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  1. 3 महीने की भारी बिकवाली पर लगा ब्रेक! FPIs की बाजार में जोरदार वापसी, अक्टूबर में हुआ 14,610 करोड़ का बंपर निवेश

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3 महीने की भारी बिकवाली पर लगा ब्रेक! FPIs की बाजार में जोरदार वापसी, अक्टूबर में हुआ 14,610 करोड़ का बंपर निवेश

Upstox

3 min read | अपडेटेड November 02, 2025, 19:25 IST

सारांश

भारतीय शेयर बाजार के लिए अक्टूबर में बड़ी राहत आई है। लगातार तीन महीनों की बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने वापसी की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, FPIs ने अक्टूबर महीने में भारतीय इक्विटी (शेयरों) में 14,610 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है।

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नहीं चल पा रहा बाजार में विदेशी निवेशकों का जादू

भारतीय शेयर बाजार के लिए अक्टूबर का महीना शानदार साबित हुआ है। पिछले तीन महीनों से भारी बिकवाली कर रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अक्टूबर 2025 में एक बार फिर खरीदारी का रुख किया है। डिपॉजिटरी के पास मौजूद ताजा आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। इन आंकड़ों के मुताबिक, FPIs ने अक्टूबर महीने में भारतीय इक्विटी बाजार (शेयर बाजार) में 14,610 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। यह आंकड़ा बाजार के सेंटिमेंट को मजबूत करने के लिए काफी अहम है।

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तीन महीने की बिकवाली का दौर थमा

यह ताजा निवेश इसलिए भी खास है क्योंकि यह निकासी के एक लंबे दौर के बाद आया है। इससे पहले, FPIs ने जुलाई, अगस्त और सितंबर में भारतीय बाजारों से जमकर पैसा निकाला था। आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों ने सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी। यानी, सिर्फ तीन महीनों में ही FPIs ने भारतीय शेयर बाजार से 77,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम निकाल ली थी। अक्टूबर में 14,610 करोड़ रुपये की यह खरीदारी उस बिकवाली के सिलसिले पर ब्रेक लगाती है।

क्यों बदला विदेशी निवेशकों का मन?

बाजार के जानकारों का मानना है कि FPIs के इस बदले हुए रुख के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। सबसे बड़ा कारण कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 0.25% की कटौती ने भी बाजार को समर्थन दिया है। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार वार्ता के जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचने की उम्मीद ने भी सेंटिमेंट को मजबूत किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि महंगाई में कमी, ब्याज दर चक्र में नरमी की उम्मीद और जीएसटी को लेकर हो रहे सुधारों ने भी निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।

बॉन्ड बाजार में भी आया पैसा

विदेशी निवेशकों का भरोसा सिर्फ भारतीय शेयरों पर ही नहीं लौटा है, बल्कि उन्होंने बॉन्ड बाजार में भी निवेश किया है। आंकड़ों के मुताबिक, FPIs ने अक्टूबर के महीने में बॉन्ड बाजार में भी 3,507 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर में भी FPIs की तरफ से निवेश का यह प्रवाह जारी रह सकता है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि कंपनियों की आय में सुधार के साफ संकेत मिल रहे हैं। अगर मांग मजबूत बनी रहती है, तो आय में सुधार होगा, जिससे बाजार का वैल्यूएशन सही स्तर पर आएगा। ऐसी स्थिति में FPIs खरीदार बने रहेंगे।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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