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3 min read | अपडेटेड July 03, 2026, 11:02 IST
सारांश
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCLTech) के शेयरों में शुक्रवार को भारी तेजी देखी जा रही है। कंपनी को यूरोप की एक फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी से 1.14 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम मेगा ऑर्डर मिला है।

HCL Tech के शेयरों में आज तेजी देखी गई है। | Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सेशन में आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) के शेयरों में जबरदस्त तेजी का माहौल देखा जा रहा है। कंपनी द्वारा एक बहुत बड़े मेगा कॉन्ट्रैक्ट और एक महत्वपूर्ण अधिग्रहण को पूरा करने की घोषणा के बाद NSE पर इसका स्टॉक करीब 5% की मजबूत बढ़त के साथ 1,132.00 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। आज सुबह शुरुआती कारोबार के दौरान तो यह शेयर 5.6% तक की तूफानी तेजी के साथ 1,139.00 रुपये प्रति शेयर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। आज के ही दिन इस शेयर की कीमत में 53.90 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है, जिससे इसके निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं।
एचसीएल टेक के शेयरों में आई इस बंपर तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह एक बहुत ही बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि उसने यूरोप में मुख्यालय वाली दुनिया की एक प्रतिष्ठित फॉर्च्यून ग्लोबल 50 कंपनी के साथ एक रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पूरे मेगा कॉन्ट्रैक्ट की अनुमानित वैल्यू 1.14 बिलियन अमेरिकी डॉलर तय की गई है। इस समझौते के तहत एचसीएल टेक ग्राहक के ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस और एंटरप्राइज नेटवर्क ऑपरेशन्स को पूरी तरह से बदलने और प्रबंधित करने के लिए एक अत्याधुनिक एआई-ड्रिवेन (AI-driven) ऑपरेटिंग मॉडल स्थापित करेगी। यह बड़ा कॉन्ट्रैक्ट जुलाई 2026 से शुरू होकर दिसंबर 2031 तक चलेगा, जिसे बाद में पांच और सालों के लिए आगे बढ़ाने का विकल्प भी खुला रखा गया है। कंपनी ने साफ किया है कि यह 1.14 बिलियन डॉलर की डील उनके लिए पूरी तरह से एक नया बिजनेस लेकर आई है।
इस महा-डील के साथ ही एचसीएल टेक की तरफ से निवेशकों को एक और बड़ी खुशखबरी मिली है। कंपनी ने एक अलग रेगुलेटरी फाइलिंग में जानकारी दी है कि उसने क्लाउड सॉफ्टवेयर ग्रुप के एक बड़े बिजनेस यूनिट जैस्परसॉफ्ट (Jaspersoft) का अधिग्रहण आधिकारिक तौर पर पूरा कर लिया है। यह ट्रांजैक्शन 2 जुलाई 2026 को भारतीय समयानुसार शाम 7:25 बजे फाइनल हुआ है, जिसे 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना गया है। आपको बता दें कि एचसीएल टेक ने सबसे पहले 22 दिसंबर 2025 को इस प्रस्तावित अधिग्रहण की घोषणा की थी, जो अब कानूनी औपचारिकताओं के बाद पूरी तरह से क्लोज हो गया है। इस अधिग्रहण के पूरा होने से कंपनी के सॉफ्टवेयर विंग को वैश्विक स्तर पर बहुत मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जैस्परसॉफ्ट का यह अधिग्रहण मुख्य रूप से एचसीएल टेक की सॉफ्टवेयर बिजनेस डिवीजन यानी एचसीएलसॉफ्टवेयर (HCLSoftware) के डेटा और एआई विभाग (Actian) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। पिछले पांच सालों के दौरान इस डिवीजन ने एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंटसॉल्यूशंस के दम पर बहुत ही शानदार ग्रोथ दर्ज की है। जैस्परसॉफ्ट बाजार में एक बेहतरीन एम्बेडेड एनालिटिक्स और पिक्सेल-परफेक्ट रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए जाना जाता है। खास तौर पर सरकारी विभागों, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं जैसे कड़े नियमों वाले सेक्टर्स में जैस्परसॉफ्ट को सबसे पहली पसंद माना जाता है। इस डील के बाद कंपनी के डेटा इंजीनियर्स और आर्किटेक्ट्स के एक विशाल वैश्विक डेवलपर समुदाय तक पहुंच आसान हो जाएगी, जो आने वाले समय में एचसीएल टेक के रेवेन्यू और तकनीकी क्षमता दोनों को बढ़ाने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
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