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  1. ₹1,689 करोड़ के पार पहुंचा प्रॉफिट का 'तार', हैवेल्स इंडिया ने 600% का डिविडेंड देने का लिया फैसला

मार्केट न्यूज़

₹1,689 करोड़ के पार पहुंचा प्रॉफिट का 'तार', हैवेल्स इंडिया ने 600% का डिविडेंड देने का लिया फैसला

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड April 22, 2026, 16:01 IST

सारांश

हैवेल्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शानदार समेकित नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का सालाना शुद्ध मुनाफा बढ़कर 1,689.25 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 6 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है।

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हैवेल्स इंडिया के दमदार नतीजों के साथ निवेशकों को मिला मोटा डिविडेंड का तोहफा।

देश की दिग्गज इलेक्ट्रिकल सामान बनाने वाली कंपनी हैवेल्स इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही और पूरे साल के समेकित वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने बाजार की स्थितियों के बीच मजबूती दिखाते हुए अपने शुद्ध मुनाफे और राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी के बोर्ड ने नतीजों के साथ ही अपने शेयरधारकों के लिए बड़े डिविडेंड का भी ऐलान किया है, जिससे निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है।

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कंपनी के मुनाफे में दिखी तेजी

वित्त वर्ष 2026 के दौरान हैवेल्स इंडिया का समेकित परिचालन राजस्व बढ़कर 22,527.77 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष में 21,778.06 करोड़ रुपये था। कंपनी के शुद्ध मुनाफे की बात करें तो इसमें भी शानदार सुधार देखा गया है। पूरे साल के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 1,689.25 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के 1,470.24 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी बेहतर है। चौथी तिमाही में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया और 723.39 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है।

निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर पर 600 पर्सेंट के बराबर है। आपको बता दें कि कंपनी पहले ही वित्त वर्ष के दौरान 4 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। इस तरह इस साल कुल डिविडेंड 10 रुपये प्रति शेयर हो गया है। यह फाइनल डिविडेंड आने वाली सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा।

सेगमेंट के हिसाब से कैसा रहा प्रदर्शन?

कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट में मिला-जुला असर देखने को मिला है। केबल सेगमेंट ने बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है और इसका सालाना राजस्व 8,676.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। स्विचगियर सेगमेंट ने भी अपनी मजबूती बनाए रखी और 2,585.66 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। हालांकि, लॉयड कंज्यूमर सेगमेंट में कुछ दबाव देखा गया और इसका राजस्व पिछले साल के 5,134.08 करोड़ रुपये से घटकर 3,974.37 करोड़ रुपये रह गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट ने 3,876.24 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

कंपनी के बोर्ड ने ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के दिग्गज वरुण बेरी को स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। वरुण बेरी का 40 सालों का अनुभव कंपनी के फ्यूचर के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं, स्वतंत्र निदेशक विवेक मेहरा ने स्वास्थ्य कारणों से बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। नतीजों पर नए लेबर कोड के कार्यान्वयन की वजह से 45.03 करोड़ रुपये का एकमुश्त असर भी दिखा है, जिसे एक्सेप्शनल आइटम के तौर पर दिखाया गया है। कंपनी ने अक्षय ऊर्जा सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए गोल्डी सोलर में 600 करोड़ रुपये का निवेश भी किया है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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