मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड January 16, 2025, 13:04 IST
सारांश
रिलायंस इंडस्ट्रीज का तीसरा तिमाही रिजल्ट आज आना है। ऑप्शन मार्केट प्राइसिंग फिलहाल 3.8 फीसदी आगे चल रही है, जो दिखाता है कि ट्रेडर्स को उम्मीद है कि रिलायंस शेयर ₹1200 और ₹1300 के बीच ट्रेड होगा।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज का तीसरा तिमाही रिजल्ट आज आना है।
कंसॉलिडेटेड Q3 रेवेन्यू में तिमाही-दर-तिमाही 0.5-1% की मामूली वृद्धि देखने की उम्मीद है, जो ₹2.33- ₹2.37 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। साल-दर-साल, रेवेन्यू 3-5% बढ़ सकता है, जबकि वित्त वर्ष 2025 के Q2 में ₹2.35 लाख करोड़ और वित्त वर्ष 2024 के Q3 में ₹2.27 लाख करोड़ था।
नेट प्रॉफिट 5-8% बढ़कर ₹17,300-17,900 करोड़ होने की उम्मीद है, हालांकि यह Q3FY24 में रिपोर्ट किए गए ₹19,641 करोड़ से घट सकता है। Q2FY25 में, रिलायंस ने ₹16,563 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। कंसोलिडेटेड EBITDA ₹40,200-₹40,500 करोड़ के बीच होने की उम्मीद है, जो 5-7 परसेंट की ग्रोथ दिखाता है।
इस ग्रोथ का क्रेडिट तेल-से-रसायन बिजनेस में मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और टेलिकॉम सेक्टर में हाइ एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (एआरपीयू) को दिया जाता है, जो Q2FY25 में प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स के लिए टैरिफ बढ़ाने से आया।
इन्वेस्टर्स रिलायंस के प्रमुख सेक्टर्स रिटेल, टेलिकॉम और तेल रिफाइनिंग की परफॉर्मेंस की रिसर्च करने के लिए उसके तीसरी तिमाही के नतीजों पर करीब से नजर रखेंगे। इसके अलावा मैनेजमेंट की टिप्पणी भी बिजनेस के लिहाज से फोकस में रहेगी।
नतीजों से पहले, 16 जनवरी को दिन में 12 बजे रिलायंस के शेयर 0.85 फीसदी बढ़कर ₹1,262 पर ट्रेड हो रहे थे। इस महीने स्टॉक में 3.3 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई है, लेकिन 2024 के लिए यह 5.96% नीचे था, जो निफ्टी50 से कम प्रदर्शन कर रहा था, जो इसी अवधि के दौरान 8.8% बढ़ गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज जुलाई 2024 के अपने ऑल-टाइम हाइ लेवल से पिछले छह महीनों में 22 फीसदी से अधिक फिसल गई है। यह मौजूदा समय में ₹1,200 के क्रूशियल सपोर्ट जोन के पास ट्रेड कर कर रहा है, जो 200 वीकली एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के साथ संरेखित है। इस बीच डेली चार्ट के मुताबिक रिलायंस अहम मोड़ पर है। ट्रेडर्स ₹1,200 के क्रूशियल सपोर्ट जोन और 50-डे ईएमए के प्रतिरोध की निगरानी कर सकते हैं।
ऑप्शन मार्केट, 15 जनवरी तक, 1,250 की एट-द-मनी स्ट्राइक के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 3.8 फीसदी की बढ़त दिखाता है। इस बीच, 30 जनवरी की क्लोजिंग के लिए ओपन इंटरेस्ट (ओआई) बिल्ड-अप में 3,000 स्ट्राइक पर हाइएस्ट कॉल बेस है, जो दिखाता है कि स्टॉक को इस लेवल के आसपास प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, हाइएस्ट पुट OI को 1,200 स्ट्राइक पर रखा गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की मौजूदा बढ़त को देखते हुए ऑप्शन्स डेटा के आधार पर ट्रेडर्स लॉन्ग या फिर शॉर्ट अस्थिरता स्ट्रैटजी चुन सकते हैं। जो लोग रिलायंस इंडस्ट्रीज में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव का फायदा उठाना चाहते हैं, उनके लिए लॉन्ग स्ट्रैडल स्ट्रैटजी सही हो सकती है। इसमें एक ही स्ट्राइक प्राइस और रिलायंस की एक्सपाइरी के साथ एट-द-मनी (एटीएम) कॉल और पुट ऑप्शन दोनों खरीदना शामिल है।
इस स्ट्रैटजी का लक्ष्य किसी भी दिशा में ±3.8% से अधिक की चाल से प्रॉफिट कमाना है। इसके उलट, शॉर्ट स्ट्रैडल स्ट्रैटजी उनके लिए सही है जहां अस्थिरता में गिरावट की उम्मीद है। इस दृष्टिकोण में, एक ट्रेडर एटीएम कॉल और पुट ऑप्शन दोनों को समान स्ट्राइक प्राइस और एक्सपाइरी के साथ बेचेगा, जिसका मतलब है कि कमाई जारी होने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज की कीमत ±3.8% की सीमा के भीतर रहेगी।
डेरिवेटिव ट्रेडिंग केवल उन ट्रेडर्स द्वारा की जानी चाहिए जो उनसे जुड़े जोखिमों को पूरी तरह से समझते हैं और स्टॉप-लॉस जैसे रिस्क मैकेनिज्म को सख्ती से लागू करते हैं। यहां दी गई जानकारी सिर्फ और सिर्फ आपको बेहतर एजुकेट करने के लिए है। हम ट्रेडिंग के लिए किसी खास स्टॉक, सिक्योरिटीज और स्ट्रैटजी को बढ़ावा नहीं देते हैं। इस आर्टिकल में जिस स्टॉक का जिक्र किया गया है, वह यह दिखाने के लिए है कि एनालिसस किस तरह से करना है। किसी भी स्टॉक में अपना पैसा लगाने से पहले पूरी तरह से जान-समझ लें और उसके हिसाब से अपना फैसला खुद लें।
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