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  1. क्यों उछल गए IOC, HPCL और BPCL के शेयर? कच्चे तेल से जुड़ी इस खबर ने बदला निवेशकों का मूड

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क्यों उछल गए IOC, HPCL और BPCL के शेयर? कच्चे तेल से जुड़ी इस खबर ने बदला निवेशकों का मूड

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड September 30, 2026, 13:23 IST

सारांश

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम गिरने से भारतीय शेयर बाजार में तेल और गैस कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। IOC, BPCL और HPCL जैसी कंपनियों के शेयर इंट्राडे में चढ़े।

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कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद शेयर बाजार में तेल और गैस कंपनियों के शेयरों में दिखी तेजी।

बुधवार 30 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में तेल और गैस कंपनियों के शेयरों में अच्छी हलचल देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के चलते इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और गेल जैसी कंपनियों के शेयर इंट्राडे कारोबार के दौरान 3% तक चढ़ गए। इसके अलावा पेट्रोनेट एलएनजी, इंद्रप्रस्थ गैस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी इस दौरान अच्छी तेजी दर्ज की गई।

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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में एक हफ्ते से भी ज्यादा समय की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है। मंगलवार को क्रूड ऑयल के दाम में 2.5% की बड़ी कमी आई है। मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व से कच्चे तेल की सप्लाई अब युद्ध से पहले वाले स्तर के करीब पहुंचती दिख रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सऊदी अरब ने लाल सागर स्थित अपने यानबू बंदरगाह से कच्चे तेल का शिपमेंट फिर से शुरू कर दिया है। इस पोर्ट से शिपमेंट शुरू होने की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरने वाले रास्ते से बचा जा सकता है। सप्लाई में आए इस सुधार के कारण बुधवार सुबह अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड करता हुआ नजर आया।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को क्यों मिल रहा है फायदा?

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को सीधा फायदा पहुंचता है। जब क्रूड ऑयल सस्ता होता है तो आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी कंपनियों का मार्जिन बढ़ जाता है। ये कंपनियां पेट्रोल और डीजल की रिटेल बिक्री पर बेहतर मार्केटिंग मार्जिन हासिल कर पाती हैं। यही वजह है कि कच्चे तेल के दाम घटते ही इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की खरीदारी बढ़ जाती है और शेयर के दाम तेजी से ऊपर जाने लगते हैं। बुधवार को भी बाजार में यही रुख देखने को मिला और इन कंपनियों के शेयरों में 3% तक की तेजी आ गई।

अपस्ट्रीम कंपनियों के शेयरों में दर्ज की गई गिरावट

एक तरफ जहां ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को क्रूड सस्ता होने से फायदा हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कच्चे तेल की खोज और प्रोडक्शन करने वाली अपस्ट्रीम कंपनियों पर इसका उल्टा असर पड़ा है। कच्चे तेल के दाम कम होने से अपस्ट्रीम कंपनियों का रेवेन्यू और रियलाइजेशन घट जाता है। इसी कारण से बुधवार के ट्रेडिंग सेशन में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन यानी ONGC के शेयर में 1% और ऑयल इंडिया के शेयर में 3% तक की गिरावट दर्ज की गई। यानी क्रूड ऑयल की घटती कीमतों ने जहां रिफाइनरी और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी कंपनियों को राहत दी है, वहीं तेल निकालने वाली कंपनियों के कारोबार पर दबाव बनाया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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