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  1. जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO पर संस्थागत निवेशकों ने लगाई ₹2.5 लाख करोड़ की बोली

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जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO पर संस्थागत निवेशकों ने लगाई ₹2.5 लाख करोड़ की बोली

भारत की सबसे बड़ी हिंदी समाचार एजेंसियों में से एक।

3 min read | अपडेटेड October 19, 2026, 15:01 IST

सारांश

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43% हिस्सेदारी है। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी की 8,110 करोड़ रुपये की ‘एंकर बुक’ के लिए पेशकश की गई राशि के मुकाबले 30 गुना से अधिक बोलियां मिली।

जियो प्लैटफॉर्म्स आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में संस्थागत निवेशकों ने दिखाई भारी दिलचस्पी (Photo: Shutterstock)

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए संस्थागत निवेशकों ने करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां लगाई हैं। कंपनी में हिस्सेदारी लेने के इच्छुक निवेशकों में वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधक, सरकारी निवेश कोष, घरेलू म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियां शामिल हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की यह अनुषंगी कंपनी शेयर मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43% हिस्सेदारी है। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी की 8,110 करोड़ रुपये की ‘एंकर बुक’ के लिए पेशकश की गई राशि के मुकाबले 30 गुना से अधिक बोलियां मिली।

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किन कंपनियों ने लगाया दांव?

संस्थागत निवेशकों की ओर से दिखाई गई इस रुचि से टेलिकम्युनिकेशन्स और डिजिटल सर्विसेज के कारोबार में निवेश की उनकी मजबूत दिलचस्पी का पता चलता है। सूत्रों ने बताया कि ‘एंकर बुक’ कैटेगरी के लिए बोलियां लगाने वाली वैश्विक निवेश कंपनियों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और जेनस हेंडरसन शामिल हैं। ‘एंकर बुक’ आईपीओ में बड़े संस्थागत निवेशकों से जुटाई जाने वाली बोलियों और निवेश की प्रक्रिया से जुड़ी होती है।

उन्होंने बताया कि सिंगापुर के जीआईसी, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण, कतर निवेश प्राधिकरण और नॉर्वे के नोर्गेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट समेत सरकारी और सार्वजनिक निवेश संस्थानों ने भी निवेश के लिए बोलियां लगाईं। भारतीय संस्थानों की भी इसमें प्रमुख भागीदारी रही। बोली लगाने वालों में एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी जैसे प्रमुख म्यूचुअल फंड शामिल रहे।

आईपीओ से जुड़ी बाकी डीटेल्स

सूत्रों के अनुसार, भारतीय जीवन बीमा निगम, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई पेंशन फंड्स, एचडीएफसी पेंशन और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल समेत बीमा कंपनियों और पेंशन कोषों ने भी बोलियां लगाईं। इस भागीदारी में अलग-अलग निवेश उद्देश्यों वाले घरेलू और विदेशी संस्थान शामिल हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स 30,213 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ ला रही है। यह पब्लिक इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इश्यू में 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल नहीं होगी।

जुटाए फंड से क्या करेगी कंपनी?

इस आईपीओ के भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनने की उम्मीद है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकता है। कंपनी के आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार, इससे जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कुछ हद तक उसकी टेलिकम्युनिकेशन्स अनुषंगी कंपनी का कर्ज चुकाने और सामान्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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