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Om Power Transmission IPO का दूसरा दिन आज, निवेश से पहले जान लें मुनाफे और रिस्क की पूरी बात

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड July 05, 2026, 13:39 IST

सारांश

ओम पावर ट्रांसमिशन का आईपीओ निवेश के लिए खुला है। पहले दिन रिटेल और संस्थागत निवेशकों की तरफ से औसत रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए मिले पैसों का इस्तेमाल मशीनें खरीदने और कर्ज चुकाने में करेगी।

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ओम पावर ट्रांसमिशन के आईपीओ का आज दूसरा दिन है।

शेयर बाजार में इन दिनों आईपीओ की धूम मची हुई है और इसी कड़ी में ओम पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड का आईपीओ भी निवेशकों के लिए खुला हुआ है। आज यानी 10 अप्रैल 2026 को इस आईपीओ का दूसरा दिन है। पहले दिन की बिडिंग खत्म होने के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बताते हैं कि निवेशकों ने इस कंपनी में दिलचस्पी तो दिखाई है, लेकिन अभी वह जोश नजर नहीं आया जिसकी उम्मीद की जा रही थी। पहले दिन यह आईपीओ कुल 0.40 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

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सब्स्क्रिप्शन की क्या है स्थिति?

आईपीओ के पहले दिन यानी 9 अप्रैल की शाम तक अलग-अलग कैटेगरी में निवेशकों का रिस्पॉन्स मिला-जुला रहा है। रिटेल कैटेगरी में इसे 0.31 गुना सब्स्क्रिप्शन मिला है, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी कैटेगरी में 0.78 गुना बोलियां लगी हैं। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई कैटेगरी में केवल 0.12 गुना ही सब्स्क्रिप्शन देखने को मिला है। पहले दिन के ये आंकड़े बताते हैं कि बड़े निवेशक यानी क्यूआईबी इस आईपीओ को लेकर ज्यादा उत्साहित दिख रहे हैं, जबकि आम निवेशकों ने अभी 'देखो और इंतजार करो' की नीति अपनाई हुई है।

कंपनी की कमाई और प्रॉफिट

ओम पावर ट्रांसमिशन के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो कंपनी ने पिछले कुछ सालों में अच्छी ग्रोथ दिखाई है। साल 2025 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू लगभग 279.43 करोड़ रुपये रहा था, जो कि साल 2024 के 182.76 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। मुनाफे के मामले में भी कंपनी ने लंबी छलांग लगाई है। साल 2024 में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 7.41 करोड़ रुपये था, जो साल 2025 में बढ़कर 22.08 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। कंपनी के पास दिसंबर 2025 तक लगभग 744.60 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक भी मौजूद है, जो इसके फ्यूचर के लिए अच्छा संकेत है।

आईपीओ के पैसों का क्या होगा?

कंपनी इस आईपीओ के जरिए जो पैसा जुटा रही है, उसका इस्तेमाल अपने बिजनेस को और बड़ा करने में करेगी। मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी लगभग 11.21 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नई मशीनें और इक्विपमेंट खरीदने के लिए करेगी। इसके अलावा, कंपनी पर जो बैंक का कर्ज है, उसमें से करीब 25 करोड़ रुपये चुकाने की योजना है। बाकी बचे हुए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कर्ज कम होने से कंपनी की बैलेंस शीट आने वाले समय में और मजबूत हो सकती है।

निवेश से पहले जोखिम जान लें

हर निवेश के साथ कुछ न कुछ रिस्क जुड़े होते हैं और इस आईपीओ में भी कुछ ऐसी बातें हैं जिन पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी का ज्यादातर रेवेन्यू कुछ ही बड़े ग्राहकों से आता है। अगर इनमें से कोई ग्राहक कम होता है, तो कंपनी की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। इसके अलावा, यह बिजनेस काफी ज्यादा कैपिटल वाला है, यानी इसमें पैसों का काफी ज्यादा लेन-देन होता है। अगर ग्राहकों से पेमेंट मिलने में देरी होती है, तो कंपनी के कैश फ्लो में दिक्कत आ सकती है। साथ ही, पिछले एक साल में मुनाफे में जो अचानक उछाल आया है, उसे भविष्य में बरकरार रखना भी एक बड़ी चुनौती होगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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