मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड October 26, 2024, 13:13 IST
सारांश
दिवाली के मौके पर छुट्टी होने के बावजूद स्टॉक मार्केट एक घंटे के लिए खुलते हैं। इस दौरान लक्ष्मी जी की पूजा के साथ स्पेशल ट्रेडिंग सेशन चलता है। इन्वेस्टर्स इसे किस्मत की चाबी मानकर शेयर्स की खरीद- फरोख्त जरूर करते हैं ताकि धन की देवी उनका भाग्य भी बदलें।

क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग
दिवाली का त्योहार रोशनी के साथ- साथ लक्ष्मी जी के स्वागत का मौका होता है। यही वजह है कि इस साल 1 नवंबर को स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE स्पेशल मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन करेंगे। एक घंटे का यह सेशन शाम को 6:15 से 7:15 के बीच होगा।
इस दौरान इन्वेस्टर शेयर खरीद या बेच सकेंगे और अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस कर सकेंगे। इन्वेस्टर्स डेरिवेटिव और करंसी डेरिवेटिव्स में भी ट्रेड कर सकेंगे। यही नहीं, नए इन्वेस्टर में इस सेशन के जरिए स्टॉक मार्केट में कदम रख सकेंगे।
यूं तो त्योहार के मौके पर स्टॉक मार्केट बंद रहता है लेकिन दिवाली पर ट्रेडिंग की परंपरा काफी वक्त से चली आ रही है। सबसे पहले गुजरात के स्टॉक ब्रोकर्स और मर्चेंट्स ने इसकी शुरुआत की थी। लक्ष्मी पूजन के साथ- साथ उन्होंने नए अकाउंट्स शुरू किए। धीरे- धीरे ये परंपरा चल निकली। BSE ने इसकी शुरूआत 1957 में जबकि NSE ने 1992 में की थी।
जब ट्रेडिंग ऑनलाइन नहीं हुआ करती थी, तब ट्रेडर्स एक जगह इकट्ठा होते थे। अब चीजें बदल चुकी हैं। सबसे पहले लक्ष्मी पूजन और दूसरे कार्यक्रम होते हैं जिसके बाद एक घंटे का सेशन शुरू होता है। अब इस एक घंटे को छोटे- छोटे स्लॉट्स में बांट दिया जाता है। स्टॉक, डेरिवेटिव, कमॉडिटी वगैरह के लिए स्लॉट तय होते हैं। इन स्लॉट्स के अंदर खरीदना, बेचना और पोर्टफोलियो बैलेंसिंग होती है। ट्रेडिंग से जुड़े बाकी नियम सामान्य ही रहते हैं।
कई ब्रोकर अपने क्लाइंट्स के लिए नए सेटलमेंट अकाउंट मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान शुरू करते हैं। माना जाता है कि इस दिन ट्रेडिंग करने से संपन्नता दस्तक देती है। कई लोग ऐसे स्टॉक्स भी खरीदते हैं जिन्हें कभी बेचा नहीं जाता और गुड-लक चार्म की तरह रख लिया जाता है। शायद यही वजह है कि लगभग हर साल इस सेशन के दौरान मार्केट ऊंची छलांगें मारता दिखता है।
दिवाली के साथ ही नया संवत् शुरू होता है जो हिंदू कैलेंडर के हिसाब से नया साल माना जाता है। इस साल 2 नवंबर को विक्रम संवत् 2081 शुरू होगा। गुजरात में इस दिन छुट्टी होती है लेकिन इन्वेस्टर और मर्चेंट्स शेयर्स जरूर खरीदते हैं और नए साल के साथ अच्छी किस्मत का स्वागत करते हैं। वहीं, ब्रोकर्स अपनी अकाउंट बुक्स की पूजा करते हैं।
कई इन्वेस्टर स्टॉक मार्केट में कदम रखने से पहले लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं। इसे शुभ अवसर तो माना जाता ही है, त्योहार के साथ जुड़े होने के कारण मार्केट को अच्छा बूस्ट मिलता है। ग्रहों की स्थिति के हिसाब से पूजा करने वाले ट्रेडर्स नतीजों को लेकर उत्साहित रहते हैं और उम्मीद करते हैं कि धनलक्ष्मी का प्रवेश उनके भाग्य में भी होगा।
क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग? मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली पर होने वाला खास सेशन है जो आमतौर पर एक घंटे के लिए होता है।
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान क्या- क्या होता है? इस दौरान नए इन्वेस्टर मार्केट में कदम रखते हैं, शेयर्स की खरीद- फरोख्त, पोर्टफोलियो बैलेंसिंग जैसे काम किए जाते हैं।
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान कैसा रहता है मार्केट? लक्ष्मी पूजन और त्योहार के साथ जुड़े होने के कारण अमूमन मार्केट में सकारात्मकता रहती है।
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