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  1. IT Sector में हाहाकार क्यों? TCS और Infosys समेत सभी बड़े शेयर धड़ाम, जानें गिरावट की असली वजह

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IT Sector में हाहाकार क्यों? TCS और Infosys समेत सभी बड़े शेयर धड़ाम, जानें गिरावट की असली वजह

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 13, 2026, 11:35 IST

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सारांश

भारतीय आईटी शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई और निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.24% तक टूट गया। अमेरिका में टेक शेयरों में मंदी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से ट्रेडिशनल बिजनेस मॉडल को होने वाले खतरे की वजह से निवेशक डरे हुए हैं। पिछले दो दिनों में आईटी इंडेक्स 10% से ज्यादा गिर चुका है।

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शेयर बाजार में आईटी शेयरों की बिकवाली से निवेशकों में घबराहट का माहौल है।

भारतीय आईटी सेक्टर के लिए शुक्रवार का दिन किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ है। शेयर बाजार खुलते ही आईटी शेयरों में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.24 परसेंट तक लुढ़क गया और 31,422.60 के निचले लेवल पर पहुंच गया। पिछले दो कारोबारी सेशन पर नजर डालें तो 11 फरवरी के बाद से अब तक आईटी इंडेक्स में 10.46 परसेंट की भारी गिरावट आ चुकी है।

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अमेरिकी बाजार ने बढ़ाई टेंशन

आईटी सेक्टर में इस कोहराम की मुख्य वजह अमेरिकी शेयर बाजार में मची हलचल है। गुरुवार रात वॉल स्ट्रीट पर टेक और सॉफ्टवेयर शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोन्स 669 पॉइंट टूटकर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक में 2 परसेंट से ज्यादा की गिरावट रही। सिस्को सिस्टम्स जैसी बड़ी कंपनी ने कमजोर गाइडेंस जारी की, जिससे टेक सेक्टर का भरोसा डगमगा गया। अमेरिकी निवेशकों को अब यह डर सताने लगा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता इस्तेमाल पुरानी सॉफ्टवेयर कंपनियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है।

बाजार में इस बात की गहरी चिंता है कि नई एआई तकनीक और स्टार्टअप्स ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग मॉडल को पूरी तरह से बदल सकते हैं। जानकारों का मानना है कि एआई की वजह से कंपनियों की प्राइसिंग पावर कम हो सकती है और पुराने सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर्स की मांग घट सकती है। न केवल आईटी, बल्कि इसका असर बैंकिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी दिख रहा है। अमेरिका में मॉर्गन स्टेनली जैसे वित्तीय संस्थानों और सी.एच. रॉबिन्सन जैसी ट्रांसपोर्ट कंपनियों के शेयर भी एआई के डर से गिर रहे हैं।

सबसे बड़ी समस्या अभी क्या है?

इस संकट के बीच इंफोसिस के पूर्व सीईओ और वियनाई (Vianai) के फाउंडर विशाल सिक्का ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि एआई के आने से प्रोडक्टिविटी में 20 से 30 गुना तक की बढ़त देखी जा रही है, लेकिन इसकी पूरी क्षमता और हकीकत में अभी भी बड़ा अंतर है। सिक्का का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियों को अब केवल पुराने ढर्रे पर काम करने के बजाय नई और अनजानी तकनीकों को बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना होगा। उनके अनुसार, आईटी सेक्टर में बदलाव की गति सबसे कमजोर कड़ी की रफ्तार से तय होती है।

शुक्रवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स के सभी 10 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। बड़ी कंपनियों में इंफोसिस के शेयर में करीब 5.5 परसेंट की गिरावट आई, जबकि देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के शेयर 4.5 परसेंट तक टूट गए। एचसीएल टेक और विप्रो में भी 3 से 4 परसेंट की कमजोरी देखी गई। एलटीआईमाइंडट्री और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों पर भी बिकवाली का भारी दबाव रहा। कुल मिलाकर, एआई के डर ने फिलहाल आईटी सेक्टर की चमक फीकी कर दी है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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