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  1. डेटा और AI का किंग बनेगा Fractal? निवेश से पहले देख लें ₹2,834 करोड़ के IPO का पूरा ब्योरा

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डेटा और AI का किंग बनेगा Fractal? निवेश से पहले देख लें ₹2,834 करोड़ के IPO का पूरा ब्योरा

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 09, 2026, 11:50 IST

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सारांश

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर की प्रमुख कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ आज से निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 2,834 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। 11 फरवरी तक निवेशक इस आईपीओ में दांव लगा सकते हैं। कंपनी का मुनाफा हाल के दिनों में काफी बढ़ा है।

Fractal Analytics IPO

Fractal Analytics के शेयरों की लिस्टिंग 16 फरवरी को होगी।

आज यानी 9 फरवरी से भारतीय शेयर बाजार में एक नई और आधुनिक कंपनी अपनी जगह बनाने जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस के क्षेत्र में काम करने वाली दिग्गज कंपनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ आज निवेश के लिए खुल गया है। यह भारत की उन चुनिंदा कंपनियों में से एक है जो शुद्ध रूप से एआई और डेटा के दम पर अपना कारोबार चलाती हैं।

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900 रुपये प्रति शेयर का है प्राइस बैंड

फ्रैक्टल एनालिटिक्स ने अपने आईपीओ के लिए 857 रुपये से 900 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक इस आईपीओ में कम से कम 16 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए ऊपरी कीमत के हिसाब से कम से कम 14,400 रुपये का निवेश करना होगा। यह पूरा इश्यू लगभग 2,834 करोड़ रुपये का है। इसमें 1,023.50 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी के 1,810.40 करोड़ रुपये के शेयर पुराने निवेशकों द्वारा बेचे जा रहे हैं। निवेशक 11 फरवरी तक इसमें अपनी बोली लगा सकते हैं और इसके बाद 16 फरवरी को कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग होने की उम्मीद है।

जुटाए गए पैसों का क्या होगा इस्तेमाल?

कंपनी ने बताया है कि आईपीओ के जरिए मिलने वाले फंड का इस्तेमाल वह मुख्य रूप से अपने कर्ज को कम करने और भविष्य के विस्तार के लिए करेगी। इसमें से एक बड़ा हिस्सा कंपनी की अमेरिकी सहायक कंपनी फ्रैक्टल यूएसए के बकाया कर्ज को चुकाने में खर्च किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी नए लैपटॉप और आईटी उपकरण खरीदने, भारत में नए ऑफिस खोलने और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी का एक हिस्सा 'फ्रैक्टल अल्फा' के नाम से चलता है जो नए एआई प्रोडक्ट बनाने पर केंद्रित है, आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल इसके मार्केटिंग और विस्तार के लिए भी किया जाएगा।

कमाई के मोर्चे पर कितनी दमदार है कंपनी?

फ्रैक्टल एनालिटिक्स की वित्तीय सेहत पिछले कुछ सालों में काफी मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व यानी रेवेन्यू 2,816 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 26 प्रतिशत ज्यादा है। सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी अब घाटे से उबरकर मुनाफे में आ चुकी है। वित्त वर्ष 2024 में जहां कंपनी को 54.7 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 220.5 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। कंपनी के पास फॉर्च्यून 500 कंपनियों जैसे बड़े ग्राहक हैं और इसका 65 प्रतिशत से ज्यादा रेवेन्यू अमेरिका से आता है।

ये रिस्क फैक्टर निवेशकों की बढ़ा रहे टेंशन

भले ही एआई का भविष्य सुनहरा दिखता हो, लेकिन इस आईपीओ के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। कंपनी की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा केवल कुछ ही बड़े ग्राहकों से आता है। अगर इनमें से कोई एक ग्राहक भी कम होता है, तो कंपनी की कमाई पर सीधा असर पड़ सकता है। इसके अलावा एआई और तकनीक के क्षेत्र में बदलाव बहुत तेजी से होते हैं, जिससे कंपनी को लगातार अपडेट रहना पड़ेगा। वैश्विक मंदी या अमेरिका की अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव भी इसके बिजनेस को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को इन सब बातों को ध्यान में रखकर और अपनी जोखिम क्षमता को पहचान कर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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