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  1. Nifty 50 में BSE की एंट्री, लेकिन Wipro बाहर, जानें शेयर पर क्या होगा असर

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Nifty 50 में BSE की एंट्री, लेकिन Wipro बाहर, जानें शेयर पर क्या होगा असर

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 30, 2026, 11:33 IST

सारांश

निफ्टी 50 में शामिल होने का BSE के शेयर पर एक बड़ा असर इंडेक्स फंड्स और ETF से आने वाली संभावित खरीदारी के रूप में देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक BSE के शेयरों में करीब $668 मिलियन यानी लगभग ₹5,500 करोड़ से ज्यादा का संभावित इनफ्लो हो सकता है।

BSE

Wipro में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी है और यह 160.28 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है।

BSE के शेयर आज 30 सितंबर से निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल हो गए हैं। NSE के साल में दो बार होने वाले इंडेक्स रीबैलेंसिंग के तहत BSE ने IT कंपनी Wipro की जगह निफ्टी 50 में एंट्री ली है। वहीं, Wipro अब Nifty Next 50 इंडेक्स का हिस्सा होगा। इस बीच आज BSE के शेयरों में 3.52 फीसदी की गिरावट है और यह 3,087.60 रुपये के भाव पर आ गया है। दूसरी तरफ Wipro में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी है और यह 160.28 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इंडेक्स में बदलाव से पहले मंगलवार, 29 सितंबर को मंथली एक्सपायरी के दिन रीबैलेंसिंग की गई।

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BSE में ₹668 मिलियन की खरीदारी का अनुमान

निफ्टी 50 में शामिल होने का BSE के शेयर पर एक बड़ा असर इंडेक्स फंड्स और ETF से आने वाली संभावित खरीदारी के रूप में देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक BSE के शेयरों में करीब $668 मिलियन यानी लगभग ₹5,500 करोड़ से ज्यादा का संभावित इनफ्लो हो सकता है।

दूसरी तरफ, Nifty 50 से बाहर होने के कारण Wipro के शेयरों में करीब $230 मिलियन से ज्यादा का आउटफ्लो आने का अनुमान है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि इंडेक्स में शामिल होने से आने वाला इनफ्लो शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं होता। यह मुख्य रूप से इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड्स की खरीदारी से जुड़ा होता है।

BSE के कारोबार पर ब्रोकरेज का भरोसा

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Macquarie का कहना है कि BSE की कमाई में बढ़ोतरी, मार्जिन में सुधार और उसके प्लेटफॉर्म के विस्तार की संभावनाएं कंपनी के लिए आगे ग्रोथ के मौके पैदा कर सकती हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच BSE का रेवेन्यू करीब 16% CAGR की दर से बढ़ सकता है। इसके पीछे नए मार्केट पार्टिसिपेंट्स की संख्या बढ़ने के साथ कैश इक्विटी और F&O सेगमेंट में BSE की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना को अहम कारण माना गया है।

BSE शेयर ने कैसा रिटर्न दिया?

पिछले 1 महीने में BSE के शेयरों में 6 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि पिछले 6 महीने में यह शेयर करीब 7.52 फीसदी बढ़ा है। इस साल अब तक इसमें 17 फीसदी की तेजी आ चुकी है। वहीं पिछले 1 साल में इसने 51 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

निफ्टी 50 में BSE की एंट्री कंपनी के लिए एक अहम घटना है और इससे इंडेक्स फंड्स की खरीदारी के कारण शेयर में गतिविधि बढ़ सकती है। लेकिन केवल इंडेक्स में शामिल होने से निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। BSE का मौजूदा वैल्यूएशन, भविष्य की कमाई, NSE के मुकाबले मार्केट शेयर और F&O बिजनेस में ग्रोथ जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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