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3 min read | अपडेटेड January 20, 2026, 10:06 IST
सारांश
भारत कोकिंग कोल (BCCL) के शेयरों में लिस्टिंग के दूसरे दिन भी जबरदस्त तेजी जारी है। कल 96 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट होने के बाद आज शेयर फिर से 6 फीसदी तक उछल गया है। स्टील सेक्टर में कोकिंग कोल की भारी मांग और कंपनी की मोनोपोली को इस तेजी का मुख्य कारण माना जा रहा है।
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भारत कोकिंग कोल के शेयरों में लिस्टिंग के बाद लगातार दूसरे दिन दिख रही है तेजी।
भारतीय शेयर बाजार में सरकारी कंपनियों का जलवा बरकरार है। कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के शेयरों में लिस्टिंग के दूसरे दिन भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। सोमवार को बाजार में धमाकेदार एंट्री करने के बाद आज मंगलवार को शुरुआती कारोबार में ही इस शेयर में 6 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया। सुबह 9:41 बजे तक एनएसई पर यह शेयर करीब 3.38 फीसदी की बढ़त के साथ 41.95 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। निवेशकों के बीच इस शेयर को लेकर मची होड़ यह साफ दिखा रही है कि बाजार को कंपनी के भविष्य पर पूरा भरोसा है।
भारत कोकिंग कोल का आईपीओ हाल के समय के सबसे सफल सरकारी आईपीओ में से एक साबित हुआ है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग सोमवार को 23 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 96 फीसदी प्रीमियम के साथ 45 रुपये के लेवल पर हुई थी। हालांकि लिस्टिंग के बाद इसमें थोड़ी मुनाफावसूली देखी गई थी, लेकिन आज दूसरे दिन फिर से खरीदारों ने इस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। बाजार खुलने के साथ ही इसमें अच्छी वॉल्यूम देखी जा रही है और निवेशक इसे लंबी अवधि के पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए सक्रिय दिख रहे हैं। NSE पर मौजूद डेटा को देखें तो डिविलरी में 36 फीसदी ट्रेड देखा जा रहा है।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कंपनी की बाजार में स्थिति है। भारत कोकिंग कोल देश में कोकिंग कोल की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी है। भारत के स्टील उत्पादन के लिए प्राइम कोकिंग कोल एक अनिवार्य कच्चा माल है और बीसीसीएल घरेलू स्तर पर इसका सबसे प्रमुख स्रोत है। बाजार के जानकारों का कहना है कि स्टील सेक्टर में जिस तरह से विस्तार हो रहा है, उसे देखते हुए कोकिंग कोल की मांग में कभी कमी नहीं आएगी। यही कारण है कि निवेशक इस कंपनी को एक सुरक्षित और मुनाफे वाले विकल्प के रूप में देख रहे हैं। इसके अलावा कंपनी की मोनोपोली वाली स्थिति भी इसे अन्य कंपनियों से अलग बनाती है।
भारत कोकिंग कोल के पास कोकिंग कोल का विशाल भंडार है। कंपनी झारखंड और पश्चिम बंगाल के झरिया और रानीगंज कोलफील्ड्स में 34 से ज्यादा खदानों का संचालन करती है। वित्त वर्ष 2025 में देश के कुल घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में इस कंपनी का योगदान करीब 58.5 फीसदी रहा था। कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया है और नई वाशरी बनाकर कोयले की गुणवत्ता में भी सुधार किया है। सरकारी सहयोग और कोल इंडिया का बैकअप होने की वजह से कंपनी को वित्तीय और तकनीकी रूप से काफी मजबूती मिली हुई है, जिसका फायदा अब शेयर बाजार में निवेशकों को मिल रहा है।
अगर कंपनी के पिछले कुछ सालों के वित्तीय प्रदर्शन को देखें तो इसमें काफी सुधार आया है। वित्त वर्ष 2023 में जहां कंपनी का मुनाफा 664.78 करोड़ रुपये था, वहीं मार्च 2025 तक यह बढ़कर 1,240.19 करोड़ रुपये के लेवल पर पहुंच गया। सितंबर 2025 तक कंपनी की कुल संपत्ति 18,711 करोड़ रुपये के पार जा चुकी है। कंपनी अब अंडरग्राउंड खदानों को फिर से खोलने और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से अपनी आय के सोर्स को और बढ़ाने पर काम कर रही है।
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