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  1. गूगल चलाने के लिए सुंदर पिचाई कैसे लेते हैं AI एजेंट्स की मदद, खुद खोला रोज का सीक्रेट

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गूगल चलाने के लिए सुंदर पिचाई कैसे लेते हैं AI एजेंट्स की मदद, खुद खोला रोज का सीक्रेट

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 23, 2026, 15:52 IST

सारांश

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया है कि वह कंपनी के कामकाज और दैनिक ऑपरेशंस पर नजर रखने के लिए एआई एजेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। ये एजेंट्स पिछले 24 घंटों की गतिविधियों का सारांश तैयार करते हैं और जरूरी चीजों को फ्लैग करते हैं।

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Google के सीईओ सुंदर पिचाई

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया है कि वह कंपनी के कामकाज और दैनिक ऑपरेशंस पर नजर रखने के लिए एआई एजेंट्स का किस तरह इस्तेमाल करते हैं। सोर्सेज पॉडकास्ट पर बातचीत में पिचाई ने कहा कि ये एआई एजेंट्स पिछले 24 घंटों की गतिविधियों का सार तैयार करते हैं। इसके अलावा वे कंपनी की इंटरनल बातचीत पर नजर रखते हैं और एआई मॉडल्स की प्रगति तथा कंप्यूटिंग रिसोर्सेज के उपयोग की पूरी जानकारी देते हैं। इस व्यवस्था के चलते उन्हें ईमेल और रिपोर्ट्स पढ़ने में घंटों नहीं बिताने पड़ते और वे हर जरूरी बात से पूरी तरह अपडेट रहते हैं।

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ईमेल और रिपोर्ट्स में नहीं बीतता घंटों समय

पिचाई ने बताया कि पहले गूगल के सभी अपडेट्स पर नजर रखने में उन्हें रोज करीब एक घंटा लग जाता था। लेकिन अब एआई एजेंट्स यह शुरुआती काम खुद संभाल लेते हैं। वे जरूरी जानकारियां जुटाते हैं और महत्वपूर्ण बातों को तुरंत फ्लैग कर देते हैं। हालांकि पिचाई ने इस बात पर जोर दिया कि इंसानी निगरानी बेहद जरूरी बनी हुई है। खासकर जब कंप्यूटिंग रिसोर्सेज के बंटवारे जैसे अहम फैसले लेने की बात आती है, तो फैसला इंसानों द्वारा ही लिया जाता है। उन्होंने साफ किया कि एआई एजेंट्स बड़े फैसले लेने के लिए नहीं बनाए गए हैं।

बिना रुकावट लगातार काम करते हैं क्लाउड एजेंट्स

एआई एजेंट्स की मदद से पिचाई कई इंटरनल चैट ग्रुप्स की चर्चाओं पर बिना हर मैसेज पढ़े नजर रख पाते हैं। वे उन्हें यह भी बताते हैं कि अलग-अलग एआई मॉडल्स कैसे आगे बढ़ रहे हैं और कंप्यूटिंग पावर का इस्तेमाल किस तरह हो रहा है। जब किसी मुद्दे को गहराई से समझना हो, तो वे सीधे उसकी बारीकियों में जा सकते हैं। पिचाई ने समझाया कि क्लाउड एजेंट की बड़ी खूबी यह है कि यह बिना रुकावट लगातार काम करता है और एक काम के संदर्भ को दूसरे काम तक ले जाता है। इससे उन्हें नई प्राथमिकताओं पर ध्यान देने में मदद मिलती है, जबकि एजेंट्स अपना काम जारी रखते हैं।

वेबसाइट्स तक कैसे पहुंचेंगे नए एआई एजेंट्स

इंटरव्यू में सुंदर पिचाई ने इस बात पर भी चर्चा की कि आने वाले समय में एआई एजेंट्स वेबसाइट्स को कैसे एक्सेस करेंगे। उनका मानना है कि इसका विकास दो दिशाओं में होगा। पहला तरीका यह होगा कि एजेंट्स आम लोगों की तरह वेब ब्राउज करेंगे और दूसरा तरीका यह होगा कि वे ऑटोमेटेड संचार के लिए तैयार खास प्रोटोकॉल के जरिए बात करेंगे। उन्होंने कंप्यूटर पर ब्राउजर का इस्तेमाल करने को एक शानदार तरीका बताया। हालांकि उनका मानना है कि आगे चलकर समर्पित प्रोटोकॉल बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता देंगे, भले ही उनके विकास में ज्यादा समय लगे।

पिचाई ने मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल यानी MCP एजेंट प्रोटोकॉल और पेमेंट मानकों में हो रही बढ़ोतरी की बात कही। गूगल ने ओपन यूनिवर्सल कॉमर्स प्रोटोकॉल यानी यूसीपी का भी समर्थन किया है, जिससे एआई एजेंट्स कई प्लेटफॉर्म्स पर कॉमर्स से जुड़े काम कर सकें। उन्होंने कहा कि कारोबारियों की लंबी अवधि की रणनीति हमेशा यूजर्स की जरूरतों पर केंद्रित होनी चाहिए। गूगल ने गूगल-एजेंट नाम से एक सुविधा भी दी है जो यूजर्स के कहने पर वेब नेविगेट करती है। पिचाई का मानना है कि इस पूरे बदलाव के बावजूद इंसानी भूमिका और कारोबारी मूल्य हमेशा बने रहेंगे।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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