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3 min read | अपडेटेड November 28, 2025, 14:00 IST
सारांश
Real Estate Sector: जेफरीज ने रियल एस्टेट सेक्टर पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर की सुस्ती के बाद नवंबर में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में तेजी आई है। ब्रोकरेज ने अनुमान लगाया है कि लिस्टेड डेवलपर्स वित्त वर्ष 2026 में 25% की प्री-सेल्स ग्रोथ दर्ज कर सकते हैं।

रियल एस्टेट सेक्टर में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में तेजी देखने को मिल रही है।
Real Estate Sector: शेयर बाजार में रियल एस्टेट सेक्टर की चाल पर विदेशी ब्रोकरेज हाउस जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में सेक्टर के मौजूदा हालात और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रियल एस्टेट बाजार में गतिविधियों में फिर से तेजी आती दिख रही है। अक्टूबर महीने में त्योहारों और छुट्टियों के कारण कामकाज थोड़ा धीमा रहा था, लेकिन नवंबर में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में फिर से गति यानी मोमेंटम बनता दिख रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि आवासीय बाजार (Residential Market) में गतिविधियां बढ़ रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर बाजार में लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनियों ने साल की शुरुआत मजबूत तरीके से की है। जेफरीज का अनुमान है कि उनके कवरेज वाली बड़ी डेवलपर्स कंपनियां वित्त वर्ष 2026 में 25 प्रतिशत की प्री-सेल्स ग्रोथ हासिल कर सकती हैं। यह आंकड़ा बताता है कि कंपनियों की बिक्री के आंकड़ों में बढ़ोतरी हो सकती है। ब्रोकरेज हाउस ने अपनी रिपोर्ट में गोदरेज प्रॉपर्टीज (GPL) और लोढ़ा (Macrotech Developers) जैसी कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में इन कंपनियों के नए लॉन्च और बिक्री का प्रदर्शन काफी मजबूत रहने की उम्मीद है।
जेफरीज ने बाजार के लेवल का भी विश्लेषण किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स अपने 2024 के शिखर (Peak) से करीब 20 प्रतिशत नीचे आ चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरावट के बाद सेक्टर का वैल्यूएशन बदला है और अब यह देखना अहम होगा कि आगे बाजार किस दिशा में जाता है।
अगर पिछले 6 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 6 महीने में इंडेक्स ने नकारात्मक प्रदर्शन किया है और पिछले एक साल में करीब 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले छह महीनों में ब्याज दरों को लेकर वैश्विक अनिश्चितता और अन्य मैक्रो कारणों से इस सेक्टर के इंडेक्स पर दबाव देखने को मिला है। फिलहाल यह सेक्टर एक दायरे में कारोबार करता दिख रहा है।
सितंबर तिमाही (Q2) के नतीजों की बात करें तो रियल एस्टेट कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। आमतौर पर मानसून के कारण दूसरी तिमाही रियल एस्टेट के लिए थोड़ी सुस्त मानी जाती है, लेकिन इसके बावजूद कई कंपनियों के प्री-सेल्स यानी बुकिंग के आंकड़े ठीक रहे हैं। गोदरेज प्रॉपर्टीज, डीएलएफ और प्रेस्टीज एस्टेट्स जैसी कंपनियों ने अपनी बुकिंग के आंकड़े जारी किए थे। हालांकि, रेवेन्यू रिकग्निशन के नियमों के चलते कुछ कंपनियों के शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में उतार-चढ़ाव जरूर दिखा, लेकिन ऑपरेशनल स्तर पर मांग स्थिर बनी हुई है। अब नजरें तीसरी और चौथी तिमाही पर हैं, जहां नए लॉन्च से आंकड़ों में बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
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