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वेदांता ने खेला बड़ा दांव! जिंक उत्पादन क्षमता दोगुनी, शेयर में हलचल की उम्मीद?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 19, 2026, 08:08 IST

सारांश

वेदांता का लक्ष्य भारत और दक्षिण अफ्रीका में मिलाकर सालाना 30 लाख टन जिंक उत्पादन हासिल करना है। इस योजना में हिंदुस्तान जिंक की ओर से 20 लाख टन और वेदांता जिंक इंटरनेशनल की ओर से 10 लाख टन योगदान देने का लक्ष्य शामिल है।

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वेदांता लिमिटेड

वेदांता ने खेला बड़ा दांव! जिंक उत्पादन क्षमता दोगुनी, शेयर में हलचल की उम्मीद? (Photo: Shutterstock)

मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने कारोबार के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका में अपनी सालाना जिंक उत्पादन क्षमता दोगुनी करके 5 लाख टन कर दी है। यह विस्तार गाम्सबर्ग (Gamsberg) प्रोजेक्ट के दूसरे राउंड में करीब 600 मिलियन डॉलर यानी लगभग 5,700 करोड़ रुपये के निवेश से किया गया है। इस घोषणा के बाद आज वेदांता लिमिटेड के शेयरों में कुछ हलचल देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को वेदांता लिमिटेड के शेयर 246.10 रुपये प्रति शेयर पर क्लोज हुए थे।

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गाम्सबर्ग विस्तार: क्या है कंपनी की बड़ी उपलब्धि?

वेदांता ने 18 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि उसकी सहायक इकाई वेदांता जिंक इंटरनेशनल के गाम्सबर्ग ऑपरेशन की सालाना उत्पादन क्षमता बढ़कर 5 लाख टन हो गई है। दक्षिण अफ्रीका के नॉर्दर्न केप प्रांत में स्थित यह खदान कंपनी की प्रमुख जिंक प्रोजेक्ट्स में शामिल है।

इस एक्सपेंशन का उद्घाटन दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और वेदांता लिमिटेड की निदेशक प्रिया अग्रवाल हेब्बर की मौजूदगी में हुआ। कंपनी के मुताबिक, यह निवेश दक्षिण अफ्रीका में मौजूदा दशक के बड़े खनन निवेशों में से एक है।

3 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य

वेदांता का लक्ष्य भारत और दक्षिण अफ्रीका में मिलाकर सालाना 30 लाख टन जिंक उत्पादन हासिल करना है। इस योजना में हिंदुस्तान जिंक की ओर से 20 लाख टन और वेदांता जिंक इंटरनेशनल की ओर से 10 लाख टन योगदान देने का लक्ष्य शामिल है।

गाम्सबर्ग प्रोजेक्ट का विस्तार कंपनी की इंटरनेशनल उत्पादन क्षमता मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा है। हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्पादन में बढ़ोतरी, परिचालन दक्षता और बाजार की मांग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

किन सेक्टरों में बढ़ती है जिंक की मांग?

जिंक का इस्तेमाल स्टील को जंग से बचाने के लिए गैल्वनाइजेशन प्रोसेस में किया जाता है। इसके अलावा निर्माण, ऑटोमोबाइल, बुनियादी ढांचे और विनिर्माण उद्योगों में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, औद्योगिक गतिविधियों और स्टील की मांग में बढ़ोतरी से जिंक की खपत को समर्थन मिल सकता है। ऐसे में उत्पादन क्षमता का विस्तार वेदांता को बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर देता है।

गाम्सबर्ग प्रोजेक्ट का विस्तार वेदांता की ग्लोबल जिंक रणनीति को मजबूती देता है। अब मार्केट की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी बढ़ी हुई क्षमता का इस्तेमाल कितनी प्रभावी तरीके से करती है और इसका वित्तीय प्रदर्शन पर क्या असर पड़ता है। यह खबर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन निवेश का फैसला कंपनी के वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन और जोखिमों का आकलन करने के बाद ही लेना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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