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  1. रिलायंस के मुनाफे में 40% का तूफानी उछाल, ₹3.32 लाख करोड़ के पार रेवेन्यू, 15,000 करोड़ जुटाने का भी बड़ा प्लान

मार्केट न्यूज़

रिलायंस के मुनाफे में 40% का तूफानी उछाल, ₹3.32 लाख करोड़ के पार रेवेन्यू, 15,000 करोड़ जुटाने का भी बड़ा प्लान

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड October 30, 2026, 20:05 IST

सारांश

रिलायंस इंडस्ट्रीज का दूसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 40.6% बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 28.5% चढ़कर 3.32 लाख करोड़ रुपये रहा।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पेश किए तिमाही नतीजे।

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने 30 अक्टूबर 2026 को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY27 के कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इन परिणामों को मंजूरी दी गई। कंपनी ने शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के दम पर जोरदार बढ़त बनाई है। रिलायंस के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 40% से अधिक की तगड़ी छलांग लगी है, जबकि ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 3.32 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी बोर्ड ने 15,000 करोड़ रुपये के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की भी मंजूरी दे दी है।

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नेट प्रॉफिट में 40% से ज्यादा का जोरदार उछाल

कंसोलिडेटेड आंकड़ों के अनुसार 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी के शेयरधारकों का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 40.64% बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 18,165 करोड़ रुपये था। वहीं पिछली तिमाही के मुकाबले भी इसमें 21.97% की बढ़त दर्ज हुई। एसोसिएट्स और जॉइंट वेंचर्स के शेयर को मिलाकर कुल टैक्स बाद मुनाफा 33.76% बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये रहा। कंपनी की बेसिक EPS भी बढ़कर 18.88 रुपये हो गई है, जो पिछले साल 13.42 रुपये थी।

₹3.32 लाख करोड़ के पार पहुंचा ऑपरेशन से रेवेन्यू

कंपनी के रेवेन्यू में भी जोरदार तेजी देखने को मिली है। दूसरी तिमाही में रिलायंस का ऑपरेशन से रेवेन्यू 28.57% बढ़कर 3,32,861 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2,58,898 करोड़ रुपये था। कंपनी की कुल आय 28.58% बढ़कर 3,38,654 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस दौरान कुल खर्च 3,00,041 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 2,34,256 करोड़ रुपये था। कंपनी का टैक्स से पहले मुनाफा यानी प्रॉफिट बिफोर टैक्स 32.58% बढ़कर 38,613 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

O2C और डिजिटल सर्विसेज की तगड़ी कमाई

सेगमेंट नतीजों में ऑयल टू केमिकल्स यानी O2C बिजनेस का प्रदर्शन सबसे दमदार रहा। O2C सेगमेंट का EBITDA 67.93% की भारी छलांग के साथ 25,203 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 15,008 करोड़ रुपये था। डिजिटल सर्विसेज का रेवेन्यू बढ़कर 48,486 करोड़ रुपये और इसका EBITDA 17.69% बढ़कर 22,223 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। रिटेल सेगमेंट ने 91,717 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 6,120 करोड़ रुपये का EBITDA हासिल किया। ऑयल एंड गैस का EBITDA 4,901 करोड़ रुपये रहा।

15 हजार करोड़ के डिबेंचर्स और जियो की लिस्टिंग

बोर्ड बैठक में प्राइवेट प्लेसमेंट पर 15,000 करोड़ रुपये तक के लिस्टेड रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी करने का प्रस्ताव पास किया गया। इसके अलावा नतीजों में बताया गया कि जियो प्लेटफॉर्म्स 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हो चुकी है। जियो के आईपीओ से कुल 30,188 करोड़ रुपये जुटाए गए, जिनमें से 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के विदेशी कर्ज यानी एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स के समय से पहले भुगतान के लिए किया गया है। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट कार्यों में उपयोग की जाएगी, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत होगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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