मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड October 06, 2026, 15:16 IST
सारांश
पॉवर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर की दो दिग्गज कंपनियों लेजर पावर एंड इन्फ्रा और ट्रांसरेल लाइटिंग को भारी भरकम नए ऑर्डर मिले हैं। ट्रांसरेल लाइटिंग को 412 करोड़ रुपये और लेजर पावर को पावरग्रिड से 72.76 करोड़ रुपये के काम मिले हैं।

आज के बाजार में कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं।
भारतीय शेयर बाजार में पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसमिशन से जुड़ी कंपनियों के लिए सकारात्मक खबरें आई हैं। पॉवर सेक्टर की दो प्रमुख कंपनियों लेजर पावर एंड इन्फ्रा और ट्रांसरेल लाइटिंग को करोड़ों रुपये के नए ऑर्डर्स मिले हैं। नए ऑर्डर्स मिलने की जानकारी सामने आने के बाद बीएसई पर दोनों कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का रुझान देखा गया। ट्रांसरेल लाइटिंग के शेयर में 4% से अधिक का उछाल देखने को मिला, वहीं लेजर पावर का शेयर भी हरे निशान में कारोबार करता नजर आया। इन ऑर्डर्स से दोनों कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत हुई है और उनके बिजनेस विस्तार को नई रफ्तार मिलेगी।
ट्रांसरेल लाइटिंग ने अपने मुख्य ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में 412 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। इन नए ऑर्डर्स के मिलने के साथ ही चालू वित्त वर्ष में कंपनी का कुल ऑर्डर इनटेक बढ़कर 2,021 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके अलावा कंपनी के पास 409 करोड़ रुपये के एल1 ऑर्डर भी पाइपलाइन में मौजूद हैं। कंपनी को मिले यह नए ऑर्डर मुख्य रूप से घरेलू बाजार में एचटीएलएस कंडक्टर्स के जरिए ट्रांसमिशन लाइनों के रीकंडक्टरिंग प्रोजेक्ट्स से संबंधित हैं। इन ऑर्डर्स के चलते कंपनी के शेयर बीएसई पर 19.15 पॉइंट यानी 4.14% की बढ़त के साथ 482.00 रुपये पर पहुंच गए।
कंपनी अपने इनहाउस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में हाई-परफॉर्मेंस कार्बन कोर एचटीएलएस कंडक्टर्स तैयार करती है। इन विशेष कंडक्टर्स का इस्तेमाल ट्रांसमिशन लाइनों की करंट ले जाने की क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है। ट्रांसरेल लाइटिंग की टावर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 1,84,400 एमटीपीए और कंडक्टर क्षमता 40,800 KMPA है। बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता और पॉवर ट्रांसमिशन सेक्टर में घरेलू व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे अवसरों के बल पर कंपनी मजबूत ग्रोथ की ओर अग्रसर है। इस कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 71.12% है, जबकि इंस्टीट्यूशंस के पास 9.01% और नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के पास 19.88% शेयर हैं। कंपनी का कुल मार्केट कैप 6,441.60 करोड़ रुपये है।
दूसरी तरफ लेजर पावर एंड इन्फ्रा ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया से 72.76 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट्स नॉर्थ ईस्टर्न रीजन एक्सपेंशन स्कीम-24 के तहत हाई टेम्परेचर लो सैग यानी HTLS कंडक्टर्स की सप्लाई और दो मौजूदा 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों के रीकंडक्टरिंग काम के लिए दिए गए हैं। यह प्रोजेक्ट लगभग 164 सर्किट-किलोमीटर के ट्रांसमिशन कॉरिडोर को कवर करता है और इसे अवार्ड मिलने के 12 महीने के भीतर पूरा किया जाना है। इस खबर के बाद बीएसई पर कंपनी का शेयर 268.70 रुपये के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
यह ऑर्डर कंपनी के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह एचटीएलएस कंडक्टर्स की सप्लाई के लिए लेजर पावर का पहला कमर्शियल ऑर्डर है। इसके साथ ही कंपनी की एचटीएलएस टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट डेवलपमेंट के चरण से निकलकर कमर्शियल क्रियान्वयन के दौर में पहुंच गई है। अमरीका की टीएस कंडक्टर के साथ लाइसेंसिंग व्यवस्था के तहत कंपनी को इस एडवांस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिली हुई है। पावरग्रिड का यह ऑर्डर इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग तक की सभी क्षमताओं को एक साथ लाता है। कंपनी पॉवर केबल्स और कंडक्टर्स की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर है, और इसका मार्केट कैप 3,769.59 करोड़ रुपये है। कंपनी में प्रमोटर्स के पास 75.30% हिस्सेदारी है।
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