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3 min read | अपडेटेड October 31, 2025, 12:41 IST
सारांश
ITC ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ₹5180 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के ₹5078 करोड़ से 2% अधिक है। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू जुलाई-सितंबर की अवधि में सालाना 3.4% घटकर ₹18021 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹18,649 करोड़ था।
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ITC: आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 5.28 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
दिग्गज FMCG कंपनी ITC के शेयरों में आज 31 अक्टूबर को खरीदारी हो रही है। यह स्टॉक BSE पर करीब 2 फीसदी उछलकर 426.50 रुपये के भाव पर पहुंच गया। ITC के शेयरों में यह तेजी FY26 की सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद दिख रही है। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 5.28 लाख करोड़ रुपये हो गया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 471.39 रुपये और 52-वीक लो 391.50 रुपये है।
आईटीसी ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ₹5180 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के ₹5078 करोड़ से 2% अधिक है। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू जुलाई-सितंबर की अवधि में सालाना 3.4% घटकर ₹18021 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹18,649 करोड़ था।
आईटीसी का सिगरेट बिजनेस से रेवेन्यू सालाना 7% बढ़कर ₹8723 करोड़ हो गया और अन्य एफएमसीजी कारोबार से रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹5,964 करोड़ हो गया। एफएमसीजी बिजनेस से इसका कुल रेवेन्यू 6.77% बढ़कर ₹14687 करोड़ हो गया। कंपनी ने कहा कि प्रीमियम सिगरेट और नए वैरिएंट्स की मांग में तिमाही के दौरान अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी के मुताबिक नोटबुक्स को छोड़कर एफएमसीजी बिजनेस में 8% की सालाना वृद्धि हुई। हालांकि, ज्यादा बारिश और जीएसटी सिस्टम में बदलाव जैसी दिक्कतों से कुछ असर देखा गया। ग्रोथ मुख्य रूप से स्टेपल्स, डेयरी, प्रीमियम साबुन और अगरबत्ती से आई। नोटबुक कैटेगरी अब भी सस्ते पेपर इंपोर्ट और स्थानीय प्रतिस्पर्धा से प्रभावित है।
एफएमसीजी सेगमेंट का EBITDA मार्जिन 50 बेसिस पॉइंट बढ़कर 10% हो गया। यह सुधार कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता और लागत नियंत्रण के प्रयासों की वजह से हुआ। कंपनी ने बताया कि तेल, गेहूं, मैदा, कोको और साबुन जैसे प्रमुख इनपुट्स की कीमतें सालाना आधार पर ऊंची बनी हुई हैं, लेकिन अब उनमें स्थिरता दिख रही है।
ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म Jefferies के अनुसार आईटीसी की सिगरेट बिक्री में लगभग 6% सालाना की वृद्धि हुई है, जो इसके प्रतिस्पर्धियों से बेहतर है। हालांकि, कंपनी के EBIT मार्जिन में गिरावट जारी रही है। इसका कारण है महंगे तंबाकू की कीमतें और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा। Jefferies ने यह भी कहा कि कंपनी की EBITDA ग्रोथ सिर्फ 2% रही है, लेकिन प्रबंधन को आने वाले समय में सुधार की उम्मीद है।
Citi ने बताया कि आईटीसी की कुल आय (Revenue) में 2% की गिरावट हुई है, जिसका मुख्य कारण एग्रीबिजनेस सेगमेंट का कमजोर प्रदर्शन रहा। लेकिन अगर इस सेगमेंट को छोड़ दिया जाए तो कंपनी की आय में 8% की वृद्धि दर्ज की गई है। Citi ने यह भी कहा कि निवेशकों में मार्जिन की कमजोरी और प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम प्रदर्शन को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि, फर्म का मानना है कि आईटीसी की रणनीतिक पोर्टफोलियो विस्तार योजनाएं और मार्केट में नई पहलें कंपनी को लंबे समय तक मार्केट शेयर बनाए रखने में मदद करेंगी।
Nomura ने कहा कि आईटीसी के दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे उनके अनुमान के अनुरूप रहे। Nomura को उम्मीद है कि आईटीसी के पेपरबोर्ड सेगमेंट में जल्द सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही, उसने कंपनी के फूडटेक बिजनेस में अच्छे ग्रोथ की संभावना भी जताई है।
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