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Swiggy vs Eternal Q2: Revenue में बंपर उछाल, मगर मुनाफे में आई गिरावट, जानें कौन पड़ा किस पर भारी?

Upstox

4 min read | अपडेटेड October 31, 2025, 16:01 IST

सारांश

फूड डिलीवरी कंपनियों Swiggy और Eternal (Zomato) ने Q2 नतीजे जारी कर दिए हैं। दोनों की रेवेन्यू तो जोरदार बढ़ी है, लेकिन मुनाफा घटा है। Eternal का मुनाफा 63% गिरकर 65 करोड़ रह गया, वहीं Swiggy का घाटा बढ़कर 1,092 करोड़ हो गया है।

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Swiggy और Eternal, दोनों कंपनियों का रेवेन्यू Q2 में बढ़ा, लेकिन मुनाफे में गिरावट आई है।

फूड डिलीवरी सेक्टर की दो सबसे बड़ी कंपनियों, Swiggy और Eternal ने अपनी दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे जारी कर दिए हैं। Swiggy ने 30 अक्टूबर को अपने नतीजे घोषित किए, जबकि Eternal ने इसी महीने 16 अक्टूबर को अपने आंकड़े पेश किए थे। दोनों कंपनियों की कमाई यानी रेवेन्यू में इस तिमाही जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर दोनों को ही झटका लगा है। आइए, दोनों के नतीजों की विस्तार से तुलना करते हैं।

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कमाई बढ़ी, पर मुनाफे को लगा झटका

अगर कमाई की बात करें तो Eternal ने Swiggy को काफी पीछे छोड़ दिया है। Eternal का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 183% बढ़कर 13,590 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, Swiggy का रेवेन्यू 54% बढ़कर 5,561 करोड़ रुपये रहा।

लेकिन मुनाफे के मामले में तस्वीर उलटी है। Eternal का नेट प्रॉफिट पिछले साल की दूसरी तिमाही के 176 करोड़ रुपये के मुकाबले 63% गिरकर सिर्फ 65 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, कंपनी अभी भी मुनाफे में बनी हुई है। दूसरी तरफ, Swiggy को अभी भी भारी घाटा हो रहा है। इस तिमाही में Swiggy का घाटा बढ़कर 1,092 करोड़ रुपये हो गया है।

दोनों कंपनियों के मुनाफे पर असर का मुख्य कारण फूड डिलीवरी बिजनेस की उम्मीद से धीमी ग्रोथ और क्विक कॉमर्स बिजनेस में तेजी से किया गया निवेश है। मौसम में उतार-चढ़ाव (जैसे ज्यादा गर्मी या लंबी बारिश) और ग्राहकों द्वारा कम खर्च किए जाने से भी फूड डिलीवरी की ग्रोथ पर असर पड़ा है।

फूड डिलीवरी बिजनेस की रफ्तार धीमी

दोनों कंपनियों का मुख्य यानी फूड डिलीवरी बिजनेस इस तिमाही दबाव में दिखा। Swiggy का फूड डिलीवरी ग्रोस ऑर्डर वैल्यू (GOV) 18.8% बढ़कर 8,542 करोड़ रुपये रहा। इसका एडजस्टेड रेवेन्यू 22% बढ़कर 1,921 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, Swiggy के लिए राहत की बात यह है कि इस सेगमेंट का एडजस्टेड EBITDA 112 करोड़ से बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गया है, जो मार्जिन में सुधार दिखाता है।

Eternal के फूड डिलीवरी बिजनेस का नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) 14% बढ़कर 9,423 करोड़ रुपये रहा। इसका एडजस्टेड रेवेन्यू 22% बढ़कर 2,863 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। Eternal के फूड डिलीवरी सेगमेंट में मंथली ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (MTU) की संख्या 2.41 करोड़ रही। इस सेगमेंट में कंपनी का एडजस्टेड EBITDA 162% बढ़कर 503 करोड़ रुपये रहा।

क्विक कॉमर्स बना नया हीरो

जहां फूड डिलीवरी सुस्त रही, वहीं क्विक कॉमर्स यानी 10 मिनट डिलीवरी वाले बिजनेस ने दोनों कंपनियों के रेवेन्यू को पंख लगा दिए। Eternal के Blinkit का नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) 137% उछलकर 11,679 करोड़ रुपये हो गया। इसका एडजस्टेड रेवेन्यू 756% की तूफानी तेजी के साथ 9,891 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान Blinkit ने 22.27 करोड़ ऑर्डर डिलीवर किए। हालांकि, इस तेज ग्रोथ की कीमत चुकानी पड़ी और Blinkit का एडजस्टेड EBITDA घाटा 148% बढ़कर 156 करोड़ रुपये हो गया।

Swiggy का Instamart भी पीछे नहीं रहा। इसका ग्रोस ऑर्डर वैल्यू (GOV) दोगुना होकर 7,022 करोड़ रुपये हो गया। इसका एडजस्टेड रेवेन्यू 980 करोड़ रुपये रहा। लेकिन, Instamart का एडजस्टेड EBITDA घाटा भी 359 करोड़ से बढ़कर 849 करोड़ रुपये हो गया।

डार्क स्टोर्स पर भारी निवेश जारी

दोनों कंपनियों के मुनाफे में गिरावट का एक बड़ा कारण डार्क स्टोर्स का तेजी से विस्तार है। Swiggy ने इस तिमाही में 272 नए डार्क स्टोर जोड़े, जिससे उसके कुल स्टोर 1,816 हो गए हैं। वहीं, Eternal ने 40 नए स्टोर खोलकर अपने कुल डार्क स्टोर्स की संख्या 1,102 कर ली है। यह दिखाता है कि मार्जिन पर दबाव के बावजूद, दोनों कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भारी निवेश कर रही हैं। Swiggy जहां घाटे के बावजूद विस्तार पर जोर दे रही है, वहीं Eternal मुनाफे में रहते हुए ग्रोथ पर फोकस कर रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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