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मार्केट न्यूज़

IndiGo पर लगा ब्रेक तो SpiceJet के शेयरों ने भरी उड़ान, सरकार ने 10% फ्लाइट कटौती का दिया है आदेश

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड December 10, 2025, 12:49 IST

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सारांश

IndiGo पिछले कुछ दिनों से बड़ी परेशानी में है क्योंकि नए फ्लाइट ड्यूटी नियमों के कारण उनकी अंदरूनी प्लानिंग बिगड़ गई। इससे कई फ्लाइट एक साथ कैंसिल हो गईं और लाखों यात्रियों को दिक्कत हुई। एयरपोर्ट पर भी बहुत अव्यवस्था देखने को मिली। इस बीच SpiceJet के शेयरों में खरीदारी हो रही है।

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IndiGo share: पिछले 9 कारोबारी दिनों में इंडिगो के शेयरों में 17 फीसदी से अधिक की गिरावट आ चुकी है।

IndiGo की पेरेंट कंपनी Interglobe Aviation के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है। आज यह स्टॉक करीब 2 फीसदी टूटकर 4853 रुपये के भाव पर आ गया। दरअसल, एविएशन मिनिस्ट्री ने एयरलाइन को अपना फ्लाइट शेड्यूल 10% कम करने का आदेश दिया है। पिछले 9 कारोबारी दिनों में इंडिगो के शेयरों में 17 फीसदी से अधिक की गिरावट आ चुकी है। इसके चलते कंपनी का मार्केट कैप घटकर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। हालांकि, इस बीच दूसरी तरफ SpiceJet के शेयरों में खरीदारी नजर आ रही है।

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IndiGo में अभी क्या चल रहा है?

इंडिगो पिछले कुछ दिनों से बड़ी परेशानी में है क्योंकि नए फ्लाइट ड्यूटी नियमों के कारण उनकी अंदरूनी प्लानिंग बिगड़ गई। इससे कई फ्लाइट एक साथ कैंसिल हो गईं और लाखों यात्रियों को दिक्कत हुई। एयरपोर्ट पर भी बहुत अव्यवस्था देखने को मिली।

इस हालात को देखते हुए सिविल एविएशन मंत्रालय ने इंडिगो को अपना फ्लाइट शेड्यूल 10% कम करने का आदेश दिया है। सरकार का कहना है कि अगर इंडिगो थोड़ा कम उड़ान भरेगा तो वह अपने ऑपरेशन्स को बेहतर तरीके से संभाल पाएगा और आगे कैंसिलेशन कम होंगी। इससे पहले DGCA ने 5% की कटौती का आदेश दिया था, लेकिन अब मंत्रालय ने इसे 10% कर दिया है।

SpiceJet के शेयर 5% उछले

स्पाइसजेट के शेयरों में आज अच्छी तेजी देखी गई और यह करीब 5% चढ़कर ₹36 तक पहुंच गया। इंडिगो की फ्लाइट्स में 10% कटौती के आदेश के बीच यह तेजी देखी गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिगो की उड़ानों में कटौती का सीधा फायदा स्पाइसजेट और दूसरी एयरलाइनों को होगा। जब इंडिगो कम फ्लाइट्स उड़ाएगा, तो यात्रियों की मांग दूसरे कैरियर्स की तरफ बढ़ेगी, जिससे उनका बिजनेस बढ़ सकता है।

सरकार ने इंडिगो को दिए ये निर्देश

मंत्री राममोहन नायडू ने बताया कि इंडिगो के CEO को मंत्रालय में बुलाया गया था और उनसे पूरा अपडेट लिया गया। CEO ने बताया कि 6 दिसंबर तक जिन फ्लाइट्स को कैंसिल किया गया था, उनकी 100% रिफंड प्रोसेस कर दी गई है। सरकार ने इंडिगो को साफ निर्देश दिए हैं कि वे हर तरह की गाइडलाइन का पालन करें, किराए को कंट्रोल में रखें और यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखें।

इस पूरे मामले पर ICSI (कंपनी सेक्रेटरीज की संस्था) ने भी टिप्पणी की है। उनका कहना है कि इंडिगो में गवर्नेंस यानी प्रबंधन में चूक हुई है। इस घटना से कंपनियों को सीख लेनी चाहिए कि समय रहते जोखिम पहचानना, सही तरह से जानकारी साझा करना और पारदर्शिता रखना कितना जरूरी है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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