचालन और अपने 50 लाख से अधिक शेयरधारकों के हितों पर है।

तो फिर कुर्क हुई संपत्तियां किसकी हैं?

अब सवाल उठता है कि अगर इन दो कंपनियों पर असर नहीं पड़ा, तो ये 7,500 करोड़ की संपत्तियां आखिर किसकी हैं? समूह ने इसका भी जवाब दिया। बयान के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) का है। यह वही आरकॉम है जो 2019 से यानी पिछले करीब छह सालों से रिलायंस समूह का हिस्सा ही नहीं है। आरकॉम पिछले छह साल से दिवालिया प्रक्रिया (सीआईआरपी) से गुजर रही है। फिलहाल यह कंपनी पूरी तरह से कर्जदाताओं (जैसे एसबीआई) और समाधान पेशेवर के नियंत्रण में है। यह पूरा मामला 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से लिए गए लोन में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है।

अनिल अंबानी का इन कंपनियों से क्या है संबंध?

जब भी रिलायंस समूह की बात होती है, तो अनिल अंबानी का नाम सबसे पहले आता है। ED की कारवाई में मुंबई के पाली हिल स्थित उनके पारिवारिक घर का भी जिक्र है। हालांकि, कंपनियों ने एक और बड़ी बात साफ की है। समूह ने बताया कि अनिल अंबानी का रिलायंस कम्युनिकेशंस से अब कोई लेना-देना नहीं है, उन्होंने 2019 में ही इस्तीफा दे दिया था। इतना ही नहीं, वह पिछले साढ़े तीन साल से रिलायंस इंफ्रा या रिलायंस पावर के निदेशक मंडल (बोर्ड) में भी नहीं हैं। समूह ने कहा कि इन रिपोर्टों में बार-बार अनिल अंबानी का नाम जोड़ना अनुचित है।

कर्ज मुक्त हैं दोनों कंपनियां

निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए समूह ने अपनी दोनों मुख्य कंपनियों की आर्थिक सेहत का ब्योरा भी दिया। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक पैसे का भी बैंक कर्ज नहीं है। 31 मार्च, 2025 तक कंपनी की संपत्ति 65,840 करोड़ रुपये और नेटवर्थ 14,287 करोड़ रुपये था। इसी तरह, रिलायंस पावर पर भी बैंक का कोई कर्ज नहीं है और 31 मार्च, 2025 तक इसकी संपत्ति 41,282 करोड़ रुपये और नेटवर्थ 16,337 करोड़ रुपये था।

समूह ने यह भी बताया कि 29 अक्टूबर, 2025 को रिलायंस इंफ्रा और रिलायंस पावर ने सेबी (SEBI) के पास एक शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत 'निहित स्वार्थी तत्वों' के खिलाफ है, जो कथित तौर पर बाजार में हेरफेर करने और कंपनी के शेयरों की कीमत गिराने का एक व्यवस्थित अभियान चला रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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