मार्केट न्यूज़
.png)
24 min read | अपडेटेड February 01, 2026, 12:00 IST
सारांश
Union Budget 2026 Live: निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी। यह अपने आप में रिकॉर्ड है। इससे वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट के रिकॉर्ड के काफी करीब पहुंच जाएंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे संसद के इतिहास का गर्व का पल बताया है।

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बजट स्पीच जारी है।
बजट 2026 से सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग और AI स्किलिंग में खर्च बढ़ाए, ताकि देश में ग्रोथ तेज हो और नई नौकरियां पैदा हों। टैक्स देने वाले लोगों को उम्मीद है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़े और TDS नियम आसान हों, जिससे हाथ में ज्यादा पैसा बचे।
इसके अलावा MSME सेक्टर को सपोर्ट, अमेरिका के भारी टैरिफ के मुकाबले एक्सपोर्ट को बढ़ावा, खेती, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी और फिस्कल डिसिप्लिन (सरकारी घाटा कंट्रोल) भी सरकार की प्राथमिकता में रहने की संभावना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिए इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स और लिस्टेड भारतीय कंपनियों में निवेश कर सकते हैं।
सीतारमण ने नारियल और काजू जैसी ज़्यादा कीमत वाली फसलों को सपोर्ट करने का वादा किया। तटीय इलाकों में नारियल, काजू जैसी ज्यादा कीमत वाली फसलों को सपोर्ट करने की योजना है। सीतारमण ने उनके प्रोडक्शन और ट्रेड में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करने का वादा किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रामीण महिला उद्यमों को समर्थन और बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों, 'SHE -मार्ट्स' की घोषणा की।
संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, "मैं एक हाई-पावर्ड ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ स्टैंडिंग कमेटी बनाने का प्रस्ताव देती हूं, जो ऐसे उपायों की सिफारिश करेगी जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सर्विस सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करें। इससे हम 2047 तक 10% ग्लोबल शेयर के साथ सेवाओं में ग्लोबल लीडर बन जाएंगे। यह कमेटी विकास, रोजगार और निर्यात की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। वे AI सहित उभरती टेक्नोलॉजी के नौकरियों और कौशल की जरूरतों पर पड़ने वाले असर का भी आकलन करेंगे और उसके लिए उपाय सुझाएंगे।"
वित्त मंत्री ने खेलो इंडिया मिशन का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने सारनाथ और हस्तिनापुर सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को जीवंत, सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया। सभी महत्वपूर्ण स्थानों को डॉक्यूमेंट करने के लिए डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के लिए नौकरियों का नया इकोसिस्टम बनेगा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी, एकेडेमिया, इंडस्ट्री और सरकार के बीच की खाई को पाटेगा। दूसरी घोषणाओं में अपस्किलिंग गाइड, कुछ राज्यों में ट्रेकिंग के अनुभव को बेहतर बनाना, टर्टल ट्रेल, बर्डवॉचिंग ट्रेल और 15 आर्कियोलॉजिकल साइट्स शामिल हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा सिंगल बॉन्ड जारी करने के लिए ₹100 करोड़ के इंसेंटिव का प्रस्ताव दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, करीब 2.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से निकल चुके हैं बाहर। बजट में अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ बायोफार्मा ‘शक्ति’ का प्रस्ताव।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने में राज्यों को सपोर्ट दिया जाएगा। हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के लिए 4 टेलीस्कोप सुविधाएं, नॉर्थ ईस्ट में नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, कई यूनिवर्सिटी और रिसर्च संस्थान, वेटरनरी कॉलेजों के लिए लोन से जुड़ी सब्सिडी सपोर्ट का प्रस्ताव और 20 टूरिज्म जगहों से 10,000 गाइड को ट्रेनिंग देने के लिए पायलट स्कीम का प्रस्ताव भी रखा गया है।
FM ने प्राइवेट सेक्टर के साथ पार्टनरशिप में 5 रीजनल मेडिकल हब के साथ राज्यों को सपोर्ट करने के लिए एक स्कीम की घोषणा की। ये हब हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए अलग-अलग जॉब के मौके देंगे। इसके अलावा तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, ड्रग टेस्टिंग लैब को ऊंचे स्टैंडर्ड पर अपग्रेड करना, 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देना और मेडिकल टूरिज्म हब में आयुष सेंटर बनाने की योजना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने रविवार, 1 फरवरी को कार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) टेक्नोलॉजी में अगले पांच सालों में ₹20,000 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव दिया, ताकि एंड-यूज एप्लीकेशन में बड़े पैमाने पर काम किया जा सके और ज्यादा तैयारी के लेवल हासिल किए जा सकें।
इस्पात और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में 'कार्बन अवशोषण एवं उपयोग योजना' शुरू करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के तहत आरईसी, पीएफसी के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर बेहतर बनाने के लिए सरकार की कई पहलों के तहत, सरकार 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों (टियर II और टियर III) में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने पर फोकस करना जारी रखेगी, जो ग्रोथ सेंटर बन गए हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 वित्तीय वर्ष में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर खर्च बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव दिया। 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए, उन्होंने कहा कि कैपिटल गुड्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए दो जगहों पर हाई-टेक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। सीतारमण ने विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी इकोसिस्टम बनाने के लिए कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक योजना का भी प्रस्ताव दिया।
अब तक का सबसे बड़ा कैपेक्स बूस्ट, सीतारमण ने जलमार्गों के लिए नए पुश की घोषणा की। FY27 में सीतारमण ने भारत के निर्माण के लिए रिकॉर्ड ₹12.2 लाख करोड़ आवंटित किए। चालू वित्त वर्ष में यह 11.2 लाख करोड़ रुपये है।
अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्गों को चालू किया जाएगा। स्पेशल REITs के जरिए PSU रियल एस्टेट एसेट्स को रीसायकल किया जाएगा। जलमार्गों के जरिए ओडिशा के खनिज समृद्ध क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा जलमार्ग प्रणाली के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने विकसित भारत के लिए बैंकिंग के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने 2026-27 के बजट में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को फिर से शुरू करने की योजना का प्रस्ताव रखा। निर्माण एवं अवसंरचना क्षेत्र के उपकरणों के प्रोत्साहन के लिए योजना लाने की बजट में घोषणा, घरेलू विनिर्माण को मजबूती देने का लक्ष्य।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अगले पांच सालों में बायोफार्मा सेक्टर में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा, जिससे देश के फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। बायोफार्मास्यूटिकल्स, या बायोलॉजिक्स, जटिल दवाएं हैं जो केमिकल सिंथेसिस के बजाय जीवित जीवों, कोशिकाओं या ऊतकों से बनाई जाती हैं। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, रणनीतिक और फ्रंटियर सेक्टर, हेल्थकेयर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सहित छह क्षेत्रों में काम करने का भी प्रस्ताव रखा।
FM ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज द्वारा MSMEs से सभी खरीद के लिए TReDS को ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव दिया है। FM सीतारमण ने MSMEs को सपोर्ट करने के लिए FY27 में सेल्फ रिलायंस इंडिया फंड में 4,000 करोड़ रुपये और जोड़ने का प्रस्ताव दिया है।
आम बजट 2026 में में वस्त्र उद्योगों के लिए एकीकृत कार्यक्रम की योजना है। खादी,हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का शुभारंभ किया जाएगा। वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को बढ़ावा और आधुनिकता के लिए समर्थ 2.0 मिशन शुरू करने की योजना है। प्राकृतिक, मानव निर्मित और न्यू ऐज फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना शूरू की जाएगी।
रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण का विस्तार करने की योजना है। भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण हब बनाने के लिए बायोफार्मा शक्ति योजना शुरू की जाएगी। इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 का शुभारंभ जल्द होगा। इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट विनिर्माण योजना के लिए परिव्यय बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये हो जाएंगे। ओडिशा केरल, आन्ध्र प्रदेश और तमिलनाडु में समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाया है तथा जरूरी आयात पर निर्भरता कम की है। साथ ही, हमने यह सुनिश्चित किया है कि सरकार के हर काम से नागरिकों को लाभ पहुंचे।
वित्त मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना शुरू किया जाएगा। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट्स के लिए एक एन्हांसमेंट स्कीम शुरू की जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन MSME सेक्टर के लिए आवंटित किया जाएगा। छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। सूक्ष्म उद्योगों को सपोर्ट देना हम जारी रखेंगे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स को बढ़ावा देने के मकसद से भारत सरकार के लिए 3 कर्तव्यों की रूपरेखा बताई।
विकास को तेज करना और बनाए रखना
लोगों, परिवारों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उन्हें मजबूत पार्टनर बनाना
सबका साथ सबका विकास – हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र को संसाधनों और सुविधाओं तक पहुंच मिले
11:08 AM: वित्त मंत्री ने बजट को बताया रिफॉर्म एक्सप्रेस
वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का एक्सप्रेस गरीबों पर है। रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने रास्ते पर है। भारत विकसित भारत की दिशा में कदम बढ़ाता रहेगा। 350 से ज़्यादा सुधार लागू किए गए है। हमारी सरकार 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर है। कैंसर की दवाइयां किफायती दरों पर मिलेंगी। 10,000 करोड़ रुपये का परिव्यय का प्रस्ताव रखा गया है। बायोफार्मा सेक्टर को मजबूत बनाने की योजना है। देश भर में हजार ट्रायल स्थल बनाए जाएंगे। क्लीनिकल ट्रायल स्थलों का विकास करेंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि पहला ऐसा बजट है, जो कर्तव्य भवन में बना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास की वृद्धि, उत्पादकता में वृद्धि, लचीलापन बढ़े हमारे लोगों की आकांक्षाएं पूरी हो, सबका साथ सबकी विकास हो, यह हमारा लक्ष्य है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बजट शुरू हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में सतत विकास हुआ है, अस्थिरता के समय भी हमने अच्छा काम किया है, हमने ढांचागत परिवर्तन किए हैं, घरेलू निर्माण को बढ़ाया, रोजगान का सृजन हो, किसानों के लिए लाभकारी काम किया है, भारत में लोगों के जीवनस्तर को हमने बेहतर बनाया है।
उन्होंने आगे कहा कि पानी, बिजनी, खनिज की मांग बढ़ी है, विकसित भारत की ओर देश कदम बढ़ा रहा है। मैं पहले पार्ट A को शुरू कर रही हूं, हम जल्द सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को मंजूरी दे दी गई। इस मंजूरी के बाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना नौवां रिकॉर्ड बजट पेश करने जा रही हैं। यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं और निर्यात में शिथिलता के बीच पेश किया जा रहा है। यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट है। सीतारमण ने 2019 में पेश अपने पहले बजट में दशकों से बजट दस्तावेजों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चमड़े के ब्रीफकेस की परंपरा को तोड़ इसे टैबलेट में ले जाना शुरू किया था जिसे ‘लाल पाउच’ में रखा जाता है। इस साल का बजट भी कागज-रहित है।
सरकार का फोकस डेट-टू-GDP रेशियो पर है। यह रेशियो बताता है कि अर्थव्यवस्था के आकार की तुलना में सरकार पर कितना कर्ज है। सरकारी कर्ज में उसकी सभी देनदारियां शामिल होती हैं, जबकि GDP एक साल में बनाए गए सामान और सेवाओं की वैल्यू को दिखाता है। ज्यादा रेशियो का मतलब है ज्यादा वित्तीय दबाव, जबकि कम रेशियो का मतलब है ज्यादा स्थिर स्थिति जहां कर्ज इनकम से बेहतर तरीके से मेल खाता है। 2025-26 में, भारत का डेट-टू-GDP रेशियो लगभग 56% था। मौजूदा वित्तीय वर्ष के आखिर तक, सरकार का कुल कर्ज लगभग ₹196.79 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही अपना ऐतिहासिक बजट भाषण देंगी।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, "मुझे विश्वास है कि जिस लक्ष्य के लिए देश की सरकार पिछले 11 सालों से काम कर रही है, यानी भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना, उसे 2014 से पेश किए गए हर बजट ने लगातार आगे बढ़ाया है, हर बजट एक कदम आगे बढ़ा रहा है। इस साल का बजट भी भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में एक कदम और आगे ले जाएगा। कृपया थोड़ी देर इंतजार करें; आपको जल्द ही सभी डिटेल्स मिल जाएंगी।"
जनवरी 2026 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन 1,93,384 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 6.2% की मजबूत बढ़ोतरी दिखाता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ, अपने 2026-27 बजट भाषण से पहले संसद पहुंचीं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद भवन पहुंच गए हैं।
आज 1 फरवरी को बजट से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। सोने की बात करें तो यह MCX पर 7.12 फीसदी टूटकर 1,38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर आ गया है। दूसरी तरफ चांदी भी 9 फीसदी टूटकर 265652 रुपये प्रति किलो के भाव पर ट्रेड कर रहा है।
बजट के मौके पर भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में दबाव नजर आ रहा है। आज के कारोबार में Sensex में 4.45 अंकों की मामूली बढ़त है और यह 82,274.23 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। दूसरी तरफ Nifty 50 में 11.85 अंकों की कमजोरी है और यह 25,306.55 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से निकल गई हैं। इस बार बजट की जानकारी डिजिटल टैबलेट में है। इसे एक पारंपरिक लाल 'बही-खाता' स्टाइल के बैग में रखा गया है। निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और अन्य अधिकारियों के साथ बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुईं।
व्हील्स इंडिया के MD श्रीवत्स राम ने कहा कि अगर भारत सरकार 2026-27 के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर ध्यान देती है, तो आने वाले साल में ग्रोथ जारी रह सकती है। उन्होंने एक बयान में कहा, "अगर सरकार आने वाले बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर ध्यान देती है, तो आने वाले साल में ग्रोथ जारी रह सकती है। एक्सपोर्ट के मामले में, ट्रेड संबंधों में कोई भी सुधार हमारे बिजनेस की संभावनाओं को ही बेहतर बनाएगा, जो भरोसे और रिश्तों पर बनी हैं।"
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, "पिछले 11 सालों में, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पेश किए गए बजट लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाते हैं और देश को आगे ले जाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। आज पेश किया जा रहा बजट 2047 तक 'विकसित भारत' के विजन के साथ जुड़ा हुआ है।"
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें बढ़ा दी हैं। आज 1 फरवरी से 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹49 बढ़ गई है। दिल्ली में, 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई रिटेल कीमत ₹1,740.50 है। हालांकि, घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
नीति आयोग की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 2024–25 में देश में 1 करोड़ से ज्यादा गिग वर्कर्स हैं और 2029–30 तक यह संख्या बढ़कर करीब 2.35 करोड़ हो सकती है। यह भारत के सबसे तेजी से बढ़ते रोजगार वाले सेक्टर्स में से एक है।
गिग वर्कर्स को सबसे ज्यादा उम्मीद कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 के सही तरीके से लागू होने की है। इस कानून में पहली बार गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को कानूनी पहचान दी गई है और उनके कल्याण के लिए नियम बनाए गए हैं।
एविएशन इंडस्ट्री को सबसे बड़ी उम्मीद एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की है। माना जा रहा है कि सरकार ज्यादा फंड देकर नए एयरपोर्ट बनाएगी, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में। साथ ही मौजूदा एयरपोर्ट की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। यह सब UDAN योजना के तहत होगा, जिसका मकसद आम लोगों को सस्ती और भरोसेमंद हवाई यात्रा देना है। यहां क्लिक करने पर आपको एविएशन सेक्टर की और उम्मीदों के बारे में पता चलेगा।
बजट वाले दिन की आधिकारिक शुरुआत सुबह 8:30 बजे होगी, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने आवास से सीधे नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के लिए प्रस्थान करेंगी। वहां पहुंचकर वे अपनी विशेष बजट टीम के साथ राष्ट्रपति भवन के लिए निकलेंगी। राष्ट्रपति भवन में वे भारत की राष्ट्रपति को बजट की एक औपचारिक कॉपी सौंपेंगी और बजट पेश करने के लिए उनका अनुमोदन प्राप्त करेंगी।
जनवरी में India-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बजट की घोषणाओं पर करीब से नजर रख रही है। इस डील के तहत पूरी तरह से असेंबल की गई यूरोपीय कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी, जो अभी बहुत ज्यादा है, आने वाले सालों में धीरे-धीरे घटाकर लगभग 10% कर दी जाएगी।
बजट सेशन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस एग्रीमेंट से भारतीय बिजनेस के लिए नए मौके बने हैं। उन्होंने मैन्युफैक्चरर्स से क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को बेहतर बनाने के लिए कहा ताकि वे बेहतर मुकाबला कर सकें और नए ग्लोबल मार्केट तक पहुंच का फायदा उठा सकें।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भरोसा जताया है कि 2026-27 का बजट अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री ने पिछले कुछ सालों में शानदार केंद्रीय बजट पेश किए हैं और यह उनका नौवां बजट होने के नाते, यह भी अलग नहीं होगा। उन्होंने कहा, "यह एक अच्छा बजट होगा, मुझे पूरा भरोसा है कि यह बहुत अच्छा बजट होगा।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बजट से कुछ विशेष सहायता की उम्मीद करनी चाहिए, तो मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों के माध्यम से इस क्षेत्र को निरंतर समर्थन दे रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार एमएसएमई के महत्व को लेकर बेहद सचेत रही है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाती है और टैक्स स्लैब को अधिक उदार बनाती है, तो इससे करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा फायदा होगा। मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी चिंता निवेश पर लगने वाला टैक्स भी है। स्क्रेपबॉक्स के मैनेजिंग पार्टनर सचिन जैन के अनुसार, नई टैक्स व्यवस्था ने अनुपालन (Compliance) को तो आसान बनाया है, लेकिन स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी की सख्त जरूरत है।
सरकार पिछले कुछ समय से नई टैक्स व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है, लेकिन मध्यम वर्ग अभी भी इसमें कुछ कमियां महसूस करता है। टैक्सपेयर्स की मांग है कि नई व्यवस्था में भी कुछ प्रमुख कटौतियों को वापस लाया जाना चाहिए। विशेष रूप से होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट, मेडिकल इंश्योरेंस का प्रीमियम (Section 80D) और बचत योजनाओं (Section 80C) में निवेश पर मिलने वाली राहत को नई व्यवस्था में शामिल करने की मांग जोर पकड़ रही है।
भारत के कमोडिटी एक्सचेंज और स्टॉक मार्केट आज खुले रहेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं।
बजट में सबसे सीधा असर इम्पोर्ट ड्यूटी यानी आयात शुल्क से पड़ सकता है। अगर बजट में सरकार इम्पोर्ट ड्यूटी कम करती है, तो भारत में चांदी सस्ती हो सकती है, जिससे ज्वेलरी खरीदने वालों और निवेशकों की मांग बढ़ेगी। लेकिन अगर सरकार ड्यूटी बढ़ा देती है या सख्त करती है, तो चांदी और महंगी हो जाएगी और आम ग्राहकों की खरीद घट सकती है।
सरकार के सामने खपत बढ़ाने और रोज़गार पैदा करने के साथ-साथ पूंजीगत खर्च बढ़ाने और राजकोषीय घाटे को कम करने की दोहरी चुनौती है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की अर्थव्यवस्था में 6.8% से 7.2% के बीच बढ़ने की उम्मीद है। सर्वे में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच लगातार विकास की संभावना है, जिसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है, लेकिन निराशावादी होने की नहीं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण कुछ ही घंटे दूर है। यूनियन बजट में कुछ ऐसे फैक्टर्स हैं जिनपर सभी की नजर टिकी होगी। इनमें राजकोषीय घाटा, पूंजीगत व्यय, कर्ज का रोडमैप, सरकार की उधारी, टैक्स रेवेन्यू, GST कलेक्शन और नॉमिनल GDP शामिल हैं।
केंद्रीय बजट 2026 का प्रसारण सरकारी चैनल दूरदर्शन और संसद टीवी पर किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भाषण अपस्टॉक्स के यूट्यूब चैनल पर भी लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।
पिछले चार सालों में मोदी सरकार ने सड़कों, रेलवे और टेलीकॉम नेटवर्क जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में हर साल $100 अरब से ज्यादा का निवेश किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह आगे भी जारी रहने की उम्मीद है, और कैपिटल खर्च GDP के लगभग 3% पर स्थिर रहने का अनुमान है।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा खर्च करके, प्राइवेट कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करके, और ट्रांसपोर्ट और सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाकर अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाए रखने पर फोकस रहने की संभावना है। इसे ग्लोबल जोखिमों, जैसे कि ट्रेड टेंशन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंच पर लगी पाबंदियों से भी निपटना होगा।
वित्त मंत्री ने 2024-25 के बजट भाषण में कहा था कि वित्त वर्ष 2026-27 से राजकोषीय नीति का प्रयास केंद्र सरकार के कर्ज को जीडीपी के प्रतिशत के रूप में कम करने का होगा। बाजार यह देखना चाहेगा कि सरकार कर्ज-जीडीपी अनुपात को कब तक 60% के लक्ष्य तक लाने की बात कहती है। 2024 में यह अनुपात 85% था, जिसमें केंद्र का हिस्सा 57% था।
इकोनॉमिक सर्वे ने FY26 में GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान लगाया है, जिसमें कुल प्रोडक्शन में लगभग 7.3% की बढ़ोतरी होगी। इस साल, ग्रोथ थोड़ी धीमी होकर 6.8% और 7.2% के बीच रहने की संभावना है, जबकि लॉन्ग-टर्म ग्रोथ 7% के करीब रहने की उम्मीद है। सर्वे ने एक विरोधाभास की ओर इशारा किया: भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है, लेकिन इसे अभी भी बाहरी जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर कैपिटल फ्लो और करेंसी पर दबाव के कारण।
संबंधित समाचार
इसको साइनअप करने का मतलब है कि आप Upstox की नियम और शर्तें मान रहे हैं।
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख
इसको साइनअप करने का मतलब है कि आप Upstox की नियम और शर्तें मान रहे हैं।